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लाॅकडाउन में शराब घोटाले की आशंका

रूद्रपुर(उद संवाददाता)। जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष संदीप चीमा लाॅकडाउन के दौरान राशन घोटाले की तर्ज पर शराब में भी बड़े घोटाले की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि शराब के गोदामों और एफएल 2 के गोदामों में स्टाॅक का सत्यापन निष्पक्षता से किया जाये तो बड़ा खेल खुलकर सामने आ सकता है। मीडिया को जारी बयान में पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष चीमा ने कहा कि लाॅक डाउन के दौरान विभिन्न स्थानों पर शराब की कालाबाजारी की सूचनाएं मिली है। इसमें संभावित घोटाले का पता लगाने के लिए तत्काल सभी ठेकों की जाँच की जानी चाहिए। चीमा नें कहा कि 21 मार्च 2020 को तालाबंदी की घोषणा के समय ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व आबकारी मंत्री मदन कौशिक ने समस्त देसी, अंग्रेजी शराब के ठेकों व गोदामों को सील करा देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जिलाधिकारी द्वारा भी इन ठेकों को सील कराने की कार्यवाही नहीं की गई। अब जब अनेकों जगहों पर दुगनें रेटों पर शराब उपलब्ध होने की लगातार शिकायतें मिल रही है, तो इन ठेकों को तत्काल सील करनें, उनके स्टाॅक का सत्यापन करनें, रिकाॅर्ड की जाँच करने की आवश्यकता है। जनता को यह जानने का हक है कि क्या इस शराब में भी राशन की तरह कालाबाजारियों नें कोई खेल खेला है? यदि स्टाॅक में गड़बड़ है तो यह पता लगाया जाना जरूरी है कि इसमें कौन कौन से शराब माफियाओं ने पौ बारह कर ली। इसमें उधम सिंह नगर के आबकारी विभाग की भूमिका की जाँच को भी शामिल किया जाना भी जरूरी है। संदीप चीमा नें आगे कहा कि यदि यह जाँच हो जाये, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जब ऐसी खबरें उठी हैं, तो उनकी सत्यता का पता लगाना भी न्याय की दृष्टि से बहुत जरूरी हो जाता है, ताकि जनता जनार्दन को सही स्थिति का पता चले।

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