बहुचर्चित शराब नीति घोटाला मामले में केजरीवाल और सिसोदिया समेत 23 आरोपी बरी
फैसले के बाद रो पड़े पूर्व सीएम केजरीवाल, बताया सत्य की जीत
नई दिल्ली । दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को बहुचर्चित आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया है। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह की अदालत ने सीबीआई द्वारा दायर मामले में सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि प्रथम दृष्टया कोई भी आपराधिक षडड्ढंत्र नहीं मिला है। कोर्ट ने जांच एजेंसी के सबूतों को कमजोर और अपर्याप्त बताते हुए यह राहत दी है। हालांकि, अरविंद केजरीवाल को अभी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोई राहत नहीं मिली है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय ईडी कर रहा है। उधर, फैसले के तुरंत बाद सीबीआई सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि सीबीआई इस फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी विस्तृत आदेश का अध्ययन कर रही है और जल्द ही उच्च न्यायालय में अपील दायर की जाएगी। इससे पहले 12 फरवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने आरोप तय करने के मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने दावा किया था कि साजिश के पर्याप्त आधार मौजूद हैं, जबकि बचाव पक्ष ने आरोपों को निराधार बताया था। केजरीवाल की ओर से तर्क दिया गया था कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और वे केवल मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियां निभा रहे थे। फैसले के बाद उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पूरा का पूरा फर्जी केस बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर आजाद भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षडड्ढंत्र रचा, ताकि आम आदमी पार्टी को खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया। यहां तक कि एक सिटिंग मुख्यमंत्री को उनके घर से गिरफ्रतार कर जेल भेजा गया, जो भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि उन्हें छह महीने तक जेल में रखा गया और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को लगभग दो साल तक जेल में रहना पड़ा। केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा मामला फर्जी था और उनकी छवि खराब करने के लिए उनके ऊपर कीचड़ उछाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवी चौनलों पर लगातार उन्हें भ्रष्ट बताया गया। प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए देश और संविधान के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सत्ता चाहिए तो अच्छे काम करके हासिल कीजिए। देश में महंगाई, बेरोजगारी, टूटी सड़कें और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याएं हैं, जिनका समाधान किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि दिल्ली की शराब नीति 2021-22 में कथित अनियमितताओं के बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई ने अगस्त 2022 में एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। इस मामले में कोर्ट की टिप्पणी कि बिना ठोस सबूत के आरोप साबित नहीं होते, पार्टी के लिए एक बड़ी कानूनी राहत मानी जा रही है।
