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महिला अपराधों से कराह रहे सूबे के मैदानी जिले

देहरादून। प्रदेश के सुदूर पहाड़ी जिले उत्तरकाशी में दलित बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की घटना से प्रदेश भीर में रोष व्याप्त हो गया है। बलात्कारियों को फांसी की सजा देने की मांग की जा रही है। महिलाओं के प्रति अपराधों बलात्कार, यौन हमलों, छेड़छाड़ , घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न आदि के मामले में प्रदेश के तीन मैदानी जिले देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार सबसे आगे है। ये वे जिले हैं जो विकास की दौड़ में भी आगे बताए जाते हैं। राज्य महिला आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल प्रदेश में जून तक महिला आयोग में 572 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि 2017 में पूरे साल में 1502 मामले आए थे । इनमें से 84 मामले सुलझा लिए गए हैं जबकि 488 लंबित हैं। 2017 में विभिन्न जिलो में दहेज उत्पीड़न के 208 मामले दर्ज हुए। अधिकांश मामले देहरादून में 43, ऊधमसिंह नगर में 36, और नैनीताल में 10 हुए। दहेज हत्या के चार मामले दर्ज हुए और सबसे ज्यादा मामले ऊधमसिंह नगर और देहरादून के थे। बलात्कार की बात करें तो 30 मामले सामने आए उसमें भी अधिकांश हरिद्वार में 12 ऊ धम सिंह नगर में छह थे। यौन हमले के 33 मामलों में से 12 हरिद्वार तो पांच देहरादून में दर्ज हुए। यौन उत्पीड़न के 78 मामले सामने आए, इनमें देहरादून में 36, हरिद्वार में 18, और ऊधमसिंहनगर में 10 मामले थे। मानसिक उत्पीड़न के कुल 311 मामलों में से 173 देहरादून में दर्ज हुए। 31 हरिद्वार में व 33 ऊधमसिंह नगर में दर्ज हुए। घरेलू हिंसा की बात करें तो कुल 99 मामलों में से 52 देहरादूून, 11 हरिद्वार, 13 ऊधमसिंह नगर में दर्ज हुए। भूमि विवाद के कुल 59 मामले दर्ज हुए जिसमें 26 देहरादून, 10 ऊधमसिंह नगर के थे। संपत्ति व जीवन की सुरक्षा से जुड़े कुल दर्ज 295 मामलों में से अधिकांश मामले यानी 75 देहरादून में , 96 हरिद्वार व 61 ऊधमसिंह नगर में दर्ज हुए। बाल विवाह के चार मामलों में से तीन देहरादून में दर्ज हुए। आर्थिक शोषण के 32 मामलों में से देहरादून में 15, हरिद्वार वऊधमसिंह नगर में तीन- तीन मामले दर्ज हुए। छेड़छाड़ के 44 मामलों में 10 देहरादून, 15 ऊधमसिंह नगर में दर्ज हुए। रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामले 2017 की तुलना में कम हुए हैं। लेकिन दहेज के 69 मामलों में से ऊधमसिंह नगर में 23 तो देहरादून व हरिद्वार के 13-13 हैं। दहेज हत्या का केवल एक मामला दर्ज हुआ है। बलात्कार के नौ मामले दर्ज हुए जिनमें से चार हरिद्वार के हैं। यौन उत्पीड़न के आठ मामलों में से तीन देहरादून के हैं। यौन हमले का केवल एक मामला दर्जहुआ है। छेड़छाड़ के 15 मामलों में पांच देहरादून में दर्ज हुए।मानसिक उत्पीड़न के 113 मामलों में से 38 देहरादून, 17 हरिद्वार के हैं। घरेलू हिंसा के 73 मामलों में से 38 देहरादून तो 13 हरिद्वार के हैं। भूमि विवाद के 18 मामलों में से देहरादून के ही सात मामले हैं। संपत्ति व जीवन की सुरक्षा से जुड़े कुल दर्ज 151 मामलों में से अधिकांश मामले यानी 43 देहरादून में , 33 ऊधमसिंह नगर में दर्ज हुए। बाल विवाह का कोई मामला नहीं दर्ज हुआ।

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