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पीएम मोदी ने लांच की अमृत भारत स्टेशन स्कीमः पुनर्विकास से 508 रेलवे स्टेशनों की बदलेगी तस्वीर

नई दिल्ली(उद ब्यूरो)। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत देशभर के 508 रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। इस पुनर्विकास परियोजना की लागत 24470 करोड़ रुपये होगी। इससे यात्रियों को आध्ुनिक सुविधएं प्रदान होंगी। इन सभी स्टेशन के नए डिजाइन स्थानीय संस्कृति और विरासत पर आधरित होंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना देश भर में 1309 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए शुरू की गई थी। इसके तहत देश भर के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास किया जाएगा। इस मौके पर पीएम मोदी ने लोगों को संबोध्ति करते हुए कहा, रेलवे में जितना काम हुआ है, वह हर किसी को प्रसन्न और हैरान करती है। दुनिया में दक्षिण अफ्रीका, यूक्रेन, पोलैंड, यूके और स्वीडन जैसे देशों में जितना रेल नेटवर्क है उससे अध्कि रेल ट्रैक हमारे देश में इन 9 वर्षों में बिछाए गए हैं। साउथ कोरिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में कुल जितना रेल ट्रैक है उससे अध्कि रेल ट्रैक भारत में अकेले पिछले साल बनाए हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने इस ऐतिहासिक पल के मौके पर कहा, 2030 तक भारत एक ऐसा देश होगा जिसकी रेलवे नेट जीरो उत्सर्जन पर चलेगी। हमारा जोर भारतीय रेलवे को आधुनिक बनाने के साथ ही पर्यावरण फ्रेंडली बनाने पर भी है। जल्द भारत के शत प्रतिशत रेलवे ट्रैक इलैक्ट्रीफाइड होने जा रहे हैं। बिजली बनाने वाले रेलवे स्टेशनों का संख्या भी 1200 से ज्यादा हो गई है। हमारा लक्ष्य यही है कि आने वाले समय में सभी स्टेशन ग्रीन एनर्जी बनाए। देशभर में रेलवे स्टेशनों का शिलान्यास समारोह ऐतिहासिक अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत होगा। इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री ने इस कदम की सराहना की और कहा कि यह परियोजना ईज ऑफ लिविंगश् को बढ़ावा देगी और आराम के साथ-साथ सुविध भी बढ़ाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि लगभग 25,000 करोड़ रुपये की लागत से किया जाने वाला पुनर्विकास देश में रेल बुनियादी ढांचे की कल्पना में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।ये 508 स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 55-55, बिहार में 49, महाराष्ट्र में 44, पश्चिम बंगाल में 37, मध्य प्रदेश में 34, असम में 32, ओडिशा में 25, पंजाब में 22 स्टेशन शामिल हैं।इसके अलावा, गुजरात और तेलंगाना में 21-21, झारखंड में 20, आंध््र प्रदेश और तमिलनाडु में 18-18, हरियाणा में 15, कर्नाटक में 13 और अन्य कई राज्यों के कई स्टेशन शामिल हैं। पुनर्विकास यााित्रयों के मार्गदर्शन के लिए अच्छी तरह से डिजाइन किए गए यातायात परिसंचरण, अंतर-मोडल एकीकरण और अच्छी तरह से डिजाइन किए गए साइनेज को सुनिश्चित करने के साथ-साथ आध्ुनिक याात्री सुविधएं प्रदान करेगा। स्टेशन भवनों का डिजाइन स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा।

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