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फार्मासिस्ट की आत्महत्या से मचा हड़कंपः लकड़ी की फंटी से महिला पशु चिकित्साधिकारी पर किया था हमला

हल्द्वानी(उद संवाददाता)। उत्तराखंड में विभागीय अधिकारी व कर्मचारी के बीच एक दूसरे के तबादले को लेकर चल रहे विवाद के चलते जानलेवा हमला करते व आत्महत्या करने का सनसनीखेज मामले से महकमों में हड़कंप मच गया है। राजकीय पशु चिकित्सालय कुंवरपुर में तैनात महिला पशु चिकित्साधिकारी पर उनके ही कार्यलय में तैनात फार्मासिस्ट ने जानलेवा हमला कर दिया। मारपीट के दौरान सिर में लकड़ी की फंटी से वार करने पर पशु चिकित्साधिकारी लहूलुहान हो गई। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लाया गया हैं। वहीं हमले के बाद फार्मासिस्ट ने भी जहर खा लिया है। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई है। नैनीताल जिले के कुंवरपुर राजकीय पशु चिकित्सालय में डाक्टर व फार्मासिस्ट के बीच विवाद बढ़ गया। दोनों एक-दूसरे के तबादले की मांग उच्चाधिकारियों से कर चुके थे। तबादले का विवाद इतना बढ़ गया कि फार्मासिस्ट ने पशु चिकित्साधिकारी पर जानलेवा हमला किया। इसके बाद संदिग्ध हालत में जहर के सेवन से फार्मासिस्ट की मौत हो गई। मृतक फार्मासिस्ट भुवन चंद्र जोशी के दो बेटे व एक बेटी है। उनके बड़े बेटे सौरभ का कहना है कि पिता को पशु चिकित्साधिकारी काम नहीं करने देती थी। पिता को आत्महत्या के लिए उकसाया गया है। बताया जा रहा है कि फार्मासिस्ट ने भी पशु चिकित्साधिकारी के तबादले की मांग की थी। वहीं पशु चिकित्साधिकारी विनीता का कहना है कि वह चार साल से अस्पताल में है। तभी से भुवन भी अस्पताल में काम करता था। उनका कहना है कि भुवन उनके निर्देश का पालन नहीं करता था। उसके तबादले के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया गया।पशु चिकित्साधिकारी ने पुलिस को बताया कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को फार्मासिस्ट भुवन को अपने कार्यालय में बुलाया था। जहां भुवन को बताया कि उसका तबादला होने वाला है। भुवन यह बात सुनते ही आक्रोशित हो गया। शनिवार को आफिस में आते ही उनपर हमला कर दिया। इसके बाद खुद ही जहर खाया। पुलिस के मुताबिक सल्फास जहर खाने से फार्मासिस्ट की मौत हुई है।पशु चिकित्साधिकारी के पति मनोज जंगपांगी ने बताया कि उनकी पत्नी के सिर में आठ टांके आए हैं। फार्मासिस्ट ने उनकी पत्नी पर जानलेवा हमले का प्रयास किया था। इसके बाद खुद ही जहरीला पदार्थ खाकर जान दी। फार्मासिस्ट व पशु चिकित्साधिकारी के बीच शनिवार को आफिस खुलते ही विवाद हो गया था। 10ः30 बजे पशु चिकित्साधिकारी सिर में चोट से लहुलूहान हुई तो चंद मिनट बाद ही फार्मासिस्ट ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहर का सेवन किया। दोनों के बीच विवाद व फार्मासिस्ट की मौत से आफिस में मातम पसर गया। पिता के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही तीनों बच्चे पहुंच गए। पिता की मौत से वह सदमे में थे। पुलिस व मीडिया कर्मियों के सवाल पर बोले पिता नहीं रहे किसे सुनाएं दुखड़ा अपना। वहीं बच्चों की आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।बताया जा रहा है कि जहर खाने के बाद फार्मासिस्ट अस्पताल के सामने सड़क के पार बेसुध पड़े थे। लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। लोगों ने भुवन चंद्र के परिवार को फोन किया। उनका बेटा सौरभ पंत मां रेखा को लेकर अस्पताल पहुंचा। एसटीएच में इलाज के दौरान फार्मासिस्ट की मौत हो गई। रविवार को शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। भुवन के बेटी प्रियंका, बेटा सौरभ और दीपक हैं। मूलरूप से बागेश्वर के रहने वाले भुवन चंद्र पंत आरके टेंट हाउस कुसुमखेड़ा में परिवार के साथ रहते थे। सौरभ ने बताया कि जिस समय उनके पास फोन पहुंचा तब वह घर में पढ़ाई कर रहे थे। उन्हें पिता की तबीयत खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिली थी। अस्पताल पहुंची भुवन चंद्र की पत्नी रेखा को पति की मौत की खबर मिली तो उनकी भी हालत बिगड़ गई थी। सौरभ की ओर से काठगोदाम थाने में पशु चिकित्साधिकारी पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने और अनावश्यक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए तहरीर सौंपी गई है। बहरहाल विभागीय कर्मचारी की मौत को लेकर उच्चाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे है। जबकि महिला पशुचिकित्साधिकारी पर जबरन तबादले का दबाव बनाने के आरोप लगाने से विवाद बढ़ सकता है। पीड़ित परिवार ने सरकार से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

