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भर्ती होने पर ही मिलेगा आयुष्मान कार्ड का लाभ

अनिल सागर
देहरादून। लोकसभा चुनाव से पूर्व सरकार जहां आयुष्मान योजना को भुनाने में लगी है वही सरकारी अस्पताल से लेकर प्राईवेट अस्पताल सरकारी की इस महत्वकांशी योजना पर पलीता लगा रहें है, अस्पताल में मरीज की जांच में जो भी खर्चा आ रहा है उसका भुगतान मरीज को अपने जेब से करना पड़ रहा है, जिसका लाभ प्राईवेट अस्पताल खुली लूट मचा रहें है। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश के कई लाख परिवार को स्वास्थ्य कार्ड जारी किये है, इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार के सदस्य का गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है, प्रदेश में अब तक सात लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड बन चुके है। इस कार्ड से प्रत्येक परिवार के सदस्य का 5 लाख तक का ईलाज निःशुल्क है, जिसमें करीबन 70 गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है। साथ ही प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों के साथ ही प्रदेश के कई नामी गिरामी अस्पताल भी इस योजना के दायरें में है। लोगों में योजना को लेकर काफी राहत महसुस हो रही थी। लेकिन सरकारी की इस महत्वकांशी योजना को अस्पताल पलीता लगाते नजर आ रहें है, सरकारी व प्राईवेट अस्पताल में जब कोई मरीज ईलाज कराने जाता है तो उसकी कई प्रकार की जांच कराई जाती है, इन जांचो पर 500 से लेकर 20 हजार तक का खर्चा अनुमन आ जाता है, आयुष्मान कार्ड धारक जब ईलाज के पश्चात आयुष्मान कार्ड दिखाता है तो उसे बताया जा रहा है किये कार्ड मरीज के भर्ती होने पर ही लागु होगा, इससे पूर्व के ईलाज व जांच का भुगतान मरीज को करना होगा। ऐसे में आयुष्मान कार्ड धारक अपने को ठगा महसुस कर रहें है। देहरादून निवासी माया के मुताबि उन्होंने कारेनेशन में पथरी की जांच कराने ये सोचकर गई कि उनके पास आयुष्मान योजना कार्ड है लेकिन बाद में जांच पश्चात उनसे जांच का पुरा भुगतान ले लिया गया। इसी तरह राजधानी समेंत कई अस्पताल में ऐसे मामले सामने आ रहें है, जिससे सरकार की ये योजना धरातल पर उतरने से पूर्व ही लटकती नजर आ रही है, इस योजना का क्षेय सरकार तो जोर शौर से ले रही है, लेकिन सरकारी मशीनरी व अस्पताल इस योजना पर पलीता लगाते दिख रहें है। इससे सरकारी की छबि भी धुमिल हो रही है। अगर जांच का पैसा मरीज को ही देना है तो योजना लांच करते हुये समय स्वास्थ्य विभाग ने इस बात का खुलासा नही किया ।
सीएमओ कार्यालय में धूल फांक रहें लाभार्थियों के पत्र
देहरादून। आयुष्मान योजना के प्रति सरकारी मशीनरी कितनी गंभीर है इसका पता देहरादून के सीएमओ अस्पताल में लावारिस हालत में पड़े आयुष्मान कार्ड धारकों के पात्रों से पता चलता है। स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना के पात्रों के पत्र डाक से भिजवाने थे लेकिन ये पत्र बोरो और जमीन पर सीएमओ दफ्तर में लावारिस हालत पड़े है, ये पत्र लाभार्थियों को भिजवाने थे, जिसमें बार कोड अंकित है और आयुष्मान कार्ड न होने पर ईलाज भी इस पत्र से मिल सकता है।
जांच के नाम निजी अस्पतालों में खुली लूट
देहरादून। प्राईवेट अस्पतालों में जांच के नाम पर मरीजों को लुटा जा रहा है, आयुष्मान कार्ड धारक मुफ्त ईलाज के चक्कर में सरकारी अस्पताल जाने के बजाय राजधानी के मंहगे सुचीबद्व अस्पतालों में जा रहा है, लेकिन मरीज को जांच के बाद जब उसे जांच का शुल्क बसुला जा रहा है, आयुष्मान कार्ड धारक होने के बावजुद उनसे जांच का भुगतान लेकर प्राईवेट अस्पताल लुट रहें है। अस्पतालों भी अपनी मनमानी कर कई तरह की जांच कर रहें है।

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