February 25, 2026

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बिल पारित होना तय,हो सकती है वोटिंग! यूसीसी को लेकर उत्तराखंड विधानसभा सत्र में दूसरे दिन भी सदन में जोरदार बहस: सबकी निगाहे स्पीकर ऋतु खंडूरी के एक्शन पर टिकी

इस ऐतिहासिक दिन का साक्षी बनते हुए प्रत्येक नागरिक को गर्व की अनुभूति हो रही है: पुष्कर सिंह धामी
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा सत्र में आज दूसरे दिन भी सदन में जोरदार बहस के बीच ऐतिहासिक यूसीसी बिल को लेकर सरकार के ड्राफ्ट पर सत्तापक्ष और विपक्ष के कई विधायकों ने चर्चा में प्रतिभाग किया है। उत्तराखंड विधानसभा सत्र का आज अहम दिन है। सदन में यूसीसी बिल पारित हो सकता है। विधानसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत प्राप्त है। उसके 47 सदस्य हैं। कुछ निर्दलीय विधायकों का भी उसे समर्थन प्राप्त है। ऐसे में बिल का पारित होना तय है। वहीं संसदीय कार्यमंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल और सीएम पुष्कर सिंह धामी भी यूसीसी बिल पारित कराने के लिए दूसरे दिन भी विधानसभा में मौजूद हैं। माना जा रहा है कि आज विस अध्यक्ष सायं विधानसभा में बिल पारित कराने के लिए वोटिंग की घोषणा कर सकती है। सबकी निगाहे अब विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी के एक्शन पर टिकी हुई है। मुख्यमंत्री ने आज सदन में संबोधित करते हुए कहा कि आज समूचे देश को एक अपेक्षा के साथ आगे बढ़ रहे है। समस्त प्रदेशवासियों को बधाई देना चाहता हूं इस ऐतिहासिक दिन का साक्षी बनते हुए प्रत्येक नागरिक को गर्व की अनुभूति हो रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दो वर्ष से दस दिन पहले ही समिति ने हमे ड्राफ्ट सौंपा है। यह पूरे देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा। हम सभी के अधिकारों का सम्मान करेंगे। देश की एकता के लिए समान नागरिक कानून अनिर्वाय होना चाहिये। यह हमारे संविधान में निहीत है। मने कहा कि बहुत सारी बाते हुई है 2022 के चुनाव से पहले देवभूमि उत्तराखंड की जनता के समक्ष एक वायदा किया था। समान नागरिक संहिता कानून बनाने के लिए सरकार को जनता ने आशीवार्द दिया है। देवभूमि में देवताओं की पुण्य भूमि है सैनिको की भूमि है। उत्तराखंड में किसी भी जाति का नागरिक हो एक समान कानून होना चाहिये। राज्य स्थापना के बाद राज्य के अंदर हर चुनाव में एक परिपाटी थी एक बार एक पार्टी की सरकार बनती है लेकिन दूसरी बार लगातार सरकार बनाकर भाजपा ने पीएम मोदी के नेतृत्व में इतिहास रचा है। हमने सभी धर्मो को एकता के सूत्र में बांधने का काम कर रहे है।  यूसीसी समित के सदस्यों का धन्यवाद करते हुए सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में पहली बार जनसंवाद के माध्यम से महिलाओं को समानता का अधिकार मिल रहा है। यह ऐतिहासिक यूसीसी कानून सभी वर्गो के लिये कल्याणकारी सिद्ध होगा।

उत्तराखंड विधानसभा सत्र के तीसरे दिन समान नागरिक संहिता विधेयक विधेयक पर चर्चा की गयी। चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने अपनी अपनी बात रखी। यूसीसी पर चर्चा के बाद आज ही विधेयक सदन में पारित होने की संभावना है। चर्चा में किच्छा के विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि कुछ प्रावधान इस कानून के देश और राज्य के लिए अच्छे हो सकते हैं लेकिन इसे लाने में जल्दबाजी की गयी है। अगर इसे केन्द्र में लाया जाता तो बेहतर होता। इसमें अनुच्छेद की अवहेलना की जा रही है। इसके लिए व्यापक कानूनी राय ली जानी चाहिए और इसे प्रवर समिति को अध्ययन के लिए सौंपा जाना चाहिए था और आगामी बजट सत्र में इस पर चर्चा होनी चाहिए थी। बेहड़ ने कहा कि हम इसका विरोध नहीं कर रहे लेकिन इस विधेयक को प्रवर समिति को सौंपा जाये और इसके लिए व्यापक विचार विमर्श किया जाये। उन्होंने कहा कि इस ड्राफ्ट को बनाने वाली समिति ने विधायकों की राय भी नहीं ली बल्कि जनता की राय लेने के नाम पर महज खानापूर्ति की गयी। बेहड़ ने कहा कि यूसीसी से शादी के बाद बेटियों का उत्पीड़न बढ़ेगा। वहीं खटीमा के विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष भुवन चंद्र कापड़ी ने यूसीसी में लिव-इन रिलेशन पर सवाल उठाए । उनका कहना था कि इससे देश के अन्य राज्यों में आने वाले जोड़े उत्तराखंड में आकर रहेंगे। भुवन चन्द्र कापड़ी ने कहा कि इस विधेयक के जरिये सरकार जनता को बेवकूफ बना रही है। इसमें अधिकांश नियम तो पुराने ही कॉपी पेस्ट किये गये हैं। लेकिन इसका प्रचार प्रसार राजनैतिक लाभ के लिए जोर शोर से किये जा रहे हैं। सरकार कह रही है कि लोगों को समान अधिकार मिलेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। कापड़ी ने कहा कि एक तरफ आप कह रहे हैं कि शादी रजिस्टर्ड करो दूसरी तरफ लिव इन रिलेशन में रहने की बात कह रहे हैं। कापड़ी ने कहा कि भारत परंपराओं का देश है। यहां सबकी अलग अलग पंपराएं है। यहां अपनी अपनी अलग अलग मान्यतायें है। अपनी विचारधारा है। ऐसे में किसी की धार्मिक मान्यताओं पर कानून थोपना ठीक नहीं है। साथ ही कापड़ी ने कहा कि प्रदेश में लिव इन रिलेशनशिप बंद होना चाहिए।

जसपुर विधायक आदेश चौहान ने कहा कि विधेयक के लिए व्यापक समय मिलना चाहिए थी।उन्होंने कहा कि समिति ने विपक्ष के विधायकों की राय नहीं ली। उन्होंने कहा कि सदन में भी चर्चा के लिए समय कम है, क्यों कि अध्ययन के लिए विधायकों को पूरा समय नहीं मिल पाया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर विधेयक को जल्दी लाने की जल्दी क्या थी। चर्चा के बाद इसे पारित किया जा सकता था। अपनी बात रखने के दौरान श्री राम को लेकर टिप्पणी करने पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंक झोंक हो गयी। आदेश चौहान की बात का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री प्रेम चन्द्र अग्रवाल ने तीखी बहस की। वहीं भाजपा विधायकों ने समान नागरिक संहिता के विधेयक का श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को दिया। भाजपा विधायकों ने कहा कि नकल विरोधी कानून और अवैध धर्मांतरण विरोधी विधेयक के बाद अब यूसीसी विधेयक के जरिए मुख्यमंत्री धामी ने इतिहास रच दिया है। सदन में यूसीसी के संबंध में विधायक आदेश चौहान ने कहा कि क्रिकेट की भाषा में बात करें तो सीएम ने यूसीसी के जरिए सीधे दोहरा शतक बना दिया है।

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