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डीएम बने जनता के रियल हीरो: सीएम धामी की महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतार रहे एडीएम और एमएनए

सीएम धामी की महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतार रहे एडीएम और एमएनए
रूद्रपुर(उद ब्यूरो)। भारतीय फिल्मों में अक्सर दिखने वाली स्टोरी रियल लाईफ में कम ही देखने को मिलती है। आज से 22 साल पहले इसी माह यानि 7 सितम्बर 2001 को भारतीय सिनेमा घरों में रिलीज हुई नायक फिल्म को देख दर्शकों का जोश दुगना हो गया था। फिल्म को देखने के बाद दर्शकों के मन-मस्तिष्क में बस एक ही प्रश्न दौड़ रहा था, काश रियल लाईफ में भी यदि ऐसा कुछ हो जाये तो आम जनता के दिन ही बदल जायेंगे। फिल्म नायक में एक दिन के लिये बने मुख्यमंत्री यानि अनिल कपूर ने 24 घण्टे में ऐसी कार्य संस्कृति स्थापित की कि पूरी जनता उनकी कार्यशैली की दिवानी हो गई। ऐसा ही कुछ नजारा रूद्रपुर में देखने को मिल रहा है। पिछले कई बरसों से नजूल भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक मिलने की उम्मीद जो धुंघली होती दिख रही थी अब वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बदौलत पुनः जगती हुई दिख रही है।

मुख्यमंत्री श्री धामी की इस महत्वाकांक्षी योजना को जिलाधिकारी उदयराज सिंह अपने तजुर्बे से इसको धरातल पर उतारने में जुटे हुये है। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिये जिले के डीएम उदय राज सिंह ने अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह और नगर आयुक्त नरेश चन्द्र दुर्गापाल के साथ ऐसी कार्य संस्कृति स्थापित करने का प्रयास किया, जो अब तक सिर्फ फिल्मों में ही देखने को मिलती थी। जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन सरकार-जनता के द्वार की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। लाल फीताशाही खत्म कर जनता के बीच में जाकर कैम्प लगा आम जनता की पत्रावलियां तैयार की जा रही है। पत्रावलिया तैयार करने में किसी को कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े इसके लिये नगर निगम द्वारा वैण्डर, शपथ पत्र,नोटरी, फोटो कॉपी आदि की भी व्यवस्था की गई है। यहां आपको बता दे कि पूर्व में भी कांग्रेस और भाजपा सरकारों द्वारा समय-समय पर नजूल भूमि को फ्री-होल्ड कराये जाने की पॉलिसी लाई गई थी,लेकिन कभी भी इन योजनाओं का लाभ गरीब जनता को मिलता हुआ नही दिखा और न ही अधिकारियों द्वारा इसका लाभ आम जनता तक पहुंचाने की कभी कोई जहमत उठाई गई। यदि कोई अपनी भूमि को फ्री-होल्ड कराने का प्रयास करता भी था तो लाल फीताशाही के चलते फाईल कलेक्ट्रेट से तहसील और तहसील से नगर निगम ही घूमती रह जाती थी। लेकिन इस बार ऐसा होता नजर नही आ रहा बल्कि जिले के अनुभवी जिलाधिकारी द्वारा शिविर में ही ऐसी सभी आपत्तियों के निस्तारण और रिपोर्ट लगाये जाने की व्यवस्था कर दर-दर की ठोकरे खाने वाले लोगों से दुआएं लेने का काम किया है। जिलाधिकारी के निर्देशन में नजूल भूमि को फ्री-होल्ड कराने के लिये आदर्श बंगाली कालोनी में कैम्प लग चुका है और शीघ्र ही रम्पुरा में कैम्प लगाये जाने की तैयारी की जा रही है। अक्टूबर माह के अन्त तक दो हजार से अधिक पत्रावलियां हर हाल में पूर्ण कराने का प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम के मानचित्रकार शारिक अली और नीरज सहित कई कर्मचारी सरकार के इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। अपर जिलाधिकारी नजूल जय भारत सिंह द्वारा कई बार जनता से नजूल नीति के तहत फ्री-होल्ड कराये जाने का आहवान किया जा चुका है। साथ ही उनके द्वारा यह भी आगाह किया गया है कि पात्र व्यक्ति स्वयं इस योजना का लाभ उठाये किसी जालसाज के बहकावे में न आये। प्रशासन द्वारा फ्री-होल्ड की प्रक्रिया को पूरी ईमानदारी और पारदर्शित से अंजाम दिया जा रहा है। बहरहाल जिलाधिकारी उदय राज सिंह, मेयर रामपाल सिंह, अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, नगर आयुक्त नरेश चन्द्र दुर्गापाल द्वारा स्वयं इस कार्य की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को इसका लाभ मिल सके।
‘नेता जी’ की सीएम से नजदीकियों का आम जनता को मिल रहा फायदा

