February 14, 2026

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दुर्लभ पैंगोलिन के साथ एक तस्कर दबोचा

दुर्लभ पैंगोलिन के साथ एक तस्कर दबोचा
काशीपुर(उत्तरांचल दर्पण संवाददाता)। पुलिस व वन विभाग की संयुक्त कार्यवाही के दौरान एक व्यक्ति को दुर्लभ प्रजाति के पेंगोलिन सर्प के साथ गिरफ्तार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद पेंगोलिन की कीमत 20 लाख के आस-पास आंकी जा रही है। इस कार्यवाही में कुंडेश्वरी पुलिस की भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक जरिए मुखविर पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति दुर्लभ प्रजाति के बेशकीमती सर्प को ठिकाने लगाने की फिराक में है। इसी सूचना पर हरकत में आई पुलिस वन विभाग की टीम में संयुक्त कार्यवाही करते हुए केला मोड़ कुंडेश्वरी मोटर मार्ग पर घेराबंदी कर बाइक सवार युवक को दबोच लिया। जामा तलाशी में उसके कब्जे से दुर्लभ प्रजाति का पैंगोलिन सर्प बरामद हुआ जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख आंकी जा रही है। पूछताछ में पकड़े गए तस्कर ने अपना नाम रंजीत पुत्र कश्मीर सिंह निवासी ग्राम थारी रामनगर बताया। आरोपी रंजीत ने बताया कि पेंगोलिन सांप लेकर सात लोग आये थे जिन्होंने उसे डेढ़ लाख रुपये देने की बात कहकर सांप को किसी और के पास पहुचाने के लिये कहा। आरोपी की माने तो कुंडेश्वरी पुलिस ने उन सातों आरोपियों को छोड़ दिया जो असल मुजरिम थे। पुलिस व वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा केलामोड कुंडेश्वरी मोटर मार्ग पर ग्राम खरमासा के पास अभियुक्त रंजीत सिंह पुत्र कश्मीर सिंह निवासी ग्राम थारी तहसील व थाना रामनगर जिला नैनीताल उम्र 30 वर्ष को अपने निजी मोटरसाइकिल रजिस्ट्रेशन नंबर यूके 19-8219 हौंडा शाइन में एक सफेद कट्टे में दुर्लभ प्रजाति का पैंगोलिन (सल्लू शाॅप) बरामद किया गया। कार्यवाही करने वाली टीम में वन विभाग के रेंजर अभिलाष वीर सक्सेना,मोहन चंद पांडे वन दरोगा,ओमप्रकाश वन दरोगा, कैलाश चंद्र नगरकोटी प्रभारी चैकी कुंडेश्वरी, कैलाश तोमक्याल,कांस्टेबल जनरैल सिंह, गिरीश कांडपाल, अमरीश बन एसओजी काॅन्स्टेबल दीवान बोरा, कांस्टेबल केदार सिंह शामिल रहे। इस मामले में कुंडेश्वरी पुलिस की भूमिका आरोपी के मुताबिक संदिग्ध हो गई है।
दुनियाभर में होती है पैंगोलिन की तस्करी
काशीपुर। पैंगोलिन एक ऐसा जानवर है जिसकी दुनिया में सबसे अधिक अवैध तस्करी होती है। इसके मांस को जहां चीन और वियतनाम समेत कुछ दूसरे देशों में बेहद चाव से खाया जाता है वहीं इसका उपयोग दवाओं के निर्माण में भी होता है। खासतौर पर चीन की पारंपरिक दवाओं के निर्माण में इसका ज्यादा इस्तेमाल होता है। इंटरनेशनल यूनियन फाॅर कंजरवेशन आॅफ नेचर के मुताबिक दुनियाभर के वन्य जीवों की अवैध तस्करी में अकेले 20 फीसद का योगदान पैंगोलिन का ही है।

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