February 14, 2026

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केन्द्र सरकार किसानों के हितों पर गंभीरःचैधरी

केन्द्र सरकार किसानों के हितों पर गंभीरःचैधरी
रुद्रपुर(उद संवाददाता)। कोरोना संक्रमण के दौर में संकट के दौर से गुजर रहे किसानों की सुध लेने के लिए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चैधरी ने भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल चैहान के साथ वीडियो कांप्रफेंसिंग कर हालात की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने उनसे सुझाव भी लिए। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री चैधरी ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में किसान योद्धा के रूप में कार्य कर रहा है। खेत से लेकर मंडी तक अपनी उपज को पहुंचाने का काम कर रहा है। ऐसे समय में केंद्र सरकार ने किसान सम्मान निधि का पैसा दिया है। गेहूं फसल कटाई के प्रयोग में आने वाली कंबाइन मशीनों को एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में लाने ले जाने के लिए छूट प्रदान की। किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद में किसी तरह की परेशानी ना हो, इसके लिए कृषि से संबंधित दुकानों को खोले रखने की छूट दी गई। केंद्रीय कृषि मंत्री कैलाश चैधरी ने कहा कि किसानों की उपज मंडियों तक पहुंच सकें, इसके लिए मंडियों को भी खोला गया। लाॅकडाउन के दौरान 585 से 785 मंडियां सरकार द्वारा खोली गई। अब सरकार का लक्ष्य 1 हजार मंडियों को खोलना है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन की अवधि में किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में काफी दिक्कतें आ रही है। किसानों की समस्याओं को देखते हुए कृषि मंत्रालय भारत सरकार ने किसान रथ एप भी लाॅच किया जिसमें 8 लाख ट्रक और दो लाख टैªक्टरों को सूचीबद्ध किया गया है जिसके तहत किसानों को माल मंडी तक पहुंचाने में आसानी हो सकें। किसान रथ एप पर किसानों को माल की मात्रा का ब्यौरा देना होगा। उसके बाद परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली नेटवर्क कंपनी किसानों को उस माल को पहुंचाने के लिए ट्रक और किराये का ब्यौरा देगी। पुष्टि मिलने के बाद, किसानों को एप पर ट्रांसपोर्टरों का विवरण मिलेगा और वे ट्रांसपोर्टरों के साथ बातचीत कर सकते हैं और उपज को मंडी तक पहुंचाने के लिए सौदे को अंतिम रूप दे सकते हैं। इस एप के जरिए कारोबारियों को अपने क्षेत्रों में बिक्री के लिए उपलब्ध कृषि उपज की जानकारी मिल जाएगी और वे विभिन्न किसानों के द्वारा भेजे जा सकने वाले कृषि वस्तुओं को जुटाकर उसे खेत से उठाने के लिए ट्रक की व्यवस्था कर सकते हैं। वीडियो कांप्रफेंसिंग के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री चैधरी ने कहा कि किसानों को 31 मई तक ऋण में छूट प्रदान की गई है लेकिन छूट की अवधि को एक साल तक बढ़ाए जाने को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान फसल बीमा की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। अब यह किसान पर निर्भर है कि वह बीमा कराए या नहीं। जो किसान बीमा नहीं करेगा उसका बीमा स्वतः ही समाप्त हो जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसान और कृषि को आगे बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने एफपीओ यानि किसान उत्पादक संगठन के गठन को मंजूरी प्रदान की है। वहीं उन्होंने उत्तराखंड में अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि से होने वाले नुकसान का मुआवजा केंद्र सरकार पहले ही राज्य सरकारों को भेज चुकी है। वीडियो कांप्रफेंसिंग के दौरान मोर्चे के पूर्व पदाधिकारियों और किसानों ने भी अपने सुझाव रखें। वीसी के दौरान किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अनिल चैहान के अलावा दिनेश शुक्ला, राजेंद्र सिंह बिष्ट, नरेश जोशी, राजीव चैधरी, नरेश हुड़िया, ठा. जगदीश सिंह, योगेश राणा, प्रेम सहोता, सुरेंद्र सिंह, विरेंद्र सिंह, मदन सिंह रावत आदि भी मौजूद रहे।

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