रूद्रपुर(उद ब्यूरो)। नजूल भूमि फ्री-होल्ड पॉलिसी के सरलीकरण के पीछे भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा की भी मेहनत है। पूर्व में आई फ्री होल्ड पॉलिसी की जटिलताओं से नेता जी अच्छी तरह वाकिफ थे। उनको दूरे कराने के लिये श्री शर्मा कई बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आगे फरियाद लगा चुके थे और सीएम से अपनी नजदीकियों के चलते उनके द्वारा भी जनता हित में 50 वर्ग गज की भूमि के फ्री-होल्ड कराने की जटिल प्रक्रिया को आसान कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। श्री शर्मा ने जिलाधिकारी,एडीएम, एमएन ए और तहसीलदार से कई बार मुलाकात कर फ्री होल्ड की पत्रावलियों को एक ही जगह पूर्ण कराये जाने की जोरदार पैरवी की गई। भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा का कहना था कि बस्तियों में रहने वाले अधिकांश लोग मजदूरी, नौकरी पेशे वाले है। फ्री होल्ड कराये जाने हेतु यदि वह विभागों के चक्कर काटते रहे तो उनके सामने कई समस्याएं खड़ी हो जायेगी। इसलिये कालोनियों में जा-जाकर फ्री- होल्ड की प्रक्रिया हेतु कैम्प लगाये जाये, जहां सम्बंधित विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद हो,ताकि पात्र लोगों की पत्रावलियां शिविर में ही पूर्ण कराई जा सके। श्री शर्मा ने इसके साथ ही फ्री होल्ड करवाये जाने को लेकर आ रही व्यवहारिक समस्याओं से भी अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने भी मिले अधिकांश सुझाव पर कार्य करते हुये प्रफी होल्ड हेतु पत्रावलियां तैयार करने की प्रक्रिया में उनको शामिल कर लिया। बरसों से केवल कागजों में ही चलने वाली फ्री-होल्ड पॉलिसी आज धरातल पर साकार होती दिख रही है। श्री शर्मा का कहना है कि धामी सरकार का प्रयास है कि इस योजना का लाभ सभी पात्र को मिले इसके लिये जोर-शोर से कार्य किया जा रहा है। श्री शर्मा ने कहा बस्तियों में रहने वाले कई लोगों को भ्रम के चलते सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना की जानकारी नही है, इसके लिये उनके द्वारा कालोनियों में जा-जाकर लोगों को फ्री होल्ड कराने हेतु जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 50 वर्ग गज के प्लाटों को निःशुल्क फ्री-होल्ड किया जा रहा है इसके लिये पात्र व्यक्ति को किसी को भी एक रूपया देने की जरूरत नही है। उन्होंने आम जनता से अपील करते हुये कहा कि यदि किसी को फ्री होल्ड कराने में कोई दिक्कत आ रही है तो वह उनसे सम्पर्क कर सकता है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री धामी प्रदेश के विकास के लिये कोई कसर नही छोड़ रहे है। उनका प्रयास है कि सिर्फ घोषणा नही बल्कि घोषणा को योजना का रूप देकर उसे धरातल पर उतारा जाये, जिसका लाभ प्रदेश की सभी जनता को मिले। आज श्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश का चहुंमुखी विकास हो रहा है। प्रदेश की जनता श्री धामी की कार्यशैली से काफी प्रसन्न है। यहां आपको बता दे भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के काफी नजदीक है जिसके चलते श्री शर्मा आये दिन लोगों की समस्याओं को दूर कराने के लिये प्रशासन से मुलाकात कर उनके निस्तारण में जुटे रहते है।

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