February 14, 2026

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एग्रीमेंट करने वाला समझौता नहीं तोड़ सकता है,मुनाफा होगा तो अलग बोनस भी किसान को देना होगा

पीएम मोदी ने कहा: किसानों के हक में खड़ी है सरकार,खातों में ट्रांसफर किये 18 हजार करोड़ 
नई दिल्ली(दर्पण ब्यूरो)। देश में नये कृषि कानून के विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को किसान सम्मान निधि योजना की नई किस्त जारी की और 9 करोड़ किसानों के खाते में करीब 18 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विपक्ष पर जमकर हमला बोला और किसानों को नए कृषि कानून के मसले पर गुमराह करने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज कृषि कानून को लेकर झूठ फैलाए जा रहे हैं। एमएसपी और मंडी पर अफवाह जारी है, कानून लागू हुए कई महीने हो गए हैं लेकिन क्या किसी को कोई नुकसान हुआ है। किसान आंदोलन में सभी गलत लोग नहीं हैं, कुछ भोले किसानों को भड़काया जा रहा है। पहले एमएसपी पर फसल बेची गई और उसके बाद आंदोलन को हवा दी गई। पीएम मोदी ने कहा कि पहले कृषि कानून तोड़ने पर किसानों को पेनाल्टी लगती थी, लेकिन अब हमारी सरकार ने ऐसी पेनाल्टी को खत्म कर दिया है। पीएम मोदी बोले कि अब खरीदार को किसानों को रसीद भी देनी होगी और तीन दिन के भीतर फसल का पैसा भी देना होगा।पीएम ने कहा कि सरकार किसानों के हक में खड़ी है और ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं कि किसानों को उनका हक मिले। पीएम मोदी ने कहा कि अगर कोई किसान से एग्रीमेंट करेगा, तो वो चाहेगा कि फसल अच्छी हो। ऐसे में एग्रीमेंट करने वाला व्यक्ति बाजार के ट्रेंड के हिसाब से ही किसानों को आधुनिक चीजें उपलब्ध करवाएगा। अगर किसी वजह से किसान की फसल अच्छी नहीं होती या बर्बाद हो जाती है, तो भी किसान को फसल का पैसा मिलेगा। एग्रीमेंट करने वाला समझौता नहीं तोड़ सकता है, लेकिन किसान अपनी मर्जी से एग्रीमेट खत्म कर सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर कंपनी को फसल से ज्यादा मुनाफा होगा, तो उसे फसल के दाम से अलग बोनस भी किसान को देना होगा। यानी अब रिस्क को किसान नहीं बल्कि कंपनी को झेलना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि जितने लोग आज आंदोलन चला रहे हैं वही उस सरकार के साथ थे, जिसने स्वामीनाथन रिपोर्ट को दबाकर रखा था। पीएम मोदी ने कहा कि हमने गांव के किसान के काम को आसान करने की कोशिश की है। जो आज किसानों के लिए आंसू बहा रहे हैं, उन्होंने सत्ता में रहते हुए क्या किया हर किसी को पता है। हमने किसानों को बिजली के मुफ्त कनेक्शन, गैस के मुफ्त कनेक्शन दिए हैं, आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज दिया गया है। पीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार आज 90 पैसे प्रति दिन के हिसाब से इंश्योरेंस दे रहे हैं। कुछ लोग किसानों की जमीन हड़पने की बात कर रहे हैं, लेकिन आज हम मकानों, जमीन का नक्शा उनके हाथ में दे रहे हैं। पीएम मोदी बोले कि किसान को पता है कि उसकी उपज का बेहतर दाम क्या होगा। पीएम मोदी ने कहा कि किसानों को जहां सही दाम मिले, वहां ही फसलें बेचें। एमएसपी पर अगर फसल बेचना चाहते हैं तो बेच सकते हैं, मंडी में बेचना हो या फिर बाहर या किसी कंपनी को ये फैसला किसान को ही करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग चर्चा में आने के लिए इवेंट कर रहे हैं, जो बंगाल के हाल पर चुप हैं वो दिल्ली में अर्थनीति रोकने में लगे हुए हैं। जिन्होंने दिल्ली में घेरा डाला हुआ है, उन्हें केरल नहीं दिखता है। केरल में भी एपीएमसी, मंडी नहीं है वहां क्यों आंदोलन नहीं होता है। बिना तथ्य की राजनीति कर लोग किसानों को बरगला रहे हैं। पीएम ने कहा कि किसानों को बदनाम कर कुछ लोग अपनी राजनीति चमका रहे