February 14, 2026

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उत्तराखंड पुलिस का डिजीटल एक्शनः पब्लिक आई एप से ट्रैफिक उल्लंघन,ड्रग्स तस्करी और मनचलों की आयेगी शामत

सिटी पुलिस के जवानों को मिलेगी शार्ट रेंज वेपन,पीएसी जवानों की कांबेट ड्रेस बदलने की तैयारी
देहरादून।उत्तराखण्ड के नये डीजीपी अशोक कुमार पुलिस महकमे का कायाकल्प करने करने मे जुट गये है। कार्यभार संभालने के बाद वह लगातार एक्शन में नजर आ रहे हैं। डीजीपी ने बीते दिनों पुलिस मुख्यालय स्तर पर 09 समितियों का गठन किया था। समितियों द्वारा कानून/शान्ति व्यवस्था, ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने, ड्रग्स, साइबर अपराध से निपटने के साथ-साथ पुलिस वेलफेयर और पुलिस आधुनिकरण के सम्बन्ध में कार्ययोजना तैयार की गई है। वहीं राज्य में अब पुलिस पुलिस कर्मियों को जल्द ही आधुनिक इनसास रायफल से लैस करने की तैयारी है। अभी पुलिस के बाद एसएलआर यानी सेल्फ लोडिंग रायफल है। सिटी पुलिस को रायफल के स्थान पर शार्ट रेंज वेपन दिए जाएंगे। समितियों द्वारा बनायी गयी कार्ययोजना को बीते दिन 14 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय में आयोजित बैठक में नितेश कुमार झा, सचिव गृह, उत्तराखण्ड शासन के समक्ष रखी गयी। रिधिम अग्रवाल, पुलिस उपमहानिरीक्षक, पी/एम, उत्तराखण्ड ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पुलिस के शासन स्तर के मुद्दों से उनको अवगत कराया। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने इन 20 वर्षों में काफी कुछ हासिल किया है। हमारे आधारिक संरचना बेहतर हुए हैं। संवेदनशील पुलिसिंग की ओर भी काफी काम हुआ हैलेकिन अभी भी हमें काफी कुछ हासिल करना बाकी है। उत्तराखण्ड पुलिस के आॅपरेशनल, प्रशासनिक और पुलिसकर्मियों के कल्याण का स्तर बढ़े इसी के लिए यह बैठक आयोजित की गयी है। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि जवानों को शार्ट वैपन दिये जायेंगे जिससे थोड़ा लोड कम होगा। सिटी पुलिस को अधिक स्मार्ट बनाने के लिए इन्हें रायफल वापस लेकर शार्ट रेंज वेपन दिए जाएंगे। पीएसी एवं आम्र्ड पुलिस में लाॅन्ग रेंज वैपन्स में इनसास को लाने का प्रयास किया जाएगा। फायर सर्विस में महिलाओं का प्रतिनिधित्व शुरू किया जाएगा। थाने के रिकार्डस का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। थाने, चैकी, आईआरबी तृतीय, नए फायर स्टेशन के निर्माण के लिए भी अधिकतम बजट उपलब्ध कराएंगे। कांस्टेबल एवं उपनिरीक्षक की भर्ती एवं पदोन्नति की रूकावटों का जल्द समाप्त किया जाएगा। साथ ही पीएसी की कांबेट ड्रेस भी बदली जाएगी। यह पेरोमिलिट्री की तरह ही होगी, लेकिन इसका रंग खाकी होगा। पीएसी की प्रत्येक कंपनी को तीन मिनी बस व तीन मिनी ट्रक देना भी प्रस्तावित किया गया है। प्रदेश में इस समय सिटी पुलिस यातायात सुचारू रखने में अहम भूमिका निभा रही है। अब इन्हें हाइवे पेट्रोलिंग की भी जिम्मेदारी देने की तैयारी है। इसके लिए पुलिस विभाग 100 नए स्काॅर्पियों वाहन खरीदना चाहता है, ताकि उसका रिस्पांस टाइम बढ़ सके। इससे कहीं भी आपात स्थिति में तुरंत पहुंचा जा सकेगा। प्रदेश में अभी तक डीजीपी पुलिस कर्मियों को अच्छे कार्यों के लिए इनाम देने की घोषणा करते हैं। डीजीपी को केवल 20 हजार रुपये तक के इनाम की घोषणा करने का अधिकार है। हालांकि, यह भी देखने में आया है कि बजट में व्यवस्था न होने के कारण यह इनाम नहीं बंट पाता है। अब उत्तर प्रदेश की तर्ज पर डीजीपी एक लाख