February 14, 2026

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स्मैक और छह हजार रूपये के लिए हुई थी विपिन की हत्या

गदरपुर(उत्तरांचल दर्पण संवाददाता)। दस माह पूर्व बिलासपुर रोड पर संदिग्ध परिस्थितियों में क्षत विक्षत अवस्था में मिले युवक के शव के मामले की जांच कर रही पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घटना का खुलासा करते हुए इस हत्याकाण्ड को अंजाम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सोमवार को थाना कार्यालय में पुलिस क्षेत्राधिकारी बाजपुर दीपशिखा अग्रवाल ने पत्रकारों के साथ वार्ता करते हुए बताया कि बीती 15 अक्टूबर 2019 को ग्राम अमरपुरी हाल वार्ड नंबर 10 गदरपुर निवासी शेर बहादुर शुक्ला ने पुलिस को तहरीर सौंप कर बताया था कि 13 अक्टूबर 2019 को ब्लाॅक काॅलोनी गदरपुर निवासी लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा उनके पुत्र विपिन शुक्ला को मोटरसाइकिल सहित घर से बुलाकर ले गया था लेकिन उनका बेटा घर वापस नहीं लौटा। इस संबंध में पुलिस ने विपिन शुक्ला की गुमशुदगी दर्ज की थी। 21 अक्टूबर 2019 को विपिन शुक्ला का संदिग्ध परिस्थितियों में क्षत-विक्षत अवस्था में शव ग्राम चकफेरी बिलासपुर जिला रामपुर में सड़क के किनारे झाड़ियों में बरामद हुआ था जिसका बिलासपुर पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया था। 15 नवंबर 2019 को शेर बहादुर शुक्ला द्वारा लखविंदर सिंह उर्फ लक्खा के खिलाफ अपने पुत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी गई। जिस पर पुलिस द्वारा धारा 302 व 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई। मामले की जांच कर रहे थानाध्यक्ष जसविंदर सिंह द्वारा आरोपी लखविंदर सिंह लक्खा से कई बार पूछताछ की गई लेकिन वह लगातार पुलिस को गुमराह कर बयान देता रहा कि वो विपिन शुक्ला के साथ महतोष मोड़ तक ही गया था और वहां से अपनी ससुराल चला गया। विवेचना के दौरान आरोपी के सभी बयान झूठे पाए गए तथा यह तथ्य पाए गए कि आरोपी लखविंदर उर्फ लक्खा विपिन शुक्ला की मोटरसाइकिल पर सवार होकर उसके साथ स्मैक लेने के लिए बिलासपुर गया था। वापसी में चकफेरी के पास दोनों ने एक खेत में बैठकर स्मैक पी और नशे के दौरान लखविंदर ने विपिन शुक्ला के पैसे और स्मैक छीनने के लिए उसका गला घांेट दिया। विपिन शुक्ला के अर्ध बेहोशी की हालत में होने पर लखविंदर ने विपिन शुक्ला के मुंह में जबरदस्ती नोमान डालकर उसे मौत के घाट उतार दिया और उसकी जेब में से स्मैक, 6 हजार रुपये की नगदी व टेक्नो कंपनी का मोबाइल लेकर शव को खेत की बगल में बने गड्डे में फेंक दिया और उसकी मोटरसाइकिल को चलाकर महतोष चैकी से 100 मीटर पूर्व ही सड़क किनारे खड़ा कर दिया और टेंपो में बैठकर अपने घर वापस आ गया। पुलिस द्वारा जब आरोपी लखविंदर सिंह से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपने जुर्म का इकबाल करते हुए मृतक विपिन शुक्ला के गायब मोबाइल फोन को भी बरामद करवा दिया। करीब 10 माह पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में हुए विपिन शुक्ला हत्याकांड का खुलासा किए जाने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर द्वारा पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु ढाई हजार रुपए का नगद पुरस्कार देने की भी घोषणा की गई है। मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष जसविंदर सिंह, उप निरीक्षक जगदीश चंद तिवारी, सिपाही विनोद कुमार एवं कैलाश चंद्र शामिल थे।

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