February 11, 2026

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सुबोध उनियाल का बड़ा खुलासा: कुंभ मेले की अधिसूचना से पहले सौंप दिया गया था जांच का काम

Haridwar: Devotees gather to offer prayers during the third 'Shahi Snan' of the Kumbh Mela 2021, at Har ki Pauri Ghat in Haridwar, Wednesday, April 14, 2021. (PTI Photo)(PTI04_14_2021_000076B)

कोरोना टेस्टिंग घोटाले में घिरी भाजपाः भुवन जोशी के भांजे हैं शरत पंत!
देहरादून(उद संवाददाता)। महाकुंभ मेले में कोरोना जांच घोटाले में प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत समेत भाजपा के दिग्गज नेताओं के साथ कोविड टेस्टिंग का ठेका लेने वाली तथाकथित कंपनी मैक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज के मालिक शरत पंत की तस्वीरे सोशल मीडिया में वायरल होने से सियासी भूचाल खड़ा हो गया है। इतना ही नहीं विपक्षी दल कांग्रेस समेत अन्य दलो के नेताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश जाहिर कर सीएम से इस्तीफा देने की मांग कर रहे है। वहीं अब टेस्टिंग फर्जीवाड़े की एसआईटी जांच के बीच सरकार के प्रवत्तफ़ा एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में बड़ा खुलासा करते हुए सफाई पेश की की है। उन्होंने बताया कि कोरोना जांच में फर्जीवाड़ा कुंभ की अधिसूचना लागू होने से पहले हुआ है। श्री उनियाल ने कहा कि हरिद्वार में कुंभ की अधिसूचना एक अप्रैल से लागू हुई। कोरोना जांच रिपोर्ट में जो फर्जीवाड़ा हुआ, वह इससे पहले का है। अधिसूचना से पहले ही हरिद्वार में कोरोना जांच के मद्देनजर विभिन्न फर्मों को काम सौंपा गया था। प्रदेश सरकार ने कुंभ मेले के दौरान कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में तेजी से बढ़ रहे मामलों को देऽते हुए सभी श्रद्धालुओं के लिए आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट लेकर आना अनिवार्य किया था साथ ही हरिद्वार की सीमा पर भी कोरोना की आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच की व्यवस्था की गई। इसके लिए नौ लैब को अधिकृत किया गया। इसमें मैक्स कारपोरेट सविसेज ने हिसार की नलवा लैब और दिल्ली की लालचंदानी लैब के जरिये ये काम किया। इन्होंने हरिद्वार के पांच स्थानों पर सैंपलिंग की। जांच में फर्जीवाड़े की बात तब सामने आई थी कि फरीदकोट (पंजाब) के एक व्यत्तिफ़ के मोबाइल पर बिना जांच किए ही जांच कराने संबंधी मैसेज आया। उसने इसकी शिकायत इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) से की। आइसीएमआर के पत्र पर स्वास्थ्य विभाग ने इसकी प्रारंभिक जांच कराई। इसमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई। इस पर सरकार के आदेश पर जिलाधिकारी हरिद्वार ने मैक्स कारपोरेट सर्विसेज के साथ ही हिसार (हरियाणा) की नलवा लैब और दिल्ली की लालचंदानी लैब पर मुकदमा दर्ज कर दिया। अब इसकी एसआइटी से जांच कराई जा रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी इस बात को कह चुके हैं कि यह फर्जीवाड़ा उनके कार्यकाल से पहले का है। जबकि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी कुंभ में कोरोना की फर्जी जांच करने के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की अपील करते हुए कहा था कि दोषियों पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करना चाहिये। जबकि सीएम के बयान पर उन्होने नसीहत देते हुए कहा था कि पहले भी भाजपा की सरकार थी और अब भी टीएसआर की सरकार है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी मौजूदा सीएम तीरथ सिंह रावत के बयान पर सवाल भी खड़े किये है। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार को छुपाने का आरोप लगाते हुए पूछा है कि आखिर फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने की बजाये एक दूसरे पर दोषारोपण कर राजनीतिक बयानबाजी क्यों की जा रही है।
मैक्स काॅर्पाेरेट सर्विसेज कंपनी के मालिक की भाजपा के दिग्गजों के साथ तस्वीरे वायरल
देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना महामारी के बीच भ्रष्टाचार का मुद्दा सुर्खियों में छाया हुआ है। हरिद्वार महाकुंभ मेले मे पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की कोरोना जांच के नाम पर फर्जी रिपोर्ट बनाने के मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने कोविड जांच एजेसिंयों की एसआईटी जांज 15 दिन के भीतर करने के आदेश दिये है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से लेेकर राज्य की तीरथ सिंह रावत सरकार पर हमलावर रूख अख्तियार कर रही है। वहीं हरिद्वार कुम्भ में कोरोना टेस्टिंग घोटाले की जांच के बीच अब और अधिक चैकाने वाली बात सामने आई है। महाकुंभ में फर्जी टेस्टिंग करने के आरोपो से घिरी कंपनी मैक्स काॅर्पाेरेट सर्विसेज के मालिक शरत पंत की सत्तासीन भाजपा के कई दिग्गज नेताओं के साथ तस्वीरे उनके फेसबुक पेज पर वायरल किये जा रहे है साथ ही कहा जा रहा है कि शरत पंत के उत्तराखंड ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार के दिग्गज मंत्रियों से अच्छी खासी जान पहचान है। विपक्षी दल कांग्रेस समेत आम आदमी पार्टी ने भी सोशल मीडिया पर शरत पंत और उनके साथ मुलाकात करते हुए कई तस्वीरों पर तरह तरह की टिप्पणी कर रहे है। हांलाकि अब तक कंपनी के मालिक मीडिया के सामने नहीं आये है लेकिन एसआईटी जांच के बीच उनकी तस्वीरों को तेजी से वायरल करने से जांच अधिकारियों के समक्ष निष्पक्ष् जांच की चुनौती खड़ी हो रही है। बताया जा रहा है कि कंपनी के मालिक शरत पंत के मामा भुवन जोशी केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री के पीए बताए जा रहे हैं। दोनों की भाजपा के कई बड़े नेताओं के साथ फोटो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि भाजपा में इसी सेटिंग के चलते सर्विस प्रोवाइडर मैक्स काॅर्पाेरेट सेविसेज ने राज्य सरकार को करवट में लेते हुए कोरोना जाॅच के ठेके लिए। जानकारी मिली है कि शरत पंत मैक्स कारपोरेट सर्विसेज कुम्भ कंपनी का मालिक हैं। इसकी पत्नी मल्लिका पन्त भी कम्पनी की मालकिन है। कार्यालय नोएडा में है।इस फर्जीवाड़े में मैक्स कारपोरेट सर्विसेज को लैब जांच का कोई अनुभव नहीं है लेकिन उसने हिसार की नलवा तथा दिल्ली की डाॅ. लाल चंदानी लैब से डव्न् कर राज्य सरकार को यह बताया कि दोनों लैब उसके लिए काम करती हैं। जबकि मैक्स कारपोरेट सर्विसेज के प्रोफाइल में मोटर रिवाइंडिंग सर्विस साफ तौर पर लिखा गया है। अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक मोटर रिवाइंडिंग करने वाली मामूली फर्म को कोविड वायरस के नमूनों की जांच का महत्वपूर्ण कार्य सौंपकर जनता के जीवन से खिलवाड़ किया गया। इस मामले में राज्य कांग्रेस ने कहा है कि जिस तरह से एजेंसी को काम देने के बाद पूरी सरकार और प्रशासन कुम्भकर्णी नींद सो गए और कुंभ के दौरान होने वाले टेस्टिंग के प्रति किसी ने भी गंभीरता नहीं दिखाई न ही कोई माॅनिटरिंग की गई उसको देखते हुए यही लगता है कि जानबूझकर शरद और उसकी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने की खुली छूट दी गई। इतना ही नहीं एजेंसी के साथ काॅन्ट्रैक्ट केवल अप्रैल आखिर तक का था लेकिन जिस तरह से मई के महीने में भी उस कंपनी के द्वारा टेस्टिंग प्रक्रिया अनवरत जारी रखी गई वह भी अपने आप में बहुत बड़ा प्रश्न है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भाजपा नेताओं पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कंपनी के व्यक्तियों के तार केंद्र से लेकर राज्य सरकार और भाजपा के दिग्गज नेताओं से जुड़ रहे हैं। इसी वजह से यह घोटाला हुआ और अब इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हरिद्वार में कुंभ के दौरान कोरोना जांच में अनियमितता की दोषी जिस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी, उसे बचाने की कोशिश की जा रही है। कंपनी के व्यक्तियों के भाजपा से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। निविदा के साथ ही ठेके को सबलेट करने के कंपनी के कदम से यह सच साबित हो रहा है। इस मामले में सरकार और सत्तारूढ़ दल दोषी हैं। इस मामले में केंद्र से लेकर राज्य तक तार जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। इसी वजह से कंपनी को ठेका दिया गया। कांग्रेस सच्चाई को जनता के सामने लाने के लिए 25 जून को हरिद्वार में गंगा तट पर उपवास करेगी।
