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‘पहाड़ के चिंतक’ शमशेर बिष्ट नहीं रहे 

अल्मोड़ा। प्रख्यात चिंतक, जन आंदालनकारी, वरिष्ठ पत्रकार, राज्य आंदोलन के सिपाही व उत्तराखंड लोक वाहिनी के केंद्रीय अध्यक्ष डा. शमशेर सिंह बिष्ट का निधन हो गया है। वह 69 वर्ष के थे। उन्होंने शनिवार सुबह चार बजे अंतिम सांस ली। डा. बिष्ट का अंतिम संस्कार विश्वनाथ घाट पर किया गया। वह अपने पीछे पत्नी व दो पुत्रों के अलावा भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। डा. बिष्ट शुगर से पीड़ित थे। गुर्दे की तकलीफ के कारण वह पिछले चार साल से घर में ही कैद होकर रह गए थे। अल्सर भी बढ़ गया था। दिल्ली के एम्स में लंबे समय से उपचार चल रहा था। डा.बिष्ट नशा नहीं रोजगार दो आंदोलन में 40 दिन तक जेल रहे। कई आंदोलनों में उनका अहम योगदान रहा। भूमाफिया के खिलाफ भी उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी। वह सर्वदलीय संघर्ष समिति से भी जुड़े रहे। डा. बिष्ट अपनी पीछे पत्नी के अलावा पुत्र जयमित्र व अजय मित्र सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी शव यात्रा पूर्वाह्न 11 बजे उनके निवास से निकली। विश्वनाथ घाट पर जन संगठनों से जुड़े लोगों ने जनकवि गिरदा के जनगीत गाकर डा. बिष्ट को श्रद्धांजलि दी। ‘‘हम लड़तै रया दाज्यू, हम लड़तै रूलौ’ जैसे जनगीत गाए गए। उनके शव को बड़े पुत्र जयमित्र बिष्ट ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, जिलाधिकारी नितिन भदौरिया, उलोवा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, नैनीताल समाचार के संपादक राजीव लोचन साह, पूरन चंद्र तिवारी, दयाकृष्ण कांडपाल, विधानसभा उपाध्यक्ष व विधायक गोविद सिंह कुंजवाल, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद पिलख्वाल, विनोद वैष्णव बिन्नी, मंगल सिंह बिष्ट और महेश परिहार आदि मौजूद थे। इधर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अल्मोड़ा निवासी उत्तराखंड राज्य आन्दोलनकारी डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति व शोक संतप्त परिवारजनों को दुख की इस घड़ी में धैर्य प्रदान करने की ईर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट सामाजिक सरोकारों व पर्यावरणीय चेतना से जुडे रहे। उत्तराखंड राज्य आन्दोलन में सक्रिय रहने के साथ ही वनों एवं नदियों को बचाने के लिये वे संघर्षरत रहे। 1974 की अस्कोट-आराकोट यात्रा के बाद वे सभी पल्रोभनों को ठुकराकर पूरी तरह उत्तराखंड की सेवा में लग गये थे। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश, सांसद प्रदीप टम्टा, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, महामंत्री विजय सारस्वत, पूर्व मंत्री संजय पालीवाल, धीरेंद्र प्रताप, राजेंद्र शाह, अजय सिंह, महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने भी डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए ईर से उनकी आत्मा की शान्ति की प्रार्थना करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शमशेर सिंह बिष्ट राज्य आंदोलनकारी के साथ-साथ एक समाज सेवक भी थे। उन्होंने जीवन पर्यन्त समाज के गरीब एवं असहाय लोंगो की मदद के लिये आगे रहते थे।

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