Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

3374 पहुंची कोरोना संक्रमितों की संख्या

नई दिल्ली(उद ब्यूरो)। देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। दोपहर तक के आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमितों की कुल संख्या 3 हजार 374 हो गई। वहीं, मृतकों की संख्या बढ़कर 77 हो गई है। केंद्रीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 267 लोग ठीक हो चुके हैं। कुल मामलों की संख्या में 57 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कोरोना वायरस के कारण अब तक महाराष्ट्र में सबसे अधिक 24 मौत हुई हैं। इसके बाद गुजरात में 10 , तेलंगाना में सात , मध्य प्रदेश और दिल्ली में 6-6, पंजाब में पांच, कर्नाटक में चार, पश्चिम बंगाल में तीन हुई हैं, जबकि जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश और केरल में दो मौत हुईं। तमिलनाडु में तीन, आंध्र प्रदेश, बिहार और हिमाचल प्रदेश में एक-एक मौत हुई है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में देश की ‘सामूहिक शक्ति’ के महत्व को रेखांकित करते हुए आज देशवासियों से अपने घरों की बालकनी में खड़े रहकर रात 9 बजे नौ मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टाॅर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाने की अपील की है। पीएम ने अपने वीडियो संदेश में कहा था कि हमें कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में 130 करोड़ देशवासियों के महासंकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है, इसलिये पांच अप्रैल, रविवार को रात नौ बजे मैं आप सबके नौ मिनट चाहता हूं। आप घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे पर या बालकनी में खड़े रहकर नौ मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टाॅर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाएं। भारत में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी आने के साथ ही केंद्र सरकार ने शनिवार को एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से फ्घर पर बना मास्कय् लगाने को कहा है खास तौर पर तब जब वे घरों से बाहर निकलें। चेहरे और मुंह के बचाव के लिये घर में बने सुरक्षा कवर के इस्तेमाल पर एडवाइजरी में सरकार ने कहा कि ऐसे मास्क के इस्तेमाल से बड़े पैमाने पर समुदाय का बचाव होगा और कई देशों ने घर में बने मास्क के आम लोगों के लिये फायदेमंद होने का दावा किया है। एडवाइजरी में कहा गया है कि घर में बने मास्क निश्चित रूप से सफाई में मददगार हैं, लेकिन इसके साथ ही चेताया भी कि घर में बनाए गए मास्क की स्वास्थ्य कर्मियों और कोविड-19 के मरीजों का इलाज या उनके संपर्क में रह रहे लोगों के लिए नहीं है। इन मास्क का इस्तेमाल मरीजों को भी नहीं करना चाहिए क्योंकि इन श्रेणी के लोगों को खास तौर पर बचाव के लिये तैयार मास्क पहनने की जरूरत होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *