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पीएम मोदी ने मन की बात में की भोजपत्र की ब्रांडिंग: प्राचीन काल में हमारे शास्त्र और ग्रंथ इन्हीं भोजपत्रा पर सहेजे जाते रहे

देहरादून(उद संवाददाता)। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पी.एम. स्वनिधि परिवार के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात रेडियो प्रसारण के 103वें संस्करण को सुना। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने के लिए लोगों को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केंटिंग की अच्छी व्यवस्थाओं के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण भी दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पिछले साल अक्टूबर में माणा से देशभर के श्रद्धालुओं से अपनी धार्मिक यात्रा का 05 प्रतिशत खर्चा स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने की अपील की थी। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका में तेजी से वृद्धि हो रही है और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है। मन की बात में प्रधानमंत्री ने नीती-माणा की महिलाओं का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की ओर से भोजपत्र पर दी गई भेंट मेरे लिए जीवन की सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है। मैं इससे अभिभूत हूं। रविवार को मन की बात में प्रधानमंत्री ने देश में हो रहे अभिनव प्रयोगों का जिक्र किया जिसमें खासतौर पर नीती-माणा की महिलाओं की ओर से भेजे गए भोजपत्र की भेंट का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि प्राचीन काल में हमारे शास्त्र और ग्रंथ इन्हीं भोजपत्र पर सहेजे जाते रहे हैं। आज देवभूमि की महिलाएं इस भोजपत्र पर बेहद सुंदर स्मृति चिर् िंऔर कलाकृतियां बना रही हैं। भोजपत्र की प्राचीन विरासत उत्तराखंड के जीवन में खुशहाली ला रही है। कहा कि उत्तराखंड सरकार भोजपत्र से नए-नए प्रोडक्ट तैयार करने के लिए प्रशिक्षण देने के साथ भोजपत्र की दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित करने का भी काम कर रही है। भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष डॉ. हिमानी वैष्णव ने बताया कि महिला मोर्चे की ओर से भी विभिन्न जगहों पर प्रधानमंत्री की मन की बात कार्यक्रम को सार्वजनिक रुप से प्रसारित किया गया। भोजपत्र की प्राचीन विरासत देवभूमि उत्तराखंड की महिलाओं के जीवन में खुशहाली के नए-नए रंग भर रही है। यह बेहद संतोष की बात है कि भोजपत्र से बनी अनूठी कलाकृतियां ना सिर्फ हमारी परंपरा और संस्कृति को संजोने का माध्यम बन रही हैं, बल्कि इससे आर्थिक तरक्की के नए द्वार भी खुल रहे हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले नीती माणा की महिलाओं ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र भेजा था जिसमें उन्होंने पीएम की पहल पर भोजपत्र पर शुरू किए गए काम का जिक्र किया था। मोदी 21 अत्तफूबर 2022 को माणा गांव आए थे। तब महिलाओं ने भोजपत्र पर तैयार कलाकृति मोदी को भेंट की। मोदी ने जनजाति महिलाओं की खूब प्रशंसा की थी जिसके बाद प्रशासन की पहल पर स्थानीय महिलाओं को भोजपत्र पर लिखने और कलाकृति बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इससे उनकी अच्छी आय हुई। महिलाओं ने भोजपत्र पर लिखी बदरीनाथ की आरती और एक आभार पत्र मोदी को भेजा। मोदी ने इस पत्र को लेकर ट्वीट भी था। इसके बाद भोजपत्र से बनने वाले उत्पादों की डिमांड भी बढ़ गई है।

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