February 11, 2026

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सीएम त्रिवेंद्र वनाधिकार आंदोलन को क्यों नहीं दे सकते समर्थन!

देहरादून। उत्तराखंड के लोगों को वनों पर अपने हक हकूकों की आजादी दिलाने और प्रदेश को वन प्रदेश घोषित करने की मांग को लेकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष खुलकर आगे आ गये है। किशोर अब इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिये एमपी के कांग्रेस सांसदों की मदद भी लेंगे। वनों की रक्षा और देवभूमि के लोगों को उनका हक दलाने के लिए चलायी जा रही इस मुहिम को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का भी सर्मान मिल रहा है। आज पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोरउपाध्याय ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकत कर प्रीतम सिंह को धन्यवाद दिया।श्री उपाध्याय ने वनाधिकार आंदोलन को गति देने एवं इसे इस पहाड़ी प्रदेश में लागू करवाने हेतु कांग्रेस संगठन से समर्थन मांगा। श्री प्रीतम सिंह जी ने कहा कि पूरी कांग्रेस पार्टी किशोर उपाध्याय की इस मुहिम में साथ खड़ी रहेगी। श्री किशोर ने कहा कि अगर महारष्ट्र के मुख्यमंत्री मराठा आंदोलन को समर्थन दे सकते हैं तो उत्तराखंड की सरकार एवं उत्तराखंड के लोग वनाधिकार आंदोलन को समर्थन क्यों नहीं दे सकते। उन्होंने कहा जब तक मुझमें सांस रहेगी तब तक मैं यहां के लोगों के हक हकूकों के लिये लड़ता रहूंगा, श्री उपाध्याय ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने हेतु मध्यप्रदेश के कांग्रेस सांसदों से भी आग्रह किया है। प्रतिनिधिमंडल में श्री बच्चीराम कंसवाल, कॉमरेड समर भंडारी, डॉ० एस०एच० सचान , याकूब सिद्दकी, राजेन्द्र भंडारी, अमरजीत सिंह, विशाल मौर्य, सुरेंद्र रांगड़, प्रणीता बडोनी, शांति रावत, नवीन जोशी, नेमचंद आदि शामिल रहे।

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