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अंकिता हत्याकाण्ड पर नहीं थम रहा गुस्सा: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अंकिता के गांव पहुंचे,सड़कों पर उतरकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया

देहरादून/गोपेश्वर/रूद्रपुर। अंकिता हत्याकाण्ड को लेकर लोगों का गुस्सा थम नहीं रहा है। अंकिता के हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को भी सड़कों पर उतरकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को विरोध में गोपेश्वर में बाजार बंद किया गया। वहीं चमोली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंका और आरोपितों को फांसी की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सोमवार को अंकिता के गांव श्रीकोट पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। हरीश रावत ने कहा कि कुछ सत्ताधारी नेताओं की शह पर पहाड़ की भोली भाली बच्चियों को देह व्यापार में धकेलने का प्रयास किया जा रहा है। यह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि अंकिता पूरे प्रदेश की बेटी थी उसे न्याय जरूर मिलेगा। आरापियों को सजा जरूर होगी उन्हें विश्वास है। उधर देहरादून में अंकिता हत्याकांड के आरोपितों को फांसी दिए जाने की मांग को लेकर विधानसभा के समक्ष विभिन्न संगठनों द्वारा धरना प्रदर्शन किया। यूकेडी कार्यकर्ताओं ने आरोपितों को फांसी की सजा दिए जाने को लेकर गांधी पार्क से घंटाघर तक रैली निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, टिहरी, घनशाली, नई टिहरी में भी आक्रोशित लोगों व व्यापारियों ने जुलूस निकालकर हत्या के आरोपितों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की। उधर राज्य कर्मचारियों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर दुख जताया है। 20 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलनरत कार्मिकों ने मंगलवार को प्रस्तावित प्रदेशव्यापी महारैली को स्थगित कर अंकिता को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया है। रुद्रपुर-अंकिता हत्याकांड पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष जसपाल सिंह के नेतृत्व में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। जसपाल सिंह ने कहा इस घटना ने राज्य में राजस्व पुलिस प्रणाली के औचित्य पर भी सवाल खड़ा किया है इस पर गंभीरता से विचार करना होगा। एसडीआरएफ की कड़ी मेहनत के कारण घटना के 6 दिन बाद अंकिता भण्डारी का शव बरामद हो सका। एसडीआरएफ ने और पुलिस की टीम ने अपना काम सही तरीके से किया। लेकिन 5 दिन तक एफआईआर दर्ज न किया जाना, जबकि 19 सितंबर से मामला लगातार मीडिया में उछल रहा था, सोशल मीडिया में लगातार लोग इसका संज्ञान ले रहे थे, ऐसे में तहसील प्रशासन, जिला प्रशासन और सरकार ने मामले का संज्ञान नहीं लिया, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा भाजपा का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा अब भाजपा से बेटी बचाओ बन गया है। रिपोर्ट दर्ज न करने के लिए जो दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान आनंद मेसी, जसवंत कौर जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा आम आदमी पार्टी, कश्मीर कौर विधानसभा अध्यक्ष नानकमत्ता, शारदा राणा, आनंद सिंह राणा प्रदेश अध्यक्ष आम आदमी पार्टी आदि मौजूद थे।

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