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जी 20 समूह की तीसरी बैठक में ‘टिकाऊ शहरों के रोडमैप पर उच्च स्तरीय सेमिनार’ का आयोजन

ऋषिकेश। जी 20 के ढांचागत विकास कार्य समूह की तीसरी बैठक सोमवार को ऋषिकेश के निकट नरेंद्रनगर में हुई। बैठक में जी-20 सदस्य देशों के अलावा आमंत्रित देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के कुल 63 प्रतिनिधि शामिल हुए। इससे पहले रविवार को नरेंद्रनगर स्थित कार्यक्रम स्थल होटल वेस्टिन रिसार्ट एंड स्पा हिमालयाज में केंद्रीय वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव सोलोमन अरोकियाराज ने कार्यक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ढांचागत विकास कार्य समूह की तीसरी बैठक में 2023 ढांचागत विकास की विभिन्न कार्य धाराओं की दिशा की ठोस प्रगति पर चर्चा की जाएगी।उन्होंने बताया कि ढांचागत विकास कार्य समूह की इस बैठक में दो सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। सोमवार को एशियन इंÚास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक के साथ साझेदारी में ‘टिकाऊ शहरों के रोडमैप पर उच्च स्तरीय सेमिनार’ का आयोजन किया गया। तीन सत्रों में चर्चा से जी- 20 के नीति निर्माताओं को तीव्र शहरीकरण और समावेशिता, प्रौद्योगिकी, इंÚाटेक और डिजिटली करण की भूमिका की खोज के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन से लेकर बुनियादी ढांचे के लचीलेपन तक की प्रमुख चुनौतियों को भी जानने का अवसर मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय व देश के विशेषज्ञ भी चर्चा में शामिल होकर अपने अनुभव और सुझाव साझा कर रहे हैं। 27 जून को नागरिक उîóयन मंत्रालय की ओर से भारत को एमआरओ ;मेंटीनेंस, रिपयेरिंग व ओवरहालद्ध हब बनाने पर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें एमआरओ क्षेत्र में भारत की ओर से पेश किए जाने वाले अवसरों पर चर्चा की जाएगी। बता दें जी-20 ढांचागत विकास कार्य समूह, बुनियादी ढांचे के निवेश के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श करता है। इसमें बुनियादी ढांचे को एक परिसंपत्ति वर्ग के रूप में विकसित करना, गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे के निवेश को बढ़ावा देना और बुनियादी ढांचे के निवेश के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए नवीन उपकरणों की पहचान करना भी शामिल है। ढांचागत विकास कार्य समूह के नतीजे जी 20 फाइनेंस ट्रेक प्राथमिकताओं में शामिल होते हैं और ढांचागत विकास को बढ़ावा देते हैं। वित्त मंत्रालय के निदेशक अमन गर्ग ने बताया कि तीन दिवसीय बैठक के दौरान औपचारिक चर्चा के अलावा प्रतिनिधि विभिन्न आधिकारिक बैठकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। प्रतिनिधियों को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति के दर्शन भी कराए जाएंगे। सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड के लोक कलाकार लोक कला, गायन और वाद्य की प्रस्तुतियां देंगे। प्रतिनिधियों को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने का अवसर प्रदान करेंगे। रात्रि भोज व संवाद की भी मेजबानी भी उत्तराखंड की ओर से की जाएगी। साथ ही मेहमानों को ऋषिकेश के आध्यात्मिक वातावरण और प्राकृतिक छटा का अनुभव भी करवाया जाएगा। 28 जून की दोपहर प्रतिनिधियों को उत्तराखंड माडल विलेज ओणी गांव का भ्रमण कराया जाएगा। इसके पश्चात प्रतिनिधि ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट की गंगा आरती में प्रतिभाग करेंगे।

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