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मुख्यमंत्री ने जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में की पूजा अर्चना: लोगों से की अपील, अगर डर का माहौल रहेगा तो पर्यटक नहीं आएंगे

चमोली ।भू-धंसाव के संकट से घिरे जोशीमठ के प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दूसरी बार ग्राउंड जीरो पर पहुंचे हैं। बृहस्पतिवार को वह नृसिंह मंदिर पहुंचे और यहां पूजा की। मुख्यमंत्री ने प्रातः नरसिंह मंदिर, जोशीमठ में पूजा-अर्चना कर भक्तों के रक्षक भगवान नरसिंह से इन विषम परिस्थितियों में जोशीमठ वासियों की सुरक्षा एवं कल्याण की कामना की। नरसिंह मंदिर, जोशीमठ में पूजा-अर्चना करने के पश्चात गौ माता का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया व इन प्रतिकूल परिस्थितियों में आध्यात्मिक व धार्मिक स्थली जोशीमठ की सुरक्षा की कामना की। भू-धंसाव के संकट का सामना कर रहे जोशीमठ में आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी स्थित नृसिंह मंदिर परिसर में दरारें आ गई हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद शंकराचार्य की गद्दी नृसिंह मंदिर में विराजमान रहती है। नृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद सीएम धामी सेना, आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों, प्रभावितों और पार्टी कार्यकर्ताओं मुलाकात करने के लिए रवाना हुए। इस बीच सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि हमने अभी सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की है। हम लोगों से अपील कर रहे हैं कि ये माहौल न बनाएं कि जोशीमठ खत्म हो रहा है। यहां बस 25» घरों में दरारें हैं, उन्हें खाली करा लिया गया है। लोगों की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर निर्भर है। अगर डर का माहौल रहेगा तो पर्यटक नहीं आएंगे। अभी चार महीने बाद चार धाम की यात्रा भी है। लोग धीरे धीरे संतुष्ट हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमने जो 1.5 लाख की फौरी राहत घोषित की है वो आज शाम तक लोगों के खातों में आ जाएगी। हम आगे और राहत राशि देंगे। हमने सरकार और जनप्रतिनिधियों की एक कमेटी बना दी है जो मुआवजे को लेकर बात कर रही है। ये दरारें क्यों आई हैं अभी उसका अध्ययन चल रहा है। केंद्र, राज्य, वाडिया इंस्टीटड्ढूट के वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। हम जोशीमठ के अलावा दूसरे उत्तराखंड के शहरों पर भी भार का आकलन कर रहे हैं। हम लोगों को विश्वास दिलाते हैं कि उनके साथ हैं। हमने जोशीमठ के बाहर पहाड़ काटने की घटना का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इससे पहले बुधवार को जोशीमठ रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने राहत मरहम का एलान किया। आपदा राहत मानकों से बाहर जाकर उन्होंने बाजार दर से नुकसान की भरपाई करने की घोषणा कर प्रभावितों की कुछ हद तक चिंता दूर करने की कोशिश की है। सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर जोशीमठ पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक-एक पल की रिपोर्ट लेने आया हूं। मेरी पहली चिंता आज सिर्फ जोशीमठ है।

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