पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस का सीएम आवास कूच, पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया
“पेपर चोर गद्दी छोड़ व वोट चोर गद्दी छोड” लिखी तख्तियां हाथों में लेकर प्रदर्शन
देहरादून। यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश में सियासी उबाल तेज हो गया है। शुक्रवार को इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतर आई और राजधानी देहरादून में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए सीएम आवास की ओर कूच किया। कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता “पेपर चोर गद्दी छोड़ व वोट चोर गद्दी छोड” लिखी तख्तियां हाथों में लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा सहित कांग्रेस के कई विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने सीएम आवास के समीप बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि युवाओं का भविष्य दांव पर है और सरकार केवल लीपापोती कर रही है। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री तुरंत केंद्र सरकार को सीबीआई जांच के लिए संस्तुति भेजें और लीक हुई परीक्षा को निरस्त करें। कांग्रेस का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि यह मामला प्रदेश की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर सवालों के घेरे में ले आया है। युवा उम्मीदवारों की नाराजगी और विपक्ष का दबाव सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।


प्रदेश कांग्रेस ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
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पेपर लीक की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई से करवाई जाए।
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यूकेएसएसएससी अध्यक्ष गणेश सिंह मर्तोलिया को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
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लीक हुई परीक्षा को रद्द कर नई परीक्षा तिथि घोषित की जाए।