फर्जीवाड़ा के मास्टरमाइंड को भाजपा का संरक्षण: गरिमा दसौनी
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा दिग्गजों के साथ कंपनी के मालिक की फोटो वायरल होने और उनके साथ संबंध पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर मैक्स काॅर्पाेरेट सर्विसेज के मालिक शरत पंत की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नîóा, तीरथ सिंह रावत, स्मृति ईरानी, रमेश पोखरियाल निशंक के साथ मुलाकत की कई तस्वीरें पोस्ट करते हुए तंज कसा है कि यहां तो हर डाल पर उल्लू बैठा है हो रही है। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में भाजपा सरकार पर सियासी प्रहार करते हुए कहा फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी का मालिक और मास्टरमाइंड शरत पंत मैक्स कारपोरेट सर्विसेज कुम्भ मेला कंपनी का मालिक है, पत्नी मल्लिका पन्त भी कम्पनी की मालकिन है। दसौनी ने कहा कि शरद पंत की जिस तरह से भाजपा के सभी दिग्गजों के साथ फोटो सामने आ रही हैं उससे यही साबित होता है शरद पंत के भाजपा के नेताओं के साथ किस तरह के संबंध हैं और इतने बड़े स्तर के फर्जीवाड़े को अंजाम वह किसके इशारे पर और संरक्षण में दे पाया। दसौनी ने कहा कि शरद पंत केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री के निजी सहायक भुवन जोशी के भांजे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी रसूख की वजह से शरद पंत को यह ठेका दिलाया गया। कंपनी को काम देने के बाद सरकार और प्रशासन नींद में सो गया। कंपनी के साथ ठेका केवल अप्रैल आखिर तक था, लेकिन मई माह में भी कंपनी ने कोरोना जांच अनवरत जारी रखी। भाजपा सरकार राज्य के साथ देश में आस्था के केंद्र कुंभ की प्रतिष्ठा का धूमिल करने और कोरोना संक्रमण फैलाने की गुनहगार है। दसोनी ने कहा कि शरद पंत भुवन जोशी के भांजे हैं जो कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री के पीए हैं उन्हीं के रसूख और संबंधों के चलते शरद पंत को यह ठेका दिलवाया गया।
एसआइटी जांच से संतुष्ट नहीं होने पर सीबीआई जांच पर होगा विचार
नैनीताल। हरिद्वार महाकुंभ कोविड जांच फर्जीवाड़े की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर दायर सच्चिदानंद डबराल की जनहित याचिका पर बुधवार को हाई कोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि मामले की एसआइटी जांच चल रही है। रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर सीबीआइ जांच पर विचार किया जा सकता है। अगली सुनवाई 28 जून को होगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता शिव भट्ट ने कोर्ट को बताया कि हरिद्वारा महाकुंभ में हुई कोविड जांच में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। यदि चारधाम यात्रा में भी इन्हीं लैबों को कोविड जांच की जिम्मेदारी दी गई तो फिर से फर्जीवाड़ा होना तय है, लिहाजा मामले की सीबीआइ जांच कराई जाए। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि मामले में मुकदमा दर्ज हो चुका है। जांच के लिए एसआइटी गठित कर दी गई है। जांच भी शुरू हो गई है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चैहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि फिलहाल कोर्ट का फोकस कोविड की संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर सरकार की तैयारियां पर है। मामले की एसआइटी जांच चल रही है। रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर मामला सीबीआइ को सौंपने पर विचार किया जाएगा। वहीं, सच्चिदानंद डबराल ने सीबीआइ को भी पत्र लिखकर मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जांच की मांग की थी। इसपर सीबीआइ की ओर से कहा गया कि हम किसी मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जांच नहीं करते। कोर्ट के आदेश पर जांच की जा सकती है।

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