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धारचूला में चलती जीप पर गिरी विशालकाय चट्टान,सात लोगों की दर्दनाक मौत,रेस्क्यू जारी

पिथौरागढ़(उद संवाददाता)। धारचूला। रविवार को तवाघाट- लिपुलेख मार्ग पर कोथला के पास मलबे में दबे लोगों का अभी तक पता नहीं चल सका है। सोमवार सुबह से खोज कार्य प्रारंभ हो चुका है। सोमवार सुबह पांगला थाने से पुलिस दल सहित एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और एसएसबी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का कार्य चल रहा है । घटना के अब 24 घंटे पूरे होने को जा रहे हैं । मलबे में दबे किसी के भी जिंदा रहने व दूर शवों के भी टुकड़े मिलने की संभावना जताई जा रही है। इधर अब बाजार बंद के निर्णय को स्थगित कर प्रदर्शन का करते हुए सड़क का कार्य करने वाली कंपनी के खिलाफ ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। रविवार को धारचूला- लिपुलेख सड़क पर थत्तफी झरने के पास चट्टान खिसकने से एक बोलेरो कैंपर दब गया। इस हादसे में तीन बच्चों सहित सात लोगों के मारे जाने की आशंका है। लगातार सात घंटे तक खोज एवं बचाव अभियान चलाने के बावजूद चट्टðानों के नीचे दबी कार का पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण शाम सात बजे अभियान बंद कर दिया गया। चट्टðान दरकने से दोनों ओर कई वाहन फंसे हैं। धारचूला से 55 किमी दूर मालपा और पेलसिती झरने के बीच स्थित थत्तफी झरने के पास रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे विशालकाय चट्टान खिसककर सड़क पर गिर गया। नाबि गांव से धारचूला की ओर आ रही बोलेरो कैंपर जीप इससे दब गई। इस जीप से आगे चल रही दूसरी जीप के चालक अजय ने जब गड़गड़ाहट की आवाज सुनी तो उन्हें हादसे का पता चला। उन्होंने घटना की जानकारी नेपाली सिम से धारचूला में परिचितों को दी। इसके बाद पुलिस, एसएसबी 11वीं वाहिनी, एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। बीआरओ के डोजर और पोकलेन की मदद से चट्टðानों को हटाने का काम शुरू किया गया लेकिन करीब 50 मीटर तक विशालकाय चट्टðानों के पड़े होने से जीप और उसमें सवार लोगों का पता नहीं चल सका। देर शाम मलबे में जीप की छत का कुछ हिस्सा और किसी यात्री के शरीर के कुछ टुकड़े नजर आए। इस बीच अंधेरा होने और फिर से चट्टðानों के गिरने की आशंका को देखते हुए अभियान रोकना पड़ा। बताया जा रहा है कि इस जीप में नपलच्यू गांव निवासी वीदन सिंह के तीन बच्चे और बुंदी गांव के सेवानिवृत शिक्षक तुला राम बुदियाल और उनकी पत्नी आशु देवी सहित सात लोग सवार थे। जीप चालक बलुवाकोट निवासी बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग रास्ते से भी इस जीप में सवार हुए थे। ऐसे में संख्या बढ़ सकती है। सड़क पर चट्टðानें गिरने के कारण धारचूला- लिपुलेख सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद है। इन दिनों ग्रामीण बड़ी संख्या में पूजा और प्रवास के लिए आवाजाही कर रहे हैं। आदि कैलाश और ओम पर्वत जाने वाले सैकड़ों पर्यटक भी वहां फंसे हैं। अब सोमवार सुबह मलबा और चट्टðानों को हटाने का काम किया जाएगा।

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