जनता दरबार में आईजी ने सुनीं समस्याएं: अभियान चलाकर नशा, अराजकता और साइबर अपराध पर नकेल कसने को कहा
खटीमा। कुमायूँ परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक ;आईजीद्ध श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल ने कोतवाली खटीमा में आयोजित थाना दिवस के अवसर पर जनता दरबार एवं सैनिक सम्मेलन का आयोजन कर क्षेत्रीय जनता और पुलिस कर्मियों की समस्याएँ सुनीं तथा मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। खटीमा, सितारगंज, नानकमत्ता और झनकईया थाना क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी-अपनी शिकायतें और सुझाव सामने रखे, जिन पर आईजी ने गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए। जनता दरबार में सामने आई समस्याएँ इस ओर इशारा कर रही थीं कि समाज आज मुख्यतः युवाओं की अराजकता, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक अव्यवस्था, नशाखोरी और साइबर अपराध जैसे संवेदनशील मुद्दों से जूझ रहा है। खासकर स्कूल-कॉलेजों की छुट्ठ्ठी के समय मॉडिफाइड बाइकों पर उत्पात मचाते युवकों की शिकायतें सामने आईं, जिस पर सख्त रुख अपनाते हुए आईजी ने आदेश दिया कि एक माह का विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को सीज किया जाए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें, क्योंकि यह उनके जीवन और समाज दोनों के लिए घातक है। महिला अपराधों को लेकर आईजी अग्रवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में काउंसलिंग एवं कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विवेचक और महिला हेल्पलाइन प्रभारी यह तय करें कि पीड़िता को कानूनी सहायता, भरण-पोषण तथा न्यायालय में मजबूत पैरवी प्राप्त हो। यातायात अव्यवस्था को दूर करने के लिए उन्होंने एसपी सिटी रुद्रपुर श्री उत्तम सिंह नेगी की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित कर एक माह के भीतर रिपोर्ट मांगी है, जिसमें कट खोलने, बॉटल-नेक हटाने और अतिक्रमण जैसी समस्याओं के समाधान शामिल होंगे। जनता दरबार में ‘ड्रग्स Úी उत्तराखण्ड’ को लेकर भी आईजी ने बड़ा संदेश दिया। उन्होंने युवाओं को नशे के दलदल से निकालने की सामूहिक जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि यदि किसी थाना क्षेत्र में नशे से जुड़ी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारी पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री का सपना है ‘एक सुरक्षित और नशा मुक्त उत्तराखण्ड’ और इसे जनसहभागिता से ही साकार किया जा सकता है। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं, खासकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी नई धोखाधड़ी की प्रवृत्तियों पर चिंता जताते हुए आईजी ने कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई भी कानूनी प्रावधान अस्तित्व में नहीं है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को इस प्रकार के साइबर जाल से बचने के लिए जागरूक करें और किसी भी अफवाह अथवा धमकी से न घबराएँ। जनता दरबार के समापन पर आईजी श्रीमती अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि फ्पुलिस और जनता की साझेदारी से ही अपराधों पर प्रभावी अंकुश संभव है। यदि समाज सक्रिय भागीदारी निभाए तो कुमायूँ को हम सब मिलकर एक सुरक्षित, नशा-मुक्त और साइबर अपराध मुक्त क्षेत्र बना सकते हैं। जनता दरबार के पश्चात आयोजित सैनिक सम्मेलन में आईजी ने महिला एवं पुरुष पुलिस कर्मियों की समस्याएँ ध्यानपूर्वक सुनीं और उनके त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस कर्मियों से बीट क्षेत्रों में विजिबल और स्मार्ट पुलिसिंग को प्राथमिकता देने, जनसेवा को सर्वापरि रखने तथा फ्बीट बुकय् के प्रभावी उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने महिला पुलिस कर्मियों को नेतृत्व और जिम्मेदारी वाले कार्यों में अवसर देने की बात कही, ताकि उनका मनोबल और आत्मविश्वास दोनों बढ़े। सम्मेलन में खटीमा की महिला कांस्टेबल सुनीता रावत ने ‘मिशन संवाद’ की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से पुलिस कर्मियों को मानसिक और व्यावसायिक दोनों स्तरों पर काफी सहयोग मिल रहा है। आईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि मिशन संवाद केवल पुलिस कर्मियों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिजनों की समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर मणिकान्त मिश्रा, एसपी क्राइम सुश्री निहारिका तोमर, एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी सहित क्षेत्र के समस्त सर्किल अधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे।इससे पूर्व आईजी श्रीमती अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक चंपावत अजय गणपति कुंभार के साथ बनबसा, मजगांव स्थित निर्माणाधीन थाने का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

