सत्येंद्र की मौत पर उठ रहे सवाल
काशीपुर(उद संवाददाता)। सत्येंद्र सिंह की मौत अपने आप में तमाम रहस्य समेटे हुए हैं। उसकी मौत की गुत्थी सुलझने के बजाये उलझती जा रही है। मृतक के परिजनों और उसके मित्रें की मानें तो सत्येंद्र कभी आत्म हत्या नहीं कर सकता ऐसे में उसके द्वारा अपनी कनपटी पर गोली मारकर खुद को मौत के घाट उतारने वाली बात किसी के भी गले नहीं उतर रही। मृतक के दोनों हाथों में गन पाउडर के निशान पाया जाना भी गुत्थी को सुलझाने के बजाय और उलझाने लगा है। फिलहाल गमगीन माहौल में आज पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस घटना को आत्महत्या से जोड़कर देख रही है। मौके से पुलिस को एक देसी मैड पिस्टल भी बरामद हुई है। गौरतलब है कि गत बुधवार की रात बाजपुर रोड रेलवे क्रॉसिंग तथा चीमा रेलवे क्रॉसिंग के बीच रेलवे ट्रैक के पास लोगों ने एक व्यक्ति को लहूलुहान अवस्था में पड़ा देखा। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। मृतक की शिनाख्त ग्राम डभौरा मुस्तकम थाना आईटीआई तथा हाल टीचर्स कॉलोनी निवासी सत्येंद्र सिंह 38 वर्ष पुत्र विचित्र सिंह के रूप में हुई। मृतक के शव के पास से पुलिस ने पिस्टल भी बरामद किया। बताया गया कि मृतक सत्येंद्र ने कुछ वर्ष पूर्व गांव की पैतृक संपत्ति लगभग 15 एकड़ भूमि एवं मकान बेच दी और यहां टीचर्स कॉलोनी में राकेश गुप्ता नामक व्यक्ति के घर परिवार के साथ किराए पर रहने लगा। लगभग 4 वर्ष पूर्व उसने कुंडेश्वरा निवासी निशा नामक एक युवती से गुपचुप तरीके से प्रेम विवाह कर लिया। उसके बच्चे नहीं थे। वह एक भाई एक बहन थे मां-बाप का इकलौता था। उसकी बहन की शादी बाजपुर में हुई है। बताया गया कि घटना के वक्त उसके मां बाप बेटी के घर बाजपुर गए थे। चैती फार्म निवासी मृतक सत्येंद्र के एक करीबी मित्र मनजीत ने बताया कि गत बुधवार को लगभग 8ः30 बजे वह चीमा चैराहे के करीब स्थित एक मेडिकल स्टोर पर बैठे सत्येंद्र को बाइक से घर छोड़कर आया और इसी के लगभग आधे घंटे के भीतर सत्येंद्र की लाश बाजपुर रोड रेलवे क्रॉसिंग के समीप रेलवे ट्रैक के किनारे लावारिस पड़ी पाई गई। जानकारों की मानें तो सत्येंद्र मौजूदा वक्त में आर्थिक तंगी से गुजर रहा था लेकिन लोगों का यह भी कहना है कि उसने तमाम लोगों को पैसे भी बांट रखे थे ऐसे में अचानक आत्महत्या को अंजाम देना सत्येंद्र जैसे जिंदादिल इंसान के लिए संभव नहीं था।