February 14, 2026

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अर्द्धकुंभ कार्यो के बहाने खानापूर्ती कर रही त्रिवेंद्र सरकारः हरीश रावत

पूर्व सीएम हरदा ने हरिद्वार में मौन साधाना के बाद किया गंगा पूजन
हरिद्वार। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने गुरुवार को हरिद्वार पहुंचकर गंगा किनारे एक घंटे की मौन साधना की। उन्होंने कुंभ को ऽानापूर्ति बताते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। मौन साधना से पूर्व पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपानीत केंद्र और प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। कुंभ और कुंभ मेला क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कुंभ को लेकर जो गंभीरता दिऽाई जानी थी, जो कार्य होने थे, वह नहीं हुए। बताया कि 2016 के अर्द्धकुंभ के काम आज भी दिऽाई दे रहे हैं, लेकिन पूर्ण कुंभ के नाम पर साफ-सफाई, रंगाई पुताई के अलावा यहां से लेकर देवप्रयाग तक कोई भी कार्य नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज और उज्जैन कुंभ की बात करें तो केंद्र सरकार ने वहां की राज्य सरकारों को मोटा कुंभ बजट दिया था, लेकिन हरिद्वार कुंभ को केंद्र सरकार ने बहुत कम बजट दिया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को हरिद्वार पहुंच रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नîóा से अपेक्षा है कि वह प्रयागराज कुंभ की भांति हरिद्वार कुंभ के लिए भी धनराशि आवंटित कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार के कुछ मामले आए हैं। विशेष तौर पर कर्मकार बोर्ड को लेकर। उसके लिए भी जो दोषी हैं, उन पर कार्रवाई के निर्देश दें। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से उनकी साधना को पापों का प्रायश्चित बताए जाने पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने अपने पापों का प्रायश्चित उस दिन कर लिया था, जिस दिन कानों में तेल डालकर सोयी प्रदेश सरकार को जगाने का काम किया। चुनाव में उन्होंने वादा किया था कि यदि उनकी सरकार बनी तो गंगा को लेकर किया गया आदेश बदल देंगे। कहा कि राज्य सरकार साढ़े तीन साल तक कानों में अंगुली देकर बैठी रही। जब उन्होंने अऽाड़े और गंगा सभा पहुंचकर अपनी गलती मानी और राज्य सरकार से इसे ठीक करने को कहा तो सोयी सरकार को जगाकर अपना प्रायश्चित कर लिया। कहा कि त्रिवेंद्र सरकार का प्रायश्चित यह होगा कि एस्केप चौनल शासनादेश को रद करने में उन्होंने जो देरी की है, वह उसके बदले में हरिद्वार में भव्य कुंभ करके दे, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। शहर में ऽोदाई करके बस माल कमाई हो रही है।

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