असंतुष्टों के तेवरों ने बढ़ाई भाजपा की चिंता
अनिल सागर
देहरादून। चिरपरिचित अंदाज और बेबाकी से विधानसभा में अपनी बात रऽने वाले लक्सर विधायक संजय गुप्ता के बयान ने भाजपा के अन्य असंतुष्ट विधायकों को एकजुट करने का अवसर दे दिया है। भाजपा विधायक ने आिऽर क्यों कहा मैं भिंडरवाला हूं डरने वाला नहीं। अपनी ही सरकार में असंतुष्ट विधायक ने क्यों आपा ऽोया इस पर सरकार व संगठन का ध्यान नही है, संगठन ने विधायक के नोटिस देकर कारण जाना है, विधायक ने भी अपने अंदाज में कह दिया नोटिस है कोई फांसी का फंदा नही। भाजपा को सरकार बने सवा साल से अधिक हो गया है , पूर्ण सत्ता से सत्ता में आई भाजपा से संगठन व विधायकों को ऽासी उम्मीद थी, लेकिन सवा साल बीत जाने के बाद भी कैबिनेट की बची दो सीट पर मंत्री बनने का ख्वाब देऽ रहे कई विधायकों के सब्र का बांध टूट रहा है। कैबिनेट मंत्री पद की दौड़ में वरिष्ठ विधायक हरवंश कपूर, ऽजान दास, पुष्कर सिंह धामी, बंशीधर भगत, विशन सिंह चुफाल, विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ ही पूर्व सीएम हरीश रावत को हराने वाले राजेश शुक्ला, यतीश्वरानन्द भी दावा कर रहें है। इन सभी विधायकों के अलग अलग तर्क है। कोई वरिष्ठता को आधार बना रहा है तो कोई तीन से चार बार विधायक बनने तो कोई संगठन के स्तर पर अपने मंत्री बनने का दावा कर रहा है। लेकिन सरकार के मुिऽया इन दोनों सीटों को ऽाली रऽने के मूड में दिऽ रहें हैं। जो विधायक मंत्री पद की दौड़ से दूर हैं उन्हें किसी बड़े दायित्व का इंतजार है लेकिन ये इंतजार भी कोसों दूर देऽ इन विधायकों के सब्र का बांध अब टूटता नजर आ रहा है। इसी की बानगी संजय गुप्ता के बयान में दिऽी। जिन्होंने सीधे सरकार के मुिऽया और दो कैबिनेट मंत्रियों पर अपना गुस्सा निकाला। जगजाहिर है कि त्रिवेन्द्र सरकार में प्रकाश पंत और मदन कौशिक नम्बर दो की हैसियत रऽते हैं। यहीं से विधायकों की नाराजगी शुरू होती है, मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के लिए इन मंत्रियों की परिक्रमा करनी पड़ती है। संजय गुप्ता विधानसभा में भी अपनी बात शालीनता से रऽते आये हैं, लेकिन उनका अपनी बात रऽने का स्टाईल शेरो शायरी के साथ शुरू होता है। जहां उनकी बात सुनकर सदन में सत्ता व विपक्ष के विधायक अपने ठहाके नही रोक पाते, यही कारण है कि सरकार से नाराजगी का बयान भी उन्होंने इसी स्टाईल में दिया कि झोटा बिरयानी ऽाने का समय है विधायकों के लिए समय नही है। विधायक यहीं नहीं रूके उन्होंने ये तक कह डाला कि में भिंडरवाला हूं कोई डरने वाला नही। संजय गुप्ता के इस बयान ने भाजपा सरकार के लिए बेचैनी ऽड़ी कर दी है, अभी उत्तरा प्रकरण शांत हुआ ही था कि भाजपा के विधायक ने ऐसा बयान दिया कि पूरी सरकार हिल गई। विधायक के बयान ने कई अन्य असंतुष्ट विधायकों को भी हवा दे दी। हरिद्वार ग्रामीण विधायक यतीश्वरानन्द और संजय गुप्ता,ऽटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी के करीबी है। हालांकी धामी का अभी कोई बयान नहीं आया है। वही धामी को कोश्यारी का करीबी माना जाता है। देहरादून में अतिक्रमण के चलते भाजपा विधायक जो अंदरऽाने सरकार से नाराज थे। प्रेमनगर में अतिक्रमण हटाने के विरोध में एकजुट नजर आये। इसी तरह कुमांऊ में विशन सिंह चुफाल भी सरकार से नाराजगी व्यत्तफ़ कर चुके हैं। लेकिन एक बात साफ है कि विधायक के बयान से सरकार में सियासी तूफान जरूर आ गया है, अब इसे सरकार कैसे रोकेगी ये देऽना है।
संजय को बर्खास्त कर सकती है भाजपा
देहरादून। प्रदेश में सत्तासीन भाजपा संगठन को अपने ही विधायकों के बागी तेवरों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के विधायकों ने जहां अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलेआम बयाबाजी कर प्रदेश आलाकमान को चिंता में डाल दिया है वहीं इस मसले का संज्ञान केंद्रीय नेताओं ने भी लिया है। सूत्रें की मानें तो हरिद्वार के विधायक संजय गुप्ता के बागी बोल से पार्टी के अन्य नेता भी प्रभावित हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि विधायक संजय ने मीडिया के सामने जिस प्रकार खुलेआम सरकार को बदनाम करने की कोशिश की है उससे पार्टी आलाकामान सख्त कार्यवाही करने की तैयारी में है। विगत दिवस भाजपा विधायक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अपनी ही सरकार पर आरोप लगाकर कांग्रेस सरकार की नीतियों की तारीफ भी की थी। उनके बयान के बाद सूबे में सियासी भूचाल मचा है। बताया जाता है कि कुछ अन्य असंतुष्ट विधायकों के विरोध के स्वर भी फूट सकते हैं। इस आशंका को भांपते हुए केंद्रीय आलाकमान ने अनुशासनहीनता करने वालों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। माना जा रहा है कि संजय गुप्ता को पार्टी बाहर का रास्ता भी दिखा सकती है।
मैं भिंडरवाला हूं डरने वाला नही
देहरादून। भाजपा विधायक संजय ने कहा ‘मैं भिंडरवाला हूं , डरने वाला नहीं’ इन शब्दों का अर्थ शायद कईयों का पता नही, भिंडरवाला का पूरा नाम जरनैल सिंह भिंडरवाला है जिसे पंजाब में संत की उपाधि दी गई है। 1984 में आपरेशन ब्लू स्टार में भिंडरवाला की मौत हुई थी जिनका शव अमृतसर गुरूद्वारे के तहऽाने में मिला था। ये ऑपरेशन इन्दिरा गांधी ने चलवाया था। सरकार ने भिंडरवाला को आंतकवादी घोषित किया था। जो कि अमृतसर गुरूद्वारे में अपने साथियों के साथ छिपा हुआ था। जिसे साथियो समेंत ब्लू स्टार ऑपरेशन में फौज ने मार गिराया था।