हैं। पहले की सरकारों की नीति के कारण वो किसान बर्बाद हुआ, जिसके पास कम जमीन थी। पीएम मोदी बोले कि हमारी सरकार ने आधुनिक खेती को लेकर बल दिया। हमारा फोकस किसानों के खर्च को कम करने पर किया गया। पीएम फसल बीमा योजना, किसान कार्ड, सम्मान निधि योजना की मदद से खेती को आसान किया गया है। पीएम मोदी बोले कि अब कोई हेराफेरी नहीं होती है, पैसा सीधे किसानों के खाते में जाता है। आज देश की सभी सरकारें इस योजना से जुड़ी हैं लेकिन सिर्फ बंगाल के 70 लाख किसानों के ये लाभ नहीं मिल पा रहा है। बंगाल की सरकार राजनीतिक कारणों से किसानों को फायदा नहीं पहुंचाने दे रही है, वहां के किसानों ने सीधा भारत सरकार से अपील की है। पीएम मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने बंगाल में 30 साल सरकार चलाई आज वो इस मुद्दे पर कोई आंदोलन नहीं करते हैं। बंगाल के उसी विचारधारा के लोग आज पंजाब पहुंच गए हैं। बंगाल की सरकार अपने राज्यों में किसानों के लाभ को रोक रही है, लेकिन पंजाब पहुंच अपने राजनीतिक दुश्मनों के साथ मिलकर लड़ती हैं। विपक्ष वाले इसपर क्यों चुप हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के जीवन में खुशी हमारी खुशी बढ़ाती है। पीएम मोदी ने कहा कि आज क्रिसमस, गीता जयंती, अटल जी की जयंती समेत कई अन्य शुभ अवसर हैं। पीएम मोदी बोले कि गांव-गरीब के विकास को अटलजी ने प्राथमिकता दी। पीएम मोदी बोले कि किसानों से जुड़ी योजनाओं में होने वाले भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए अटल जी काम करते हैं। पीएम ने बताया कि अटल जी ने तब तंज कसा था कि रुपया चलता है, तो घिसता है। लेकिन आज पैसा सीधे गरीबों के खाते में पहुंच रहा है। मध्य प्रदेश के किसान से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान आंदोलन को लेकर तंज किया। पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग आज किसान आंदोलन के नाम पर बैठे हैं, उसी विचारधारा के लोग पहले गुजरात में विरोध करते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के गगन पेरिंग से संवाद किया। गगन ने पीएम को बताया कि उन्होंने अपने पैसों का इस्तेमाल आॅर्गेनिक फार्मिंग में किया और मजदूरों को पैसा दिया। पीएम मोदी ने गगन से पूछा कि क्या कंपनी सिर्फ आपकी अदरक ले जाती है या जमीन ही ले जाते हैं। पीएम मोदी ने इसके अलावा ओडिशा के एक किसान से चर्चा की, पीएम मोदी ने इस दौरान किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर उनसे बात की और उसके फायदे पूछे। पीएम मोदी ने कहा कि अटल जी की सरकार ने किसानों को सस्ते में कर्ज देने की शुरुआत की थी, हम उसे आगे बढ़ा रहे हैं। हरियाणा के किसान हरि सिंह ने पीएम मोदी से संवाद किया। हरि सिंह ने बताया कि पहले वो धान की खेती करते थे, अब बागवानी करते हैं। महाराष्ट्र के किसान गणेश से पीएम मोदी ने संवाद किया। च्ड मोदी ने किसान से खेती और पशुपालन के अनुभवों को पूछा। मध्य प्रदेश के किसान मनोज से पीएम मोदी ने संवाद करते हुए उनके अनुभवों को पूछा। मनोज ने बताया कि उन्हें अबतक किसान सम्मान निधि से 10 हजार रुपये मिले हैं। मनोज ने बताया कि उन्होंने इस बार अपनी सोयाबीन एक निजी कंपनी को बेची, जिसमें उन्हें अधिक पैसा मिला और उसी दिन पेमेंट भी मिल गया। यूपी के किसान रामगुलाब ने पीएम मोदी को बताया कि उन्होंने किसानों का संगठन बनाया है, जो मिलकर काम करते हैं। सभी किसान अलग-अलग तरह की खेती करते हैं। रामगुलाब ने बताया कि उन्होंने अहमदाबाद की कंपनी से एग्रीमेंट किया है, पहले हम बाजार में 10-15 रुपये में फसल बेचते थे, अब 25 रुपये में बेच रहे हैं। रामगुलाब से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग झूठ फैला रहे हैं कि नए कानून से जमीन चली जाएगी।

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