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करोड़ों की ठगी करने वाले दो भाई गिरफ्तार

काशीपुर। लोगों को प्रलोभन देकर धन दोगुना करने व उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में शाखाएं खोलकर सैकड़ों एजेंटों की नियुक्ति कर करोड़ों की ठगी करने वाले दो शातिर ठग भाईयों को ेपुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यहां कोतवाली परिसर में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी वरिंदर जीत सिंह ने बताया कि थाना आईटीआई में ठगी का मामला दर्ज कराया गया था जिसके पश्चात एएसपी व सीओ के दिशा निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक काशीपुर चंचल शर्मा व थानाध्यक्ष आईटीआई कुलदीप सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि मुखबिर की सूचना पर आज तड़के पुलिस टीम ने रोडवेज बस अड्डा मुरादाबाद से दो ठगों को गिरफ्तार किया जिन्होंने अपना नाम पता ग्राम मरघटी थाना टांडा जिला रामपुर उत्तर प्रदेश निवासी हाल निवासी विशालनगर जसपुर खुर्द थाना आईटीआई ओमवीर सिंह यादव पुत्र राजेंद्र सिंह व यहीं के निवासी महेंद्र यादव पुत्र राजेंद्र सिंह बताया। एसएसपी ने बताया कि ओमवीर अपने भाई महेंद्र सिंह, संजय सिंह व माता पिता के साथ ग्राम मरघटी से वर्ष 2008में काशीपुर आया और किरायेदार के रूप में रहने लगा। महेंद्र आयुर्वेदिक दवाई जिसमें जैतून का तेल, त्रिफला चूर्ण व गुप्त रोगों की दवा बेचने का काम करने लगा जबकि संजय व ओमवीर मल्टी वाल काशीपुर में नौकरी करने लगे। उनके पिता राजेंद्र नेत्रहीन हैं। महेंद्र द्वारा दवाईयों से पैसा कमाकर एक प्लाट खरीदा गया। लोगों को जोड़ने के लिए इसमें एक मंदिर सत्यधाम अर्धनारीश्वर मंदिर का निर्माण कराया। भक्तिभाव व धर्म का सहारा लेकर लोगों को अपने साथ जोड़ा। एसएसपी ने बताया कि मंदिर को सत्यधाम अर्धनारीश्वर मंदिर समिति के नाम से वर्ष 2012 में पंजीकृत भी कराया। आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से महेंद्र गरीब लोगों की सहायता के नाम पर 13500 रूपए जमा कराकर जमाकर्ता की पुत्रियों की शादी में इलेक्ट्रानिक सामान जिसमें वाशिं गमशीन, सिलाई मशीन, एलईडी, फ्रिज,कूलर आदि देने का प्रस्ताव तैयार कर कार्य आरम्भ किया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, रामपुर, भोजपुर, सिरसी,डिडौली, बिजनौर, मिलक खानम, बिजार खाता, गंगापुर, कदीम, सीकमपुर पटवई आदि शहरों के साथ उत्तराखंड के केलाखेड़ा, काशीपुर, गढ़ीनेगी, कुण्डा, बाजपुर आदि स्थानों पर शाखाएं खोलकर प्रचार प्रसार कर लोगों को अपने साथ जोड़ने लगा। उसने 13500 व 27000 आदि तथा शादियों में मोटरसाइकिलें भी देने की योजना बनाकर मोटरसाइकिल की कीमत से 15हजार रूपए कीमत भी जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया। एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2016 में पैसों के बंटवारे व लेनदेन को लेकर ओमवीर व महेंद्र के बीच मनमुटाव हुआ जिसके बाद ओमवीर ने महेंद्र से अलग होकर कुआंखेड़ा काशीपुर में मानव सेवा एवं जनकल्याण समिति का गठन किया और रजिस्टर्ड कराया। यह कार्य आर्थिक लाभ कमाने के उददेश्य से किया गया साथ ही अनेक स्थानों पर शाखाएं खोलकर शाखा प्रबंधकों की नियुक्ति कर निर्धन लोगों से धन एकत्र किया। ओमवीर ने दो वर्ष में जमा धन को दोगुना करने के नाम पर लोगों से एफडी का कार्य भी शुरू किया। प्राप्त धन से डा. अम्बेडकर स्मारक ट्रस्ट सोसायटी 65लाख रूपए में खरीदी और समिति के प्रति विश्वास बनाने के लिए मानव सेवा पब्लिक स्कूल की स्थापना की जहां नर्सरी से कक्षा 5 तक के 130 बच्चों को निःशुल्क प्रवेश व शिक्षा दी गयी। उन्होंने बताया कि स्कूल की जमीन व उस पर तैयार भवन जो करीब 2करोड़ रूपए का है तैयार किया गया। मानव गौशाला कमेटी का गठन कर करीब 100 गायें खरीदीं जिनकी कीमत करीब 2करोड़ रूपए है। इतना ही नहीं, अंशिका ट्रेडर्स फर्म का निर्माण करने के साथ साथ कई स्थानों पर प्लाट व जमीनें खरीदीं। खुलासा होने पर अभियुक्त ट्रस्ट छोड़कर अचानक फरार हो गये जिस कारण पुलिस को विवेचना करने में परेशानियां आयीं। उन्होंने बताया कि अभियुक्तगणों का पुलिस कस्टडी में रिमांड लेकर अभियोग से संबंधित दस्तावेजों को कब्जे में लेकर विवेचना में शामिल किया जायेगा। शातिर ठग भाईयों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में कोतवाल चंचल सिंह, थानाध्यक्ष आईटीआई कुलदीप सिंह, एसएसआई विनोद जोशी, एसआई विनोद फर्त्याल, अर्जुन गिरी, प्रकाश सिंह, कौशल भाकुनी, कैलाश नगरकोटी, दिनेश बल्लभ, कां. जरनैल सिंह, शमीम अहमद, रमेश कांडपाल, महेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, दलीप सिंह, प्रियंका कम्बोज व सुरेंद्र सिंह शामिल थे।

ठगों की सम्पत्ति और बैंक खाते होंगे सीजःएसएसपी
काशीपुर। एसएसपी वरिंदरजीत सिंह ने ठगी के मामले का खुलासा करने के दौरान बताया कि इस मामले में पकड़े गये दोनों मुख्य आरोपियों के 17बैंक खातों व करोड़ों की कीमत की चल व अचल सम्पत्ति को न्यायालय के माध्यम से सीज किया जायेगा साथ ही उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वह अपनी जमा पूंजी निजी लोगों के हवाले न कर सरकारी बैंकों में जमा करायें ताकि उनकी पूंजी सुरक्षित रह सके। उन्होंनेे बताया कि ठगी के मामले में आठ लोगों के खिलाफ कोतवाली मेें जबकि चार लोगों के खिलाफ आईटीआई थाने में रपट दर्ज करायी गयी थी जिसमें मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि शेष 10लोगों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिये गये हैं।

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