February 14, 2026

Uttaranchal Darpan

Hindi Newsportal

मांस विक्रेता उड़ा रहे प्रशासन के आदेशों की धज्जियां, चोर रास्तों से किया जा रहा कारोबार!

मनोज श्रीवास्तव
काशीपुर। पर्यूषण पर्व के मद्देनजर जिला प्रशासन के निर्देश पर मीट की दुकानों व बूचड़खानो को 24 अगस्त तक बंद रखने का निर्देश यहां बेमानी साबित हुआ। मीट विक्रेता जिला प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का काम कर रहे हैं। ज्ञातव्य है कि जैन धर्म में पर्यूषण पर्व का विशेष महत्व होता है। एक सप्ताह के दिनों में जैन धर्म के अनुयाई आत्मशोधन करने के साथ ही वर्ष भर के पाप पुण्य का लेखा जोखा करते हैं। इसी को लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर 15 अगस्त से 24 अगस्त तक मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए बूचड़खाने को बंद करने के निर्देश जारी किए गए थे लेकिन बेलगाम मांस विक्रेताओं ने प्रशासन के फरमान को दरकिनार कर दिया। टांडा उज्जैन में पुलिस चैकी के ठीक बराबर आज सुबह मीट की दुकानों के शटर उठे देखे गए। वहां मौजूद मांस विक्रेताओं से जब इस बारे में पूछताछ की तो वह बगले झांकने लगे। इसी तरह दढ़ियाल रोड पर रेलवे क्राॅसिंग के पास, कटोराताल पुलिस चैकी के पीछे, लक्ष्मीपुर पट्टðी, अल्ली खां, थाना साबिक, महेशपुरा मे कहीं चोर दरवाजों से तो कहीं खुलेआम मांस की बिक्री हो रही है। जानकारों की माने तो बंदी के कारण मांस विक्रेताओं द्वारा ग्राहकों से मनमाने दाम वसूल किए जा रहे हैं। उन्हें प्रशासन की कार्यवाही का कोई खौफ नहीं है।
प्रशासन के आदेशों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां
काशीपुर। पर्यूषण पर्व को लेकर जब 15 अगस्त से 24 अगस्त तक मांस की दुकानों को बंद करने के फरमान जारी किए हैं तो ऐसे में मांसाहारी खाद्यान्न के ठेलों पर चिकन मटन के अनेकानेक व्यंजन आखिर कहां से बनाए जा रहे हैं। गांधी आश्रम रोड, मोहल्ला जसपुर खुर्द में साहनी रिसोर्ट के पास लगने वाले दर्जनों मांसाहारी खाद्यान्न के ठेलो पर रोजाना की भांति मांसाहारी खाद्यान्न परोसा जा रहा है अब यहां काबिले गौर यह है कि यदि पूरे जिले भर में मीट की दुकानों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं तो ऐसे में इन कारोबारियों को मांस मछली तैयारी कहां से उपलब्ध हो रहा है। एक पार्षद ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसने टांडा पुलिस चैकी के समीप एक मांस विक्रेता को आज 5 किलो मटन लेने के लिए उन्होंने 500 एडवांस दिए हैं। यानी मांस विक्रेता ने ही यदि 500 एडवांस लिए तो इसका मतलब वह शाम को मीट उपलब्ध कराएगा। फिलहाल यहां मीट विक्रेताओं ने प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ा कर रख दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *