गलत इंजेक्शन से मौत के मामले में झोलाछाप चिकित्सक गिरफ्तार
किच्छा। नगर में झोलाछाप डॉक्टर के कारण हुई मौत के मामले में पुलिस ने गलत इंजेक्शन लगाकर एक व्यक्ति की जान लेने के बाद फरार चल रहे फर्जी चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया है। करीब एक माह तक पुलिस को चकमा देने के बाद आखिरकार उसे मुखबिर की सूचना पर काली मंदिर के पास से गिरफ्रतार कर लिया गया।कोतवाली किच्छा के वरिष्ठ उप निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद मौनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर क्षेत्र में चरन सिंह नामक व्यक्ति लंबे समय से फर्जी तरीके से क्लीनिक चला रहा था। स्थानीय लोग उसे डॉक्टर समझकर उपचार के लिए उसके पास पहुंचते थे। बीती 2 अगस्त को चरन सिंह ने इलाज के दौरान एक मरीज को गलत इंजेक्शन लगा दिया था। इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद मरीज की हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से मृतक के परिजनों में रोष फैल गया और उन्होंने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन घटना के बाद से ही झोलाछाप चिकित्सक चरन सिंह फरार हो गया था। पुलिस की कई टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी, मगर आरोपी हाथ नहीं लगा। इस बीच आरोपी लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। आखिरकार पुलिस को उस समय सफलता मिली जब मुखबिर ने सूचना दी कि चरन सिंह काली मंदिर के पास दिखाई दिया है।सूचना मिलते ही एसएसआई राजेंद्र प्रसाद मौनियाल के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में कलकत्ता फार्म चौकी प्रभारी ओमप्रकाश सिंह नेगी, एसआई हेम चंद्र तिवारी, कांस्टेबल देवराज सिंह और उमेश कुमार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर न्यायालय भेजा गया है। साथ ही उसके क्लीनिक और अब तक किए गए फर्जी उपचारों की भी जांच की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह झोलाछाप डॉक्टरों को बख्शा नहीं जाएगा और नगर में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
