भाजपा के खाते में किस किस ने डाले 25 करोड़ : हरदा
रूद्रपुर 16 सितम्बर। पूर्व सीएम और कांग्रेस महासचिव हरदा ने कुमाऊं में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। रविवार को वह एक बार फिर यूएसनगर के विभन्न क्षेत्रों से होकर रूद्रपुर पहुंचे। यहां उन्होंने पदाधिकारयों को चुनाव में एकजुट होकर तैयारियों में जुटने के निर्देश दिये। पूर्व विधायक तिलकराज बेहड़ के आवास पर उन्होंने मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार एनएच घोटाले की जांच के नाम पर कांग्रेस को बदनाम कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान लोगों ने चंदा दिया था। जिसका पैसा कांग्रेस के खाते में सिर्फ 5 करोड़ जमा हुआ। अब भाजपा एसआईटी से चंदा देने वालों की जांच कराने का ढोंग कर रही है। अगर भाजपा इतनी ईमानदार है तो पिछले दिनों भाजपा ने चंदे के नाम पर 25 करोड़ से अधिक की भारी भरकम रकम वसूली है। उन्होने सवाल उठाते हुए कहा क इसमें कितनी सच्चायी है कि यह पैसा भी कई लोगों ने घोटाले का पैसा जमा नहीं कराया है। आखिर वह कौन लोग हैं कहां से पैसा दिया है। इसकी विस्तृत जांच भी भाजपा को करनी चाहये। हरीश रावत ने अपनी सरकार में हुए एनएच घोटाले की जांच के लिये नियुक्त किये गये अधिकारी को शाजिश के तहत हटाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि घोटालेबाजों की जांच स्व्यं शुरू करायी जबकि भाजपा जनता को गुमराह कर रही है। आज दो आईएएस अफसर निलंबत कर भाजपा नाच रही है लेकन असली घाटालेबाजों को बचाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस के खाते की जांच कराने और संरक्षण देने वालों को जेल डालने के दावे पर भी पलटवार करते हुए कहा कि जस एनएचआई ने करोड़ों की बंदरबांट की है वह आज खुला घुम रहे हैं। आखिर इनको कौन बचा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एनएच घोटाले में कांग्रेस के खाते की र्चचा कर रही है। हमने जांच से कभी इनकार नहीं किया। खाते में लेन-देन का ब्योरा साफ है। सरकार जांच न कराकर सिर्फ एसआईटी जांच को भटका रही है। उन्होंने कहा कि चाहते हैं कि सरकार सभी पार्टियों के चुनाव से पहले के लेनदेन की जांच कर्रे। कहीं ऐसा न हो कि अन्य पार्टियों के खाते में भी एनएच घोटाले का पैसा जमा हुआ हो। हरीश ने कहा कि एनएच घोटाले में एनएच अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जरूरी है। जब तक उनकी जांच नहीं होगी सभी आरोपित नहीं पकड़े जा सकते। इस घोटाले में एनएच अधिकारियों की भूमिका की जांच न हुई तो एसआईटी जांच में जो लोग दोषी पाए गए हैं उन्हें सजा नहीं मिल पाएगी। उन्होंने फरार विजय माल्या के मामले में भी जांच करने की मांग की। हरीश ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और विजय माल्या की बीच बात हुई थी। जेटली ने यह बात देश को क्यों नहीं बताई। माल्या के खिलाफ सीबीआई ने लुक आउट नोटिस जारी किया था लेकिन बाद में उसे बदलकर सामान्य नोटिस कर दिया। इसकी वजह से वह विदेश भागने में सफल रहा। इस मामले की जांच की जानी चाहिए कि यह किसके इशारे पर हुआ। उन्होंने एसआईटी और सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस के साथ ही भाजपा के खाते में आयी रकम की जांच करायी जाये ताक लोगों को सच का पता चल सके।