ट्रांसफर करने पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप,पुलिस ने दर्ज किया क्रास केस
हल्द्वानी। कमलुवागांजा निवासी विनीता टोलिया जंगपांगी ने बताया कि वह राजकीय पशु चिकित्सालय कुंवरपुर में पशु चिकित्सा अधिकारी है। अस्पताल में भुवन चंद पंत नाम का शख्स फार्मेसिस्ट है। उनका कहना है कि फार्मासिस्ट कुछ काम नहीं करता है। इसके लिए उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक दिन पहले विभागीय अधिकारी ने भुवन को बुलाया और ट्रांसफर होने की जानकारी दी। इससे भुवन आक्रोशित हो गया।पशु चिकित्साधिकारी के मुताबिक शनिवार को सुबह 10ः00 बजे वह अस्पताल पहुंची। इस बीच भुवन आक्रोशित होकर उनके आॅफिस में आया और हाथ में फंटी लेकर सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद उनके पति मौके पर पहुंचे और अस्पताल लेकर आए। जहां उनका इलाज चल रहा है। इधर, चर्चा है कि फार्मासिस्ट ने हमले के बाद जहर खा लिया। एसओ प्रमोद पाठक ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि फार्मासिस्ट पिछले चार साल से अस्पताल में तैनात थे। काम न करने की वजह से कई बार उनसे कहासुनी हुई थी। उच्चाधिकारियों ने भी उन्हें समझाया था। बताया जा रहा है कि भुवन चंद्र को किसी ने यह सूचना दी थी कि पशु चिकित्साधिकारी के कहने पर उनका तबादला किया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इसी बात पर उन्होंने मारपीट का कदम उठाया। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जब भुवन चंद्र पंत हमला करने की नीयत से उनके कार्यालय में पहुंचे उस समय अस्पताल में अन्य कर्मचारी मौजूद नहीं थे। कर्मचारी टीकाकरण के लिए गए हुए थे। वहीं पशुचिकित्साधिकारी व फार्मसिस्ट के विवाद की घटना को लेकर एसएसपी पंकज भट्टð ने जांच के निर्देश दिये है। उन्हेोंने बताया कि सुबह की घटना के बाद पशु चिकित्साधिकारी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर फार्मासिस्ट भुवन चंद्र पंत के खिलाफ धारा 325 के तहत नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। वहीं फार्मासिस्ट की मौत के बाद उनके बेटे सौरभ पंत की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. विनीता टोलिया जंगपांगी के खिलाफ भी आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है।

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