February 12, 2026

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आशियाने बचाने के लिये उमड़े बस्तीवासी,पासी ने दिलाया भरोसा

रूद्रपुर 1 अक्टूबर। प्रदेश के किसी भी स्थान पर दशकों से नजूल भूमि पर रह रहे परिवारों को उजड़ने नहीं दिया जायेगा। उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद प्रदेश सरकार द्वाराऐसे परिवारेां को बचाने के लिये ठोस कार्यवाही कर रही है। यह बात पूर्व सांसद बलराज पासी ने आज यहां रामलीला मैदान में बस्तियों में रहने वाले परिवारों को नजूल भूमि पर मालिकाना हक देने के लिये बस्ती बचाओ संघर्ष समिति द्वारा विशाल प्रदर्शन में आये हजारों लोगों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा एक ओर जहां गरीब परिवारों को निःशुल्क चिकित्सा, निःशुल्क गैस सिलेंडर ,निःशुल्क विद्युत, कम कीमत पर शिक्षा सहित अन्य कई कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर उच्च न्यायालय द्वारा नजूल भूमि पर बसे परिवारों को हटाने के निर्देश से हजारों परिवारों के समक्ष संकट की स्थित आ गई है। लेकन प्रदेश सरकार ऐसे परिवारों के साथ खड़ी है। श्री पासी ने कहा कि प्रदेश में बाजपुर, गदरपुर, रूद्रपुर, काशीपुर, सहित हल्द्वानी समेत कई क्षेत्रें में नजूल भूमि है जहां दशकों से परिवार बसे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नजूल नीति पर गहराई से मंथन कर नजूलभूमि पर बसे परिवारों को बचाने के लिये हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी घर पर बुलडोजर नहीं चलने दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय में याचिका दायर करने के पीछे एक गहरी साजिश है जिसे सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि संभवतः सरकार द्वारा इस मामले में न्यायालय में सही पक्ष नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी द्वारा कहा गया कि वर्ष 2022 तक देश में कोई भी गरीब नहीं रहेगा सबके पास पक्के घर होंगे। पीएम नरेंद्र मोदी के इस कथन को पूरा किया जायेगा। अपने संबोधन में विधायक राजेश शुक्ला ने संघर्ष समिति के इस आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने नजूल नीति का सरलीकरण किया। नजूल भूमि पर मालिकाना हक के लिये वर्ष 2006 से आंदोलन किया जा रहा है और अब नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने का आदेश हाईकोर्ट का है न कि सरकार का। उन्होंने कहा कि नजूल भूमि मुद्दे को लेकर कोर्ट में याचिका दायर करने वाले को ऐसे व्यक्ति का संरक्षण मिला है जिसे क्षेत्र की जनता ने अपने कंधे पर बिठाकर मंत्री बनाया। उन्होने कहा कि शीघ्र ही मलिन बस्तियों में रहने वाले परिवारों को मालिकाना हक देने के लिये कानून बनाया जायेगा। देहरादून में ऐसा प्रयास किया जा चुका है। जो शीघ्र ही पूरे देश में लागू होगा। उन्होंने कहा कि गरीबों को उनका हक देने के लिये सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। सभा को समिति के अध्यक्ष राधेश शर्मा, संयोजक नत्थू लाल गुप्ता, वीरेंद्र तिवारी, शैलेंद्र कोली, गोपी सागर, कमल श्रीवास्तव,डालचंद राजपूत सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। समिति के पदाधिकारियों ने श्री पासी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें नगर की मलिन बस्तियों को नही उजाड़े जाने व नजूल भूमि पर निवास कर रहे लोगों को मालिकाना हक दिये जाने की मांग की गई। इस दौरान कांति कोली, राजू श्रीवास्तव, राजू गुप्ता, कृष्ण पाल, महावीर,तस्लीम अहमद, राम सिंह सैनी,लवी सहगल, मुकेश पाल, हिम्मत राम, सर्वेश रस्तोगी, सुरेश शर्मा, मीना शर्मा, रीना, गोमती, अनीता देवी, सोमवती, सावित्री देवी, अयोध्या देवी,सुषमा देवी, कलावती, रामवती, लक्ष्मी मंडल सहित नगर की विभिन्न बस्तियों से आये हजारों लोग मौजूद थे।

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