किसानों को बड़े फैसले की उम्मीदः बातचीत से पहले पीएम मोदी गृहमंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह की संयुक्त मीटिंग

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नई दिल्ली(दर्पण ब्यूरो)। मोदी सरकार द्वारा लागू किये गये तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर देशभर के किसान संगठनों के नेता हजारों समर्थकों के साथ पिछले नौ दिन से डटे हुए हैं और उनके प्रदर्शन का 10वां दिन है। तमाम मसलों को लेकर दो बार केंद्र सरकार के साथ चर्चा हुई है। मगर अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज दोपहर 2 बजे किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित कर दी गई है। मुझे बहुत उम्मीद है कि किसान सकारात्मक सोचेंगे और अपना आंदोलन समाप्त करेंगे। केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली बॉर्डर पर जमे हुए हैं। वहीं इस मसले पर गृहमंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। शनिवार को किसान संगठनों के साथ पांचवें की दौर की बैठक से पहले ये बड़ी मीटिंग हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी इस बैठक में पहुंचे। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के साथ किसान आंदोलन को लेकर गृहमंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल की यह बैठक करीब दो घंटे चली। बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज दोपहर 2 बजे किसानों के साथ एक बैठक निर्धारित है। मुझे बहुत उम्मीद है कि किसान सकारात्मक सोचेंगे और अपना आंदोलन समाप्त करेंगे। वहीं इस बीच, किसान महापंचायत के नेता रामपाल जाट ने कहा कि सरकार को तीन काले कानूनों को वापस लेने की घोषणा करनी चाहिए और उसे लििऽत में देना होगा कि एमएसपी जारी रहेगी। अगर आज की वार्ता से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता है, तो राजस्थान के किसान एनएच-8 के साथ दिल्ली की ओर मार्च करेंगे और जंतर मंतर पर डेरा डालेंगे। किसान कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर ठोस भरोसा चाहते हैं। केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की बात तो नहीं मान रही है लेकिन किसानों की कुछ ऐसी मांग हैं जिनपर वह राजी होती दिऽाई दे रही है। हालांकि किसानों का चिल्ला बॉर्डर (दिल्ली-नोएडा लिंक रोड) पर भी प्रदर्शन जारी है। एक किसान ने कहा कि अगर सरकार के साथ बातचीत में आज कोई नतीजा नहीं निकला तो फिर संसद का घेराव करेंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी पीएम आवास पर पहुंचकर वार्ता में शामिल हुए। अमित शाह पहले ही पीएम आवास पर मौजूद हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अब मोदी सरकार एक बार फिर किसानों को संतुष्ट करने के लिये नया दांव खेल सकती है। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी इस बात को लेकर भी चिंतिंत हैं कि कुछ देश विरोधी ताकतें किसानों के विरोध आदोलन का इस्तेमाल करके देश के िऽलाफ साजिश रचने की फिराक में हो सकती हैं। जिस प्रकार किसानों की तमाम मांगों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लचीला रूख अख्तियार कर यहां तक ऐलान कर दिया था कि अब किसान चाहें तो हम लिकर देने को भी तैयार है। लिहाजा अब किसानों के आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार की चिंता बढ़ रही है। माना जा रहा है कि अगर जल्द से जल्द किसानों को संतुष्ट नहीं किया गया तो फिर देश में विरोध प्रदर्शन का दौर शुरू कर दिया जायेगा। इधर विपक्ष की मांग के अनुसार केद्र सरकार संसद के जरिए किसानों का कोई समाधान निकालने की कोशिश कर आंदोलन को समाप्त कर सकती है।

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