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नजूल के मुद्दे को भुना रही कांग्रेस

रूद्रपुर। निकाय चुनाव की सरगर्मियां धीरे धीरे तेज होने लगी है। मेयर सहित पार्षद प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। निकाय चुनाव में मेयर की सीट पर नजूल भूमि का मुद्दा भाजपा की राह में रोड़ा बन सकता है। कांग्रेस इसी मुद्दे को आधार बनाकर चुनावी रण मे कूदी है। जबकि भाजपा के मेयर प्रत्याशी रामपाल निर्विवाद और साफ सुथरी छवि को आधार मानकर जनता के बीच पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। निकाय चुनाव को लेकर अभी राजनैतिक दलों की नजर नाम वापसी की तारीख पर टिकी है। आज नामांकन पत्रें की जांच का काम पूरा होने के बाद कल 27 अक्टूबर को नाम वापसी की तारीख निर्धारित है। नाम वापसी के साथ ही चुनावी दंगल के महारथियों की असल तस्वीर साफ हो पायेगी। फिलहाल जांच में जिन प्रत्याशियों के नामांकन सही पाये गये हैं उन्होंने अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। एक ओर मेयर की सीट पर भाजपा प्रत्याशी रामपाल अपनी निर्विवाद छवि को सामने रखकर जनता से वोट की अपील कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के नन्द लाल अपने प्रचार अभियान में नजूल के मुद्दे पर पूरा फोकस कर रहे हैं। कांग्रेस के पास यही एक ऐसा मुद्दा है जिसे निकाय चुनाव में हथियार बनाकर कांग्रेस चुनावी नैया पार लगा सकती है। क्योंकि नजूल के मुद्दे को लेकर जनता के साथ-साथ सत्ता पक्ष के लोगों में भी सरकार के खिलाफ नाराजगी है। यही कारण है कि भाजपा के कई लोग चुनाव मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में कूद चुके हैं। पिछले दिनों हाईकोर्ट से नजूल भूमि पर रह रहे लोगों को अवैध कब्जेदार घोषित किये जाने और नजूल भूमि खाली कराये जाने के आदेश के बाद सरकार अभी तक इस मुद्दे का समाधाान नहीं करा पायी है। अब लोगों को आशंका है कि निकाय चुनाव के बाद सरकार नजूल बस्तियों में रह रहे लोगों को उजाड़ सकती है। इसी के चलते कई कालोनियों में लोग चुनाव के बहिष्कार का ऐलान भी कर चुके हैं। कांग्रेस का पूरा फोकस इसी मुद्दे पर है। साथ ही कांग्रेस के लोग भाजपा से नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं को भी अपने पाले में लाने की जुगत में लगे है।

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