Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

अभियुक्त द्वारा सोशल मीडिया पर पीठासीन अधिकारी के विरूद्ध डाली गलत पोस्ट, रपट दर्ज

रूद्रपुर। न्यायालय में विचाराधीन मामले के एक अभियुक्त द्वारा निरंतर पीठासीन अधिकारी के विरूद्ध सोशल मीडिया में आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर उच्च न्यायालय के निर्देश पर उसके खिलाफ रपट दर्ज कराई गई है। दर्ज रपट में राजीव ठाकुर फौजदारी लिपिक न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट/प्रथम अपर सिविल जज रूद्रपुर ने कहा है कि न्यायालय में श्रीमती पल्लवी गुप्ता न्यायिक मजिस्ट्रेट/प्रथम अपर सिविल जज, रूद्रपुर, उधम सिंह नगर पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। न्यायालय में हरजीत अनेजा पुत्रा इन्द्रजीत सिंह निवासी बत्रा कालोनी, भरतपुर कौशलगंज, रामपुर अन्य पता श्याम टॉकीज रोड, कल्याणी व्यू रूद्रपुर के विरूट फौजदारी वाद लंबित थीं। वर्तमान में उक्त दोनों पत्रावलियां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 7 सितम्बर 2022 को न्यायालय चतुर्थ अपर सीनियर सिविल जज में स्थानांतरित कर दी गई हैं। अभियुक्त हरजीत अनेजा द्वारा वाद में स्वयं पैरवी की जाती थी। उसके द्वारा इस न्यायालय के पीठासीन अधिकारी के संबन्ध में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए सोशल मीडिया फेसबुक पर अपने एकाउंट से पोस्ट डाली जा रही है। 30 मार्च 2022 से पीठासीन अधिकारी के संबन्ध में फेसबुक पर लगातार टिप्पणी की जा रही है। 26 अगस्त 2022 को अभियुक्त द्वारा .पीठासीन अधिकारी की फोटो अपने फेसबुक एकाउंट पर अपलोड करते हुए पोस्ट डाली गई है। 29 अगस्त व 1 सितंबर 2022 को भी अभियुक्त हरजीत द्वारा पीठासीन अधिकारी के संबन्ध में फेसबुक पर टिप्पणी करते हुए गलत आरोप लगाये गये। 7 सितंबर 2022 को अभियुक्त द्वारा पीठासीन अधिकारी व उनके माता पिता के संबन्ध में अशोभनीय टिप्पणी की गई। पुनः 14 सितंबर, 27 सितंबर व 26 अक्टूबर 2022 को अभियुक्त द्वारा पीठासीन अधिकारी के संबन्ध में व्यक्तिगत रूप से अमर्यादित, आपत्तिजनक शब्दावली का प्रयोग करते हुए पोस्ट डाली गई है। इसके अतिरिक्त अभियुक्त द्वारा न्यायालय कार्यवाहियों की ऑडियो रिकार्डिंग करके यू टड्ढूब पर वीडियो बनाकर 29 अक्टूबर 2022 को अपलोड की गई। 6 सितम्बर 2022 को अभियुक्त द्वारा पीठासीन अधिकारी के संबन्ध में अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए पोस्ट फेसबुक आईडी पर डाली गई। आरोप है अभियुक्त द्वारा माननीय न्यायमूर्ति उच्चतम न्यायालय व जिला उधम सिंह नगर में कार्यरत रहे अन्य न्यायिक अधिकारीगण के संबन्ध में भी अशोभनीय टिप्पणियां अपने फेसबुक एकाउंट पर की गई । अभियुक्त हरजीत अनेजा के इस कृत्य से पीठासीन अधिकारी व अन्य न्यायिक अधिकारीगण की छवि को धूमिल किया है। अभियुक्त की उक्त मानसिक प्रवृत्ति व कृत्यों को देखते हुए पीठासीन अधिकारी को जान माल का खतरा बना हुआ है। माननीय उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश के अनुसार अभियुक्त हरजीत के विरूद्ध साईबर सेल पुलिस स्टेशन में कार्यवाही दर्ज कराये जाने व उसके सोशल मीडिया एकाउंट से आपत्तिजनक पोस्ट डिलीट कराये जाने बावत आदेश प्राप्त हुआ है। पुलिस ने आरोपी हरजीत अनेजा के विरूद्ध रपट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *