आपदा प्रबंधन के ‘माहिर खिलाड़ी’ निकले सीएम धामी : उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को देश भर में हो रही तारीफ
पीएम मोदी से बेहतर तालमेल के चलते हासिल किया 1200 करोड़ का राहत पैकेज, प्रतिकूल मौसम में भी ग्राउंड जीरो पर रहे मौजूद
देहरादून। चालू मानसून सीजन में उत्तराखंड में एक के बाद आई प्राकृतिक आपदाओं किए गए उत्कृष्ट राहत एवं पुनर्वास प्रबंधन के चलते सूबे के मुिखया पुष्कर सिंह धामी आपदा प्रबंधन के एक माहिर खिलाड़ी के रूप में प्रतिष्ठित हुए हैं। एयर कंडीशन ऑफिस में बैठकर आपदा की चुनौतियों से निपटने की बजाय प्रतिकूल मौसम में सुरक्षा सलाह को दरकिनार करते हुए, ग्राउंड जीरो में पहुंच कर मौके पर ही कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करने के धामी मॉडल को आज देश भर में सराहा जा रहा है। हाल के वर्षों में मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय सुधार किए हैं।क्विक रिस्पांस टीम की तत्परता ने उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को एक नया आयाम दिया है ।प्रत्येक आपदा ग्रस्त क्षेत्र में प्रभावित परिवारों के लिए त्वरित सहायता, भोजन, आवास तथा जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था ने जहां पीड़ितों को तात्कालिक राहत दी ,वही सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई फौरी सहायता राशि ने प्रभावितों को अच्छी खासी आर्थिक मजबूती प्रदान की। आपदा की चुनौतियों से लड़ते समय मुख्यमंत्री धामी ने यह बखूबी साबित किया है कि अगर नेतृत्व पूर्ण दृढ़ता एवं दूरदर्शी सोच के साथ धरातल में डट जाए तो बड़ी से बड़ी चुनौतियां भी छोटी पड़ जाती है। खास बात तो यह है कि सीएम धामी आपदा प्रभावित क्षेत्र के तात्कालिक राहत एवं पुनर्वास भर से ही संतुष्ट होकर नहीं रह गए ,बल्कि केंद्र सरकार से राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्र के पुनर्वास लिए 5702 करोड़ की मांग करने के साथ ही ,अब उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ अपने बेहतर तालमेल एवं मधुर संबंधों कि बिना पर पीएम मोदी से उत्तराखंड के लिए 1200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता हासिल करने में भी सफलता प्राप्त कर ली है ।समझा जाता है कि केंद्र से प्राप्त इस सहायता राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का पुनर्निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्गों का जीर्णाेद्धार, स्कूलों का पुनर्निर्माण, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के माध्यम से राहत प्रदान करने और पशुओं के लिए मिनी किट वितरित करने तथा प्राकृतिक आपदा से तहस-नहस हो गए क्षेत्र के पुनर्निर्माण बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए किया जाएगा।
