February 14, 2026

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सीएम तीरथ का बड़ा एक्शन: उत्तराखंड में होगी सिर्फ 50 बारातियों की अनुमति,राज्य में सार्वजनिक सामाजिक, राजनीतिक व धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक

तीरथ सिंह रावत ने कहा: आक्सीजन, वेंटीलेटर की आवश्यकता होने पर सरकार को अवगत कराएं
देहरादून(दर्पण ब्यूरो)। कोरोना के बढ़ते प्रकोप से जंग के बीच दिल्ली हाईकोर्ट समेत सुप्रीम कोर्ट के सख्त रवैये से देश की स्वास्थ्य व्यस्थाओं को लेकर बहस शुरू हो गई है। पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उत्तराखंड के सीएम तीरथ सिंह रावत भी कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरूस्त करने के दिशा निर्देश दे रहे है। जबकि कुमाऊ और गढ़वाल मंडल के अधीकृत कोविड अस्पतालो मे आक्सीजन और आईसीयू बेड की सुविधाओ को बढ़ाने के लिये वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुनिश्चत करने के आदेश दिये है। निजी अस्पतालो में अनिवार्य रूप से कोरोना के मरीजों के लिये बेड आरक्षित करने के निर्देश दिये है। इतना ही नहीं सीएम ने विवाह समारोह समेत तमाम सार्वजनिक कार्यक्रमो को बंद रखने का सुझाव को स्वीकार कर लिया है। जबकि शादी के सीजन में व्यवारियों और कारोबारियों पर आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। सभी जनपदो में कोरोना कफ्र्यू घोषित किया गया है जबकि पर्वतीय जनपदो में भी बाजार बंद रखने से व्यापारी नाखुश दिख रहे है। उन्होने सरकार से राहत देने की भी अपील की है। लाॅकडाउन नहीं लगाने के सुझावो पर सहमति बनाने का फैसला किया है। उत्तराखंड में कोरोना महामारी की दूसरी लहर फैलने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं अब प्रदेश में विवाह समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या में सिर्फ 50 व्यक्तियों की संख्या निर्धारित होगी। कोरोना से बचाव के लिये राज्य सरकार लगातार प्रतिबंधित आदेश जारी करने से आम जनता को जागरूक करने का प्रयाास किया जा रहा है वहीं वैक्सीनेशन और कोरोना की जांच के लिये सभी वर्ग के लोगों को अस्पताल में सैपल देने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद की अनौपचारिक बैठक में इस पर सहमति बनी। यह भी तय किया गया कि भीड़भाड़ रोकने के लिए राज्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी जाए। इसके अलावा विवाह समारोहों में शामिल होने के लिए अधिकतम व्यक्तियों की संख्या 50 रखने का निर्णय लिया गया। माना जा रहा है कि आगामी एक मई से वृहद टीकाकरण अभियान की शुरूआत होने के बाद कोरोना के बढ़ते कहर पर रोकथाम लग सकती है और स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार तय हुआ कि फिलहाल सरकार लाकडाउन नहीं करेगी। अलबत्ता, कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य में भीड़भाड़ न होने पाए। इस कड़ी में सार्वजनिक कार्यक्रमों (सामाजिक, राजनीतिक व धार्मिक) के आयोजन पर परिस्थितियां सामान्य होने तक रोक लगाने पर सहमति बनी है। यह भी तय किया गया कि विवाह समारोहों में अधिकतम 50 व्यक्तियों को ही शामिल होने की अनुमति दी जाए। अभी यह यह सीमा सौ व्यक्ति है। इस संबंध में संशोधित आदेश शासन द्वारा जारी किए जाएंगे।
तीरथ सिंह रावत ने कहा: आक्सीजन, वेंटीलेटर की आवश्यकता होने पर सरकार को अवगत कराएं
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री ने सभी निजी अस्पतालों से अनुरोध किया कि उनके यहाँ उपलब्ध बेड के कम से कम 70 प्रतिशत को कोविड के लिए आरक्षित कर दें। आक्सीजन, वेंटीलेटर की आवश्यकता होने पर सरकार को अवगत कराएं। सरकार इनकी उपलब्धता के लिये भरसक प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पोर्ट्स स्टेडियम, रायपुर में बनाए जा रहे कोविड केयर सेंटर में एमबीबीएस और नर्सिंग के अंतिम वर्ष के छात्रों की सेवाएं ली जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि निजी अस्पतालों में सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य स्थिति वाले कोरोना संक्रमितों को कोविड केयर सेंटर में रखा जाए या होम ट्रीटमेंट किया जाए। ताकि गम्भीर रोगियों के लिये आने वाले समय में आक्सीजन सपोर्ट बेड व अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध रहें। सचिव अमित नेगी ने कहा कि निजी अस्पतालों द्वारा सरकार से पूरा सहयोग किया जा रहा है। हम इनके लगातार सम्पर्क में हैं। आने वाले समय की जरूरत को देखते हुए दवाईयों व अन्य उपकरणों, आक्सीजन की उपलब्धता का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि स्पोर्टस स्टेडियम रायपुर में 1000 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया जा रहा है। इनमें आक्सीजन सपोर्ट भी होंगे। कोरोनेशन में 100 बेड की क्षमता विकसित की जा रही है। जौलीग्रांट अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध हैं। यहां 150 बेड और लगाए जाएंगे। एम्स ऋषिकेश में 400 बेड एक्टीवेट हो जाएंगे। महंत इन्द्रेश में 80 आईसीयू बेड हैं। राज्य सरकार इन्हें आक्सीजन उपलब्ध कराएगी। कैंट बोर्ड चिकित्सालय में 150 बेड कोविड के लिए आरक्षित कर लिये गये हैं। सभी निजी अस्पतालों द्वारा कोविड से लङाई में हर सम्भव सहयोग के लिए आश्वस्त किया गया। सरकारी और निजी सभी के उपलब्ध संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग जरूरी है। मुख्यमंत्री ने सीएम कैम्प कार्यालय में निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में कहा कि मैनपावर मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस प्रकार प्रबंधन किया जाए कि कोविड संक्रमितों के ईलाज के दौरान चिकित्सा कर्मियों के खुद संक्रमित होने पर भी व्यवस्था में व्यवधान न आए। ओपीडी के लिए लोगों को ई-संजीवनी पोर्टल का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए।

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