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शहीद लांस नायक रुचिन सिंह रावत का पार्थिव शरीर पहुंचा दून ,सीएम ने दी श्रद्धांजलि

देहरादून। ऑपरेशन त्रिनेत्र में शुक्रवार पांच मई को शहीद हुए लांस नायक रुचिन रावत का पार्थिव शरीर शनिवार को देहरा दून पहुंचा। हवाई मार्ग से बलिदानी का पार्थिव शरारी जौलीग्रांट एयरपोर्ट लाया गया। मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहां उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले हमारे शहीदों को यह देश हमेशा याद रखेगा। राज्य सरकार हर पल सैनिक परिवारों के साथ खड़ी है। सरकार शहीद रुचिन सिंह रावत के परिजनों की हर संभव मदद करेगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक बृजभूषण गैरोला, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून दिलीप कुंवर एवं अन्य लोग मौजूद रहे। इसके बाद सड़क मार्ग से बलिदान का पार्थिव शरीर उनके मूल गांव रवाना कर दिया गया। शहीद लांस नायक रुचिन सिंह रावत के साथ ही हिमाचल प्रदेश के शहीद पैराट्रूपर प्रमोद नेगी का पार्थिव शरीर भी जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लाया गया। यहां से शहीद प्रमोद नेगी का पार्थिव शरीर हिमाचल भेजा गया। चमोली जिले के गैरसैंण ब्लॉक में कुनिगाड गांव के रहने वाले लांस नायक रुचिन सिंह रावत राजौरी सेक्टर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए। वह जम्मू-कश्मीर की ऊधमपुर यूनिट में तैनात थे। शहीदरुचिन रावत नौ पैरा में कमांडो थे। वह अपने पीछे बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी व चार वर्षीय बच्चे को छोड़ गए हैं। कुनिगाड गांव निवासी रुचिन सिंह रावत आतंक वादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए हैं। उनके बलिदान की सूचना पर गांव में मातम है। गांव में दादा दादी व माता-पिता रहते हैं। शहीद की पत्नी व चार वर्षीय बच्चा साथ में ही रहते थे। बताया गया कि रुचिन सिंह रावत का भाई भी नेवी में तैनात हैं तथा बहन की शादी हो चुकी है। 30 वर्षीय रुचिन रावत 2009-10 में सेना में भर्ती हुए थे। रुचिन के चाचा सुरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि शहीद की पत्नी और बेटा जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में ही रहते हैं। उसकी पत्नी ने ही गैरसैंण में अपने माता-पिता को पति के शहीद होने की सूचना दी। रुचिन की पत्नी और बेटा उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में ही रहते हैं। रावत ने बताया कि रुचिन काफी हंसमुख स्वभाव का था। जब छुट्टी में गांव आते थे तो सामाजिक कार्यों में खूब बढ़-चढ़कर भाग लेते थे।

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