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सेहत बिगाड़ रही फैक्ट्रियों से निकल रही काली राख

लालपुर(उद संवाददाता)। लालपुर स्थित दो फैक्ट्रियों से फैल रहा प्रदूषण लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। इन फैक्ट्रियों की चिमनियों से निकल रही काली राख लोगों फेफड़ों , आंखों और अन्य अंगों पर बुरा प्रभाव डाल रही है। इसे लेकर ग्रामीण कई बार फैक्ट्री प्रबंधन के समक्ष विरोध जता चुके हैं लेकिन प्रबंधन आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कर देता है। जानकारकी के मुताबिक लालपुर क्षेत्र में दो फैक्ट्रियों की चिमनियों से धुंए के साथ निकल रही काली राख अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। पिछले दो वर्षों से काली राख निकलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। जिसके चलते लालपुर क्षेत्र की वसुंधरा कालोनी, आस्था कालोनी सहित आस पास के क्षेत्र में लगातार प्रदूषण फैलने से लोगों को दिक्कतों का सासमना करना पड़ रहा है। चिमनियों से निकल रही काली राख सेहत के साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचा रही है। जिसके चलते लोगों में सांस लेने में दिक्कत, और आंखों में जलन जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। छतों पर कपड़े सुखाने डालें तो उन  पर शाम तक काली राख जम जातती है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन रात निकल रही राख से उन्हें भारी दिक्कतें  उठानी पड़ रही है। इस समस्या को लेकर दो वर्श पूर्व भाजपा नेता हेमु यादव ने कम्पनी प्रबबंधन से बात कर विरोध जताया तो उन्होंने कुछ दिन में चिमनियों में फिल्टर लगाकर समस्या का समाधान करने की बात कही। लेकिन उसके बाद इस पर कोई अमल नहीं किया। इसके बाद ग्रामीणों ने कई बार समस्या को लेकर फैक्ट्री प्रबंधन से बात की लेकिन प्रबंधन ने अभी तक इसकी सुध नहीं ली है। ग्रामीण अब मामले को लेकर आंदोलन का मन बना रहे हैं।
प्रदूषण फैला रही फैक्ट्रियों के खिलाफ होगा धरना प्रदर्शन
लालपुर। फैक्ट्रियों से निकल रही काली राख जन स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। इस समस्या का जल्द निदान नहीं हुआ तो समस्या और गंभीर हो सकती है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि कालोनीवासी कई बार कम्पनी प्रबंधन से मामले को लेकर विरोध जता चुके हैैं प्रबंधन सिर्फ आश्वासन देकर टरका देता है। प्रदूषण के कारण लोगों को स्वास्थ्य सम्बंधी कई दिक्कतें ससामने आ रही है। जल्द ही फैक्ट्री प्रबंधन ने काली राख को रोकने का कोई इंतजाम नहीं किया तो डीएम और विधायक से मामले को लेकर मुलाकात की जायेगी। उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ तो  ग्रामीणों के साथ वह धरने पर बैठने को मजबूर होंगे।

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