सबसे ऊंचा प्रभु का सिमरन : बाबा गुरिन्दर जी
रूद्रपुर। राधा स्वामी सत्संग प्रमुख बाबा गुरिन्दर सिंह ढिल्लो ने आज सत्संग आश्रम में संगतों को दर्शन दिया। उन्होंने खुली जीप से सत्संग आश्रम का भ्रमण कर संगत को आशीर्वाद दिया। इस दौरान बच्चों ने उनसे कई प्रश्न पूछे जिनका उन्होंने जबाब दिया। बाबा गुरिन्दर सिंह कल प्रातः 10बजे प्रवचन करेंगे। उनके प्रवचनों को लेकर क्षेत्र और दूर दराज के हजारों सेवादार पहुंच चुके हैं और विभिन्न मार्गों पर यातायात व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं। दर्शन के दौरान डेरे से आये प्रमुख संतों ने प्रवचन किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन लाखों योनियों में भटकने के बाद प्राप्त होता है। इस अमूल्य जीवन को हमें सतगुरू के दिखाये मार्ग पर चलाना चाहिए। मनुष्य जो कर्म करेगा उसे भोगना पड़ेगा। मनुष्य अपने जीवन में परमात्मा को याद नहीं करता और जीवन में परेशानी आने के बाद मनुष्य को परमात्मा की याद आती है। यह जीवन कर्मभूमि है। अतः मनुष्य को पूरे जीवन में सतकर्म करने चाहिए। भजन सिमरन से परमात्मा की प्राप्ति होती है। परमात्मा मनुष्य के शरीर में है इसलिए मनुष्य सदैव भजन सिमरन करे। भजन सिमरन करने से ही परमात्मा के मिलने का रास्ता गुरू बताते हैं। गुरू के आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। जीवन में धन, दौलत व्यर्थ है। जितना व्यक्ति धन दौलत की लिप्सा करेगा वह उतना ही उसमें फंसता चला जायेगा। जो परमेश्वर ने दिया है उसका शुक्राना करना चाहिए।
