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नगर निकाय चुनाव: अध्यादेश के बावजूद कांग्रेस ने खेला ‘गरीब बस्ती’ कार्ड

देहरादून। कांग्रेस ने नगर निकाय चुनाव के लिए अपना दृष्टिपत्र जारी करते हुए मूल वोटरों यानी मलिन बस्तीवासियों को लुभाने की भरसक कोशिश की है। इतना ही नहीं कांग्रेस ने अपनी चुनावी दृष्टि पत्र में भाजपा से मुकाबले के लिये गरीब बस्तियों को नियमित करने और प्रभावितों का पुनर्विास करने का वायदा कर दिया है। गौर हो कि पूर्व में भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार ने इसी मुद्दे को कांग्रेस को घेरने का प्रयास किया है। जिस प्रकार हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश की सभी मलिन बस्तियों को कब्जामुक्त  व उसके बाद अन्य जनपदों में नजूल व सीलिंग पर बसे कब्जेदारों को बचाने के लिये अध्यायादेश का सहारा लेकर उन्हें तीन वर्षों की राहत दिलाने का प्रयास किया है वहीं अब निकाय चुनाव में अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिये कांग्रेस ने एक बार पिफर गरीब बस्ती कार्ड का दांव खेलकर कहीं न कही भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि  अगर तीन वर्षों में भाजपा ने अध्यादेश कोो धरातल पर नहीं उतारा तो जनता कांग्रेस की तरफ देख सकती है। कांग्रेस के इस चुनावी दृष्टिपत्र में किये गये गरीब बस्तियों को बचाने का वायदा ं भाजपा के वोटबैंक पर संकट भी  खड़ा कर सकता है। निकाय चुनाव के लिये अपना घोषण पत्र जारी करते हुए कांग्रेस ने इसमें केंद्र की मोदी सरकार व राज्य की त्रिवेंद्र सरकार की नीतियों  की खामियों को भी उजगर किया है। कांग्रेस ने दोनों सरकारों को जनता के हितों की अनदेखी करने वाली बताते हुए निकायों के लिए अपनी प्राथमिकताएं भी गिनायी हैं। प्रीतम ने कहा कि जनता पूरी तरह बदलाव के मूड में है। केंद्र और राज्य की सरकार ने जनता को बहुत निराश किया है। उन्होंने कहा कि दृष्टिपत्र में शहरी मतदाताओं की वे नागरिक सुविधाएं, जो नगर निकायों के द्वारा संचालित होती हैं, के साथ-साथ राष्ट्रीय व राज्य के मुद्दे भी शामिल किये गये हैं। समिति के संयोजक सूर्यकान्त धस्माना ने कहा कि कांग्रेस ने 73वां एवं 74 वां संविधान संशोधन करा कर भारत में तीन स्तरों पर सरकार गठन की व्यवस्था को लागू किया था। इन तीनों स्वशासन इकाइयों को संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। उन्होंने तीनों स्तर पर सरकारों के काम के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि कांग्रेस निकाय स्तर पर काम करने के लिए एक वृहद सोच के साथ आगे बढ़ रही है और हम जनहित के हर मुद्दे को लेकर संवेदन शील हैं। इसलिए यह दृष्टिपत्र कांग्रेस की व्यापक सोच के साथ सामने आया है। कांग्रेस भवन में दृष्टिपत्र जारी करने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने दृष्टिपत्र समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री नवप्रभात, समिति के संयोजक सूर्यकान्त धस्माना, पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, पूर्व विधायक राजकुमार व अन्य नेता मौजूद थे।
कांग्रेस का दृष्टि पत्र महज चुनावी ज्ञापन: भाजपा
देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने स्थानीय निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस के जारी दृष्टि पत्र को दृष्टिहीन बताया है। भाजपा का कहना है कि दृष्टि पत्र के अधिकांश हिस्से में केंद्र सरकार की आलोचना की गई है और शेष में उत्तराखंड की भाजपा सरकार के लिए ज्ञापन लिखा गया है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि दृष्टि पत्र बनाते हुए कांग्रेस नेताओं के दिमाग में उत्तराखंड के स्थानीय निकाय चुनाव से कहीं अधिक लोकसभा चुनाव था। इसीलिए उन्होंने दृष्टिपत्र में अइिक ध्यान केंद्र सरकार की आलोचना पर लगाया। इसके स्थानीय निकाय का जिस रूप में जिक्र किया गया, वह और कुछ नहीं अपितु प्रदेश की भाजपा सरकार के लिए मात्र ज्ञापन है, जिसमें प्रदेश सरकार से विभिन्न अपेक्षाएँ की गई है। साथ ही दृष्टि पत्र से एक बात और साफ हो गई है कि कांग्रेस ने उत्तराखंड की प्रथम कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री व देश के वरिष्ठ नेता नारायण दत्त तिवारी तिवारी का चित्र तक गायब है ।

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