रुपये तक के इनाम दे सकेंगे। इसके लिए अलग खाता खोला जाएगा। इसके लिए सै(ांतिक सहमति बन गई है। ट्रेफिक आइ एप की तर्ज पर पब्लिक आई एप बनाया जाएगा। ट्रैफिक आई एप के अंतर्गत कोई भी व्यत्तिफ ट्रैफिक का उल्लंघन करने की वीडियो बनाकर पुलिस को दे सकता है। इस पर ट्रैफिक का उल्लंघन करने वाले पर कार्रवाई की जा सकती है। इसी तर्ज पर ड्रग्स और महिला अपराध के लिए पब्लिक आइ एप बनाया जाएगा। कोई भी व्यत्तिफ मादक पदार्थों की तस्करी और महिला अपराध के संबंध में वीडियो बनाकर इस एप पर डाल सकता है। इसके आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के सभी थानों के दस्तावेजों का अब डिजिटाइजेशन किया जाएगा। इससे दस्तावेजों में हेराफेरी और इनके खोने की आशंका नहीं रहेगी। इसके साथ ही ई-बीट बुक सिस्टम भी लागू किया जाएगा। इससे बीट पुलिस कर्मियों को अलग से बुक रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मोबाइल पर ही वे सारी जानकारी रख सकेंगे। पुलिस मुख्यालय के लिए जल्द ही नया स्थायी भवन बनाया जाएगा। इसके लिए रिंग रोड अथवा रायपुर में जमीन देखी जा रही है। नया भवन तकरीबन 2.5 से तीन एकड़ भूमि पर बनेगा। मौजूदा पुलिस मुख्यालय बहुत पुराने भवन में चल रहा है और अब यहां अधिकारियों के लिए जगह कम पड़ने लगी है। प्रदेश में राजस्व पुलिस के क्षेत्र को सिविल पुलिस के हवाले करने की मांग काफी समय से उठती रही है। हालांकि, राजस्व पुलिस की अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही व्यवस्था को समाप्त करने के पक्ष में सरकार नहीं है। अब शासन ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें पूर्व मुख्य सचिव मधुकर गुप्ता, इंदू कुमार पांडे और पूर्व डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी शामिल हैं। यह समिति यह तय करेगी कि सीमांत क्षेत्रों में किन राजस्व क्षेत्रों को सिविल पुलिस के दायरे में लाया जाए। इसके अलावा बार्डर आउटपोस्ट पर भी यह समिति अपनी रिपोर्ट शासन को देगी। प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में थाने की स्वीकृति के बाद अब यहां इंडियन रिजर्व बटालियन की स्थापना करने की तैयारी है। शासन ने इसके लिए सै(ांतिक सहमति प्रदान कर दी है। यदि ऐसा होता है तो फिर प्रदेश में 11 साल बाद नई बटालियन का गठन होगा। प्रदेश में कोरोनाकाल के दौरान ई-समन जारी करने की व्यवस्था काफी कारगर साबित हुई है। इसे देखते हुए अब इस व्यवस्था को नियमित करने की तैयारी है। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि कोरोना काल के दौरान ई-मेल और वाटस एप के जरिये समन भेजे गए थे। अब आगे भी ई-समन भेजे जाएंगे। सचिव गृक्ष नितेश कुमार झा ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस को स्मार्ट पुलिस बनाने में शासन पुलिस मुख्यालय के साथ है और हम इस ओर पूरा सहयोग करेंगे। बैठक में अतर सिंह, अपर सचिव गृह, उत्तराखण्ड शासन, पीवेके प्रसाद, अपर पुलिस महानिदेशक, सीबीसीआईडी/पीएसी, अभिनव कुमार, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र, अमित सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक, संचार, वी. मुरूगेशन, पुलिस महानिरीक्षक, पी/एम, संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक, कुम्भ, एपी अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, पुष्पक ज्योति, पुलिस महानिरीक्षक, कार्मिक सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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