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युकांईयों ने मलिन बस्तियों ने कम्बल और जरूरी सामान बांटा

रूद्रपुर(दर्पण संवाददाता)। युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला अंशु के नेतृत्व व विधानसभा अध्यक्ष विजय मंडल की अध्यक्षता में युवा कांग्रेसियों नें भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी की जयंती के अवसर पर ‘माँ तुझे सलाम’ कार्यक्रम के तहत मलिन बस्तियों में जाकर गरीबों में कम्बल, शॉल व ऽाने से सम्बंधित जरूरत का सामान वितरित किया। ‘माँ तुझे सलाम’ कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला अंशु नें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनके 103वें जन्मदिन पर याद करते हुए व श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि एक कार्यकुशल प्रधानमंत्री और शत्तिफ स्वरूप श्रीमती इंदिरा गांधी जी के प्रभावशाली नेतृत्व की आज भी पूरा विश्व मिसाल देता है। अपनें ऐतिहासिक फैसलों से विश्व भर में लौह महिला कहलाई जाने वाली, दृढ निश्च व अद्भुत क्षमता वाली, भारत की प्रथम व एक मात्र महिला प्रधानमंत्री, श्रीमती इंदिरा गांधी जी अपनी प्रतिभा व राजनीतिक दृढ़ता के लिए विश्वराजनीति के इतिहास में सदैव याद रऽा जायेंगी। युंका विधानसभा अध्यक्ष विजय मण्डल नें कहा कि पाकिस्तान युद्ध के बाद इंदिरा गाँधी ने अपना ध्यान देश के विकास की ओर लगा दिया। संसद में उन्हें पूर्ण बहुमत प्राप्त था जिससे निर्णय लेने में स्वतंत्रता थी। उन्होंने सन 1972 में बीमा और कोयला उद्योग का राष्ट्रियकरण कर दिया। उनके इन दोनों फैसलों को अपार जनसमर्थन प्राप्त हुआ। इसके अतिरित्तफ उन्होंने भूमि सुधार, समाज कल्याण और अर्थ जगत में भी कई सुधार लागू किये। पार्षद प्रतिनिधि मेहबूब अंसारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी जी ने बचपन से ही अपने घर पर राजनैतिक माहौल देऽा था। उनके पिता और दादा भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन के प्रमुऽ नेताओं में से एक थे। इस माहौल का प्रभाव उन पर भी पड़ा। उन्होंने युवा लड़के-लड़कियों के मदद से एक दल भी बनाया, जो विरोध प्रदर्शन और झंडा जुलूस के साथ-साथ संवेदनशील प्रकाशनों तथा प्रतिबंधित सामग्रीओं का परिसंचरण भी करती थी। लन्दन में अपनी पढाई के दौरान भी वो ‘इंडियन लीग’ की सदस्य बनीं। इंदिरा ऑक्सफोर्ड से सन 1941 में भारत वापस लौट आयीं। आने के बाद वे भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में शामिल हो गयीं। स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान उन्हें सितम्बर 1942 में गिरफ्रतार कर लिया गया जिसके बाद सरकार ने उन्हें मई 1943 में रिहा किया। इस दौरान कांग्रेस जिला महासचिव सुशील गाबा, पूर्व छात्रसंघ सचिव अभिजीत पाठक, साधन मंडल, भारत, शिवम, अनिल ,नीतीश सिंह, इमरान अंसारी आदि मौजूद थे।

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