February 27, 2026

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बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में पूजा के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू: बीकेटीसी ने महाभिषेक पूजा के लिए 4700 रुपये शुल्क की निर्धारित किया

देहरादून(उद संवाददाता)। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति बीकेटीसी ने चारधाम यात्रा में बाबा केदार और बदरी विशाल की पूजा के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। रोजाना दोनों धामों में सुबह और शाम को होने वाली पूजा और विशेष पूजा के लिए शुल्क की निर्धारित किया है। महाभिषेक पूजा के लिए 4700 रुपये और अभिषेक पूजा के लिए 4500 रुपये शुल्क देना होगा। चारधाम यात्रा इस बार 10 मई से शुरू हो रही है। यात्रा के दौरान कोई श्रद्धालु केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में पूजापाठ करना चाहता है तो इसके लिए बीकेटीसी की वेबसाइटपर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। बीकेटीसी ने सोमवार से पूजा के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आनलाइन पूजा की बुकिंग शुरू हो गई है। बदरीनाथ धाम की पूजा में मुख्य रूप से बदरी विशाल की ब्रह्म मुहूर्त में होने वाला महाभिषेक व अभिषेक पूजा के अलावा वेद पाठ, गीता पाठ, विष्णु सहस्रनामावली, सायंकालीन स्वर्ण आरती, चांदी आरती, गीत गोविंद पाठ के साथ शयन आरती शामिल है। जबकि केदारनाथ धाम में षोडशोपचार पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक व सायंकालीन आरती के लिए आनलाइन बुकिंग की जाती है। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया, पिछले वर्ष चारधाम यात्रा में बदरीनाथ धाम में 19,700 और केदारनाथ धाम में 20,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने पूजा के लिए ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। वहीं विश्व प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब के कपाट आगामी 25 मई को तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे। लेकिन हेमकुंड में अभी भी करीब 15 फीट तक बर्फ जमी हुई है। गोविंदघाट से गुरुद्वारा के सेवादार यहां का निरीक्षण कर लौट गाए हैं। वहीं, सेना के जवान इस साल आस्था पथ से बर्फ हटाने का काम 20 अप्रैल से शुरू करेंगे। गोविंदघाट गुरुद्वारे के प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि 14 अप्रैल को दो सेवादार हेमकुंड साहिब का निरीक्षण करने गए थे। सोमवार को दोनों वापस लौट आए हैं। सेवादारों ने बताया कि धाम में 12 से 15 फीट तक बर्फ जमी हुई है। यहां का पवित्र सरोवर भी पूरी तरह बर्फ से जम गया है। हेमकुंड साहिब से दो किमी पहले अटलाकुडी के पास भारी भरकम ग्लेशियर आया हुआ है, जहां बर्फ को बीच से काटकर रास्ता बनाया जाना है। सर्दियों में हेमकुंड साहिब में हमेशा भारी बर्फबारी होती है। जिसके चलते यहां जगह-जगह हिमखंड पसरे रहते हैं। यात्रा शुरू होने से पहले हर साल सेना के जवान और गुरुद्वारा ट्रस्ट के सेवादार बर्फ हटाते हैं। इस साल जवान 20 अप्रैल से सेना के जवान मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू करेंगे। वहीं, अगर मौसम लगातार बिगड़ा रहा तो इस बार भी श्रद्धालुओं को हिंमखंडों के बीच से गुजरना पड़ सकता है।

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