February 11, 2026

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बीएसफ जवान की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि

काशीपुर। माॅर्निंग वाॅक के लिए निकले सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ के एक जवान की ट्रेन की चपेट में आकर दर्दनाक मौत हो गई। जवान का पार्थिव शरीर आज तड़के फरीदाबाद से पैतृक शहर काशीपुर लाया गया। आज सुबह गंगे बाबा रोड स्थित श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। इस मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम थी। जानकारी के मुताबिक मूल रूप से बिहार के जनपद सिवान, थाना नौतन बाजार के गांव तिलमापुर निवासी रंजीत सिंह ;44 वर्षद्ध पुत्र रामायण सिंह वर्ष 1965 से काशीपुर के मोहल्ला सुभाष नगर में मकान बनाकर रह रहे थे। वह 95 बैच के थे । वह बीएसएफ के हाजी बाग कैंप में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह मुख्य आरक्षी के पद पर थे और डीजी बीएसएफ एमटी पुल आरके पुरम सेक्टर 1दिल्ली में चालक थे। ओल्ड फरीदाबाद में उन्होंने आवास बना रखा था । जवान के साथ ही उसके जुड़वा बच्चे 17 वर्षीय बेटा व बेटी साथ में रहते थे। पता चला है कि रोजाना की भांति गत शुक्रवार की सुबह लगभग 6ः30 बजे रंजीत सिंह माॅर्निंग वाॅक के लिए निकले। बताया गया कि रेल लाइन के किनारे पगडंडी से होकर वह गंतव्य की ओर जा रहे थे इसी दौरान उधर से होकर गुजर रही ट्रेन ने जवान को चपेट में ले लिया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर जैसे ही बीएसएफ के आला अफसरों को मिली वह तत्काल मौके पर पहुंच गए। इस दौरान फोन पर मामले की सूचना जवान के परिजनों को दी गई। घटना की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। आज तड़के शहीद जवान का शव आर्मी की गाड़ी में रख कर काशीपुर लाया गया। पति का पार्थिव शरीर देख पत्नी दहाड़े मारकर रोते हुए गश खाकर गिर पड़ी। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। दिवंगत जवान की एक झलक पाने के लिए सुबह स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटी। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष खिलेंद्र चैधरी, नामित पार्षद तेजवीर सिंह चैहान, पार्षद मोनू आदि ने भी मौके पर पहुंच कर शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाया।  बीएसएफ के एएसआइ मिल्लूराम शनिवार सुबह जवान का पार्थिव शरीर लेकर काशीपुर पहुंचे। अंतिम दर्शनों के बाद जवान के पार्थिव शरीर को जवानों ने तिरंगे से ढक दिया। शव यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान भारत माता की जय के गगनभेदी नारों से इलाका गुंजायमान हो उठा। श्मशान घाट पर छाबला कैंप 25 बटालियन के एसआइ धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में नौ सदस्सीय गारद टीम ने सलामी दी। इस तरह सैन्य सम्मान के साथ रंजीत सिंह की अंत्येष्टि की गई। जवानों ने रंजीत के असमय निधन को अपूरणीय क्षति बताया। कहा कि रंजीत डड्ढूटी के प्रति सजग होने के साथ ही बेहद मृदुभाषी व व्यवहार कुशल थे। बताया कि बटालियन में शहीद रंजीत सिंह की कमी हमेशा खलती रहेगी।

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