आई.जी. रिद्धिम अग्रवाल ने भारत-नेपाल सीमा का किया निरीक्षण, पुलिस सीमा पर पूरी तरह मुस्तैद
खटीमा(उद संवाददाता)। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुमायूँ रेंज की आई.जी. श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल ने मेलाघाट बार्डर का दौरा कर जमीनी हालात का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एस.एस.बी. और पुलिस अधिकारियों के साथ सीमा क्षेत्र की चौकसी की व्यापक समीक्षा की तथा सुरक्षा तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आई.जी. अग्रवाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षाकर्मियों से बातचीत कर सुरक्षा उपायों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ष्सीमांत सुरक्षा का संकल्प दृ जनता की सुरक्षा से समझौता नहीं केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनके साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधमसिंहनगर श्री मणिकांत मिश्रा, एसएसबी कमांडेंट श्री मनोहर, एसपी क्राइम सुश्री निहारिका तोमर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। आई.जी. ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी चिंताओं और सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती थाना-चौकियों को सुदृढ़ किया जा चुका है तथा हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की असामान्य हलचल या सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाए। कुमायूँ रेंज की पुलिस सीमा पर पूरी तरह मुस्तैद है और सुरक्षा के मोर्चे पर कमर कस चुकी है। भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के निर्देशानुसार, सीमांत क्षेत्रों में निगरानी को और अधिक सघन किया गया है। कुमायूँ के तीन प्रमुख सीमावर्ती जनपदकृऊधमसिंहनगर, चंपावत और पिथौरागढ़ में पुलिस, एस.एस.बी., वन विभाग तथा ग्राम चौकीदारों की संयुक्त टीमें चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं। आई.जी. अग्रवाल ने यह भी कहा कि सुरक्षा तंत्र को सफल बनाने में सीमावर्ती गांवों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आमजन से संयम और सतर्कता बनाए रखने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और कोई भी संदिग्ध जानकारी तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराएं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि प्रहरी की आँखों से नहीं छूटेगा कोई संशय और सीमांत ग्रामों के सहयोग से एक अटूट सुरक्षा चक्रव्यूह तैयार किया जा रहा है। कुमायूँ पुलिस की प्रतिब(ता जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, और इस दिशा में हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।


