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राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझौते से निपटे 9083 मामले

रुद्रपुर। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशानुसार शनिवार को जनपद ऊधम सिंह नगर के समस्त न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिकन्द कुमार त्यागी की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाना रहा। पूरे आयोजन का कुशल संचालन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण योगेन्द्र कुमार सागर के निर्देशन में संपन्न हुआ।लोक अदालत को सुचारू रूप से चलाने के लिए मुख्यालय और बाह्य स्थित न्यायालयों को मिलाकर कुल 21 लोक अदालत पीठों का गठन किया गया था। इन पीठों में न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने आपसी सुलह के आधार पर मामलों का निस्तारण किया। लोक अदालत पीठों का संचालन मुख्य रूप से द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना देउपा, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अनिता गुंजियाल, सिविल जज सीनियर डिवीजन गुंजन सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रुद्रपुर जयेंद्र सिंह, प्रथम अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन हेमंत सिंह, तृतीय अपर सिविल जज नीरज कुमार, सिविल जज जूनियर डिवीजन रिजवान अंसारी तथा प्रथम अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन रुद्रपुर शंभुनाथ द्वारा किया गया।वहीं काशीपुर क्षेत्र में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज गर्व्याल, सिविल जज सीनियर डिवीजन धर्मेन्द्र शाह, सिविल जज जूनियर डिवीजन पूनम तोड़ी, द्वितीय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन आयशा फरहीन और तृतीय अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन सृष्टि बनियाल ने पीठों का नेतृत्व किया। खटीमा में सिविल जज सीनियर डिवीजन तृचा रावत व अपर सिविल जज प्रकाश चंद, बाजपुर में सिविल जज जूनियर डिवीजन सुमन भंडारी, जसपुर में सिविल जज जूनियर डिवीजन जहाँ आरा अंसारी, सितारगंज में सिविल जज जूनियर डिवीजन रुचिका नरूला और किच्छा में सिविल जज जूनियर डिवीजन कृष्टीका गुंज्याल सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने मामलों का सफल निस्तारण कराया।लोक अदालत के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्री लिटिगेशन स्तर पर कुल 3339 मामलों को चिन्हित किया गया था और शत प्रतिशत सफलता प्राप्त करते हुए इन सभी 3339 मामलों का निस्तारण आपसी समझौते से किया गया। इसमें कुल 5,65,80,932 रुपये की धनराशि का समझौता हुआ। इसी प्रकार विभिन्न न्यायालयों में लंबे समय से लंबित 5744 मामलों का निस्तारण लोक अदालत पीठों द्वारा किया गया जिसमें कुल 10,39,11,559 रुपये की धनराशि का सेटलमेंट कराया गया। इस प्रकार लोक अदालत के माध्यम से कुल 9083 मामलों का निस्तारण कर करोड़ों रुपये की धनराशि जमा कराई गई।राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान वादकारियों, अधिवक्ताओं एवं आमजन की सुविधा के लिए न्यायालय परिसरों में पुख्ता व्यवस्थाएँ की गई थीं। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण योगेन्द्र कुमार सागर द्वारा उपस्थित न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के लिए सूक्ष्म जलपान का भी प्रबंध किया गया। लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को सस्ता और सुलभ न्याय मिलने के साथ ही न्यायालयों में लंबित वादों के बोझ कोकम करने में बड़ी मदद मिली है।

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