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नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ डीएम को सौंपा ज्ञापन

रूद्रपुर,(उद संवाददाता)। नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ सुन्नी जामा मस्जिद के दर्जनों लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। डीएम को दिये गये ज्ञापन में कहा कि सीएबी लोक सभा और राज्य सभा से पास हो चुका है। कुछ वर्षों से भारत में मुसलमानों के अधिकारों को छीनने की कोशिश की जा रही है। लेकिन एनआरसी और सीएबी जैसे बिल संसद में पास कराकर मुसलमानों को सताने की तैयारी की जा रही है। सीएबी के नाम से लोकसभा और राज्यसभा में जो बिल मंजूर कराया गया है वह भारत के आइन और कानून का खुला मजाक है। भारत शान्तिप्रिय विभिन्न परम्पराओं के साथ धर्म निरपेक्ष देश है। लेकिन केंद्र सरकार लोकसभा और राज्यसभा में पास कराये गये सीएबी से आपसी भाईचारे को खत्म करने का प्रयास कर रही है। अगर धर्म की बुनियाद पर कानून बनाया गया तो भारत के संविधान का हनन होगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए मुस्लिम कौम ने भी बलिदान दिया है। लेकिन देश में मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है। देश के संविधान में धार्मिक बुनियाद पर किसी को आरक्षण नहीं है तो धार्मिक बुनियादों पर नागरिकता देने की भी अनुमति नहीं देता। इसलाम को मानने वालों को नागरिकता से वंचित रखना नाइंसाफी है। उन्होंने सीएबी और एन आरसीकी खिलाफत की। उन्होंने कहा कि इस बिल को गैरकानूनी करार देकर भारत सरकार से खत्म करायें। ज्ञापन देने वालों में मौ. इमामुद्दीन रिजवी, जाहिद रजा रिजवी, हनीफ, इमाम कादरी, खुर्शीद इमाम, जहूर इमाम, मौ. नासिर, मौ. शहाबुद्दीन, फरमूद, आरिफ, अहमद हसन, मुफ्ती शारिफ, मुदस्सिर, अफजाल, नदीम खान, जुनैद, मसूद खान आदि थे।

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