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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ‘धाकड़ धामी’ के समक्ष अब ‘ड्रग्स-जिहाद’ की चुनौती

  • उत्तराखंड के युवाओं को खोखला कर देने की मुहिम में जुटे ड्रग्स माफिया
  • एसटीएफ की टॉपटेन ड्रग्स कारोबारियों की सूची में ‘टॉपनाइन’ समुदाय विशेष के
  • बरेली के बड़े तस्करों से जुड़े हैं तार
    रूद्रपुर। लव जिहाद एवं लैंड जिहाद के बाद अब उत्तराखंड सरकार के समक्ष अब एक अजीब तरह का जिहाद,एक कठिन चुनौती के रूप में सामने आया है। गौरतलब है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले दिनों जबरिया धर्म परिवर्तन पर बेहद सख्त कानून लाकर राज्य के भीतर लव जिहाद पर नकेल कसने की कोशिश करने के साथ , ही सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए एक आक्रामक अभियान चलाकर, राज्य के तमाम लैंड जिहादियों को नेस्तनाबूद कर के रख दिया है। सूबे के मुखिया के इस कदम से बौखलाए समुदाय विशेष के जिहाद प्रेमियों ने अब उत्तराखंड के भीतर एक अलग तरह के जिहाद की जमीन तैयार करने की कोशिशें आरंभ कर दी है ।जिहाद का यह स्वरूप अब तक सामने आए लव जिहाद एवं लैंड जिहाद के स्वरूप से भिन्न होने के साथ ही उनकी तुलना में बेहद खतरनाक भी है, क्योंकि इसके द्वारा समूचे उत्तराखंड के युवाओं की रगों में खून के बजाय ड्रग्स दौड़ाने का बेहद घिनौना खेल खेला जा रहा है। उत्तराखंड में तेजी से अपनी जड़े जमा रहे इस जिहाद का नाम है – ‘ड्रग्स जिहाद’ । जिसके तहत एक समुदाय विशेष के ड्रग्स कारोबारियों ने उत्तराखंड के तकरीबन सभी प्रमुख शहरों में अपना सिंडिकेट स्थापित कर लिया है और अब वे नशे की अपने कारोबार को गांव और मोहल्लों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ी तेजी से काम कर रहे हैं। बताना होगा कि उत्तराखंड एसटीएफ ने हाल ही में राज्य के टॉपटेन ड्रग्स माफियाओं की सूची जारी की है, जिसमें से टॉप नाईन समुदाय विशेष के हैं। एसटीएफ के अनुसार समुदाय विशेष के इन ड्रग्स कारोबारियों के तार बरेली के बड़े ड्रग्स तस्करों से जुड़े हुए हैं ।एसटीएफ की सूची में देहरादून शहरी क्षेत्र के अकीम और यूसुफ के नाम हैं, जोकि एक बड़ा नेटवर्क देहरादून के पछुवा इलाके के कॉलेज यूनिवर्सिटी क्षेत्र और मसूरी के आसपास चला रहे हैं । इस सूची में अगले नाम डोईवाला क्षेत्र के जाकिर, वासिम, इल्ताफ अहमद और इश्तियाक के हैं, जोकि देहरादून हरिद्वार ऋषिकेश, मुनि की रेती नरेंद्र नगर तक अपना नेटवर्क फैलाए हुए हैं । नैनीताल शहर से मेहबूब का नाम टॉप टेन की सूची में है ।बताया जाता है कि इसका नेटवर्क कालाढूंगी और भवाली तक फैला हुआ है। कॉर्बेट सिटी रामनगर के शाहू खान का नाम भी टॉपटेन की सूची में शामिल है, जोकि अब एक बड़ा ड्रग माफिया बन चुका है और बाजपुर, काशीपुर से लेकर जसपुर तक सक्रिय है। इसके अलावा उधम सिंह नगर जिले से सलीम नामक ड्रग तस्कर का नाम टॉप टेन की सूची में शामिल है। वही टॉपटेन में एक मात्र गैर मुस्लिम तस्कर राजेश साहू है जोकि हल्द्वानी का रहने वाला है ।इसके बारे में बताया गया है कि इसकी एक अलग ही टीम है ,जो कुमाऊं के पहाड़ी क्षेत्रों में बड़े ही व्यवस्थित तरीके से व्यवस्थित एवं गुप्त तरीके से ड्रग्स की सप्लाई करती है । यहां यह स्पष्ट करना होगा की उत्तराखंड एसटीएफ राज्य के मुख्यमंत्री के निर्देश पर इन दिनों खास तौर से सक्रिय है और राज्य के भीतर सक्रिय सभी ड्रग्स तस्करों की कुंडली तैयार करने में लगी है। इस क्रम में एसटीएफ ने यह भी पता लगाया है कि ड्रग्स माफिया ड्रग्स की सप्लाई के लिए नित नए तरीके खोज रहे हैं और अब उन्होंने फूड सप्लाई चौन से जुड़ी जोमैटो , स्वीगी आदि कंपनियों के डिलीवरी ब्वॉय को ड्रग पेडलर के रूप में इस्तेमाल करना आरंभ कर दिया है ।फूड सप्लाई चौन से जुड़ी कंपनियों के डिलीवरी बॉयज को ड्रग सप्लाई का मोहरा बनाए जाने संबंधी इनपुट प्राप्त होने के बाद अब उत्तराखंड पुलिस ने राज्य के भीतर काम करने वाले डिलीवरी बॉयज की कुंडली खंगालनीआरंभ कर दी है। उत्तराखंड एसटीएफ एवं उत्तराखंड पुलिस द्वारा ड्रग्स माफियाओं के विरुद्ध चलाए जा रहे इस ताजा अभियान की मॉनिटरिंग ,राज्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं कर रहे हैं और उन्होंने 2025 तक उत्तराखंड को नशा मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है ।

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