February 12, 2026

Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

रुद्रपुर की बहु के सिर सजा मिसेज इंडिया यूनिवर्स का ताज

रुद्रपुर ।आज से लगभग तीन महीने पूर्व डामेसाई संस्था द्वारा आयोजित मिसेज इंडिया-शी इज इंडिया प्रतिस्पर्धा में दोस्तों के कहने पर भाग लेने वाली दन्त चिकित्सक लुबना ब्रिंग ने कभी नहीं सोचा था कि इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में विजेता का ताज उनके सिर सजेगा। मगर छोटे शहर से होने और तमाम विषमताओं के बीच दो वर्ष के एक बेटे की माँ और रूद्रपुर की इस बहू ने न सिर्फ यह प्रतिष्ठित इवेंट जीता बल्कि दिसंबर में फिलिपीन्स की राजधानी मनिला में होने वाले मिसेज यूनिवर्स इवेंट के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव भी प्राप्त किया। मूल रूप से बरेली निवासी 35 वर्षीय लुबना का विवाह आठ वर्ष पूर्व शहर की ओमेक्स कॉलोनी में रहने वाले डॉ और विन्दजीत सिंह ब्रिंग के साथ हुआ। सिंह भी पेशे से दन्त चिकित्सक हैं। शादी के कुछ समय बाद इस जोड़े को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई जिसका नाम इन्होने इवान रखा। चिकित्सक होने के बावजूद लुबना के मन में समाज के लिए कुछ करने का जूनून था। इस इच्छा की पूर्ति में पति डॉ ब्रिंगऔर सास का भरपूर साथ मिला और लुबना ने लगभग ग्यारह देशों की यात्रयें करने के साथ वहां न सिर्फ अपनी चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध करायी बल्कि विदेशों की संस्कृति और कार्यशैली व महिलाओं के प्रति उनके सम्मान को आत्मसात कर भारत में भी कुछ करने की ठानी। इसी दौरान उनकी कुछ चिकित्सक मित्रें ने उन्हें डामेसाई- मिसेज इंडिया, शी इज इंडिया प्रतियोगिता में भाग लेने की सलाह दी। लुबना को समाज के प्रति कार्य करने के लिए यह मंच उपयुक्त लगा और उन्होंने इस इवेंट में प्रतिभाग किया। दिल्ली के पांच सितारा उमराव होटल 16 जुलाई को कुल 45 प्रतियोगियों के बीच लुबना ने प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न चरणों की बाधा लांघते हुए अंतिम पांच में जगह बनायीं। निर्णायक मंडल में शामिल फिल्म स्टार कुनाल कपूर, संगीता बिजलानी, पूर्व क्रिकेटर अजहरुद्दीन, अदिति गोवित्रिकर, आशका गोरादिया, लक्ष्मी शेषाद्री को लुबना ने अपनी बुद्धिमता और वाकपटुता से प्रभावित किया। जजों ने उनसे पूछा कि वह प्रतियोगिता जीतकर क्या करना चाहेंगी, तो लुबना का जवाब था कि समाज में स्त्री निरक्षरता और दहेज की बढती कुरीति को रोकने का प्रयास करेंगी क्योंकि घरेलु हिंसा, कन्या भ्रूण हत्या व महिला उत्पीडन के यह सबसे बड़े कारक हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि एक औरत जीवन की सम्पूर्ण प्रक्रिया है। औरत ही बच्चे को जन्म से लेकर, पालने-पोसने और संस्कारित करने का बीड़ा उठाती है। औरत साहस, ममता, शक्ति का प्रतीक है। स्नेह देने की उसकी कला उसके दयालु स्वरुप और उसके आलिंगन में छुपी है। लुबना के इन्ही जवाबों ने उन्हें मिसेज इंडिया यूनिवर्स का ताज दिलवाया। वहीं दुसरे स्थान पर मुंबई की डेलनाज बलसारा रहीं और तीसरे स्थान पर पुणे की डॉक्टर मनीषा रही। इस दौरान आयोजन कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ऋचा सिंह ने बताया कि संस्था पिछले 18 सालों से इस प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है। महिलाओं के प्रति बढती घरेलु हिंसा की रोकथाम के लिए भी संस्था सशक्त कदम उठाती रही है। संस्था का उद्देश्य ही विवाहित महिलाओं की प्रतिभा को तलाश व तराशकर उन्हें मुकाम हासिल करवाना है। डॉ सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी के विजेता चुने जाने से शहर की अन्य महिलाओं में भी उत्साह का संचार होगा। साथ ही कहा कि महिलाएं किसी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और हर परिवार को अपने घर की महिलाओं का आदर करने के साथ उन्हें हरसंभव संबल उपलब्ध कराना चाहिए। लुबना ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी सास व पति डा- ब्रिंग को दिया। उन्होंने कहा कि उनकी ग्रूमिंग कोच रीता गंगवानी, वैलनेस कोच अवनि गाँधी वर्मा व फोटोग्राफर नितिन बेदी ने भी उन्हें काफी मदद करी। अब लुबना का लक्ष्य मनिला में होने वाली मिसेज यूनिवर्स प्रतियोगिता जीतकर शाहर, सूबे व देश का नाम रोशन करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *