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पूर्व राज्यपाल कोश्यारी ने जगथाना गांव में किया ट्राउट मत्स्य तालाबों का निरीक्षण

मछली पालन से आत्मनिर्भर बनेंगे उत्तराखंड के काश्तकार: कोश्यारी
बागेश्वर(उद संवाददाता)। महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने मंगलवार को बागेश्वर जिले के सीमांत गांव जगथाना में स्वयंसेवी समितियों के माध्यम से किए जा रहे ट्राउट मत्स्य तालाबों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें पलायन को रोकने के लिए कार्य करना होगा तथा इसके लिए सरकार की योजनाओं का लाभ लेना होगा। श्री कोश्यारी ने कहा कि उत्तराखंड में पहाड़ की जटिल परिस्थितियों के बावजूद आज स्थानीय ग्रामीण और छोटे काश्तकार कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अपनी आजीविका के लिये सेब, कीवी, नाशपाती, नींबू आदि फलों, सब्जी जड़ी बूटी के उत्पादन साथ ही पशुपालन और मछली पालन से आत्मनिर्भर बन रहे है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों के लिये सरकार मार्केटिंग की कार्ययोजना पर तेजी से कार्य करेगी साथ ही उत्पादकों को कारोबार के लिये प्रोत्साहित भी किया जायेगा। वहीं पूर्व सीएम भगतदा ने कहा कि उनके कार्यकाल से लेकर अब तक निरंतर कपकोट क्षेत्र का अपेक्षित विकास हो रहा है। कपकोट को आकांक्षी विकासखंडों में सम्मिलित करने से विकास कार्याे में तेजी आएगी। पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जगथाना गांव पहुंचे जहां उन्होंने गांव में खेतों में मडुवा व धान के खेतों में जाकर किसानों से वार्ता की तथा उनसे मोटा अनाज उगाने की बात कहकर कहा कि इसकी मांग बढ़ रही है। इसके बाद वे जगथाना में दलीप सिंह दानू व चंदन दानू द्वारा बनाए गए ट्राउट मत्स्य पालन का निरीक्षण किया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि विधायक सुरेश गड़िया क्षेत्र के विकास के लिए प्रयत्नशील हैं। कहा कि कपकोट को आकांक्षी विकास खंड के रूप में शामिल किया गया है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी। विधायक सुरेश गड़िया ने कहा कि जगथाना में मत्स्य पालन उनका सपना था जिसे आज ग्रामीणों की मेहनत ने करके दिखाया है। कहा कि वे क्षेत्र के विकास के लिए कृतसंकल्प है। ग्रामीणों की मांग पर गांव में मोबाइल सेवा प्रदान करने के लिए कार्यवाही प्रगति पर है तथा दिसंबर माह तक यहां मोबाइल सेवा प्रारंभ हो जाएगी । कहा कि मत्स्य के विपणन की समस्या का निदान किया जाएगा। मत्स्य अधिकारी मनोज मियान ने बताया कि वोकल फॉर लोकल की थीम पर विगत पांच साल से क्षेत्र में कलस्टर आधारित ट्राउट मछली का उत्पादन किया जा रहा है। जगथाना कलस्टर में सात समितियां काम कर रही है। बताया कि जगथाना के साथ ही शामा, लीती, बडेत, फरसाली, सौंग तथा लीली क्षेत्र में लगभग 20 समितियां मछली उत्पादन का कार्य कर रही है, जिसमें तीन सौ लोग जुडे हुए है। उन्होंने बताया कि मछली उत्पादन में कलस्टर आधारित कार्याे के लिए सरकार से मुख्यमंत्री घाोषणा में 4.5 करोड की धनराशि के सापेक्ष 1.5 करोड की धनराशि विभाग को मिल चुकी है, जिसका काश्तकरों को लाभ प्रदान किया जाएगा। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, प्रमुख गोविंद दानू, पूर्व जिपं अध्यक्ष विक्रम शाही, लाल सिंह, दीवान, नपा अध्यक्ष सुरेश खेतवाल, सुनीता टम्टा, मनमोहन भाकुनी, कला वती दीवान, हीरा बघरी, दलीप दानू, ग्राम प्रधान बिशन सिंह आदि उपस्थित थे।